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गुरुपर्व से पहले अमृतसर के लिए ट्रेन
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 12 Nov 2013 10:16 AM IST
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ट्राइसिटी के लोग इस साल ट्रेन से गुरुपर्व पर रविवार को अमृतसर जाकर स्वर्ण मंदिर में मत्था टेककर शाम को वापस चंडीगढ़ लौट सकेंगे।
चंडीगढ़ से अमृतसर के बीच नई इंटरसिटी एक्सप्रेस गुरु नानक देव की जयंती से दो दिन पहले शुरू हो रही है। 15 नवंबर से यह ट्रेन चलेगी और चंडीगढ़ के प्रशासक और पंजाब के राज्यपाल शिवराज पाटिल और सांसद व पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री पवन कुमार बंसल चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर पर सुबह इस ट्रेन को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
ऐसा पहली बार होगा जब चंडीगढ़ से चलने वाली किसी ट्रेन को प्रशासक शिवराज पाटिल झंडी दिखाएंगे। पहले इस ट्रेन को 17 नवंबर से गुरुपर्व के दिन चलाने की योजना थी।
लेकिन, उस दिन रेलवे की परीक्षा होने के कारण इसे दो दिन पहले चलाने का निर्णय लिया गया है। एक दो दिन में ट्रेन का शेड्यूल जारी हो जाएगा और आरक्षण शुरू हो जाएगा। ट्रेन में सेकेंड सीटिंग और एसी चेयरकार के कोच होंगे।
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ट्रेन का शेड्यूल अभी जारी नहीं
इस ट्रेन का चंडीगढ़ से रवाना होने का समय अभी तय नहीं हुआ हैं। हालांकि , यह ट्रेन चंडीगढ़ से चलकर दोपहर करीब 11:30 बजे अमृतसर पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन शाम 5:30 से 6 बजे के बीच अमृतसर से प्रस्थान करेगी और रात को 10 से 10:30 बजे के बीच चंडीगढ़ पहुंचेगी।
अभी अमृतसर और चंडीगढ़ के बीच जो सुपरफास्ट एक्सप्रेस चलती है वह चंडीगढ़ से शाम 5:30 बजे चलती है और रात 9:10 बजे अमृतसर पहुंचती है। अमृतसर से सुबह 5:20 बजे रवाना होती है और सुबह 9:05 मिनट पर चंडीगढ़ पहुंचती है। इससे उन यात्रियों को लाभ नहीं मिल पा रहा था जो कि सुबह अमृतसर जाकर शाम को वापस लौटना चाहते थे।
पहले जारी हुए शेड्यूल का हुआ था विरोध
ध्यान रहे कि इस के ट्रेन शुरू होने से पहले ही इसके समय में बदलाव किया गया है। रेलवे ने एक जुलाई को जब इस ट्रेन का शेड्यूल जारी किया था तो ट्रेन के समय पर ट्राइसिटी के लोगों के साथ-साथ पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री और चंडीगढ़ के सांसद पवन कुमार बंसल ने भी आपत्ति की थी।
इस ट्रेन ने चंडीगढ़ से सुबह 7:30 बजे चलना था और 11:55 बजे अमृतसर पहुंचना था। वापसी में इस ट्रेन को अमृतसर से दोपहर 2:05 बजे प्रस्थान करना था और शाम 6:30 बजे चंडीगढ़ पहुंचना था।
ऐसे में ट्राइसिटी के लोगों को 2 घंटे 10 मिनट का समय ही अमृतसर में स्वर्ण मंदिर में मत्था टेकने या कोई अन्य काम के लिए मिलने थे। लेकिन, अब नए समय से लोगों को लगभग पांच घंटे का समय मिल जाएगा।
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चंडीगढ़ से अमृतसर के बीच नई इंटरसिटी एक्सप्रेस गुरु नानक देव की जयंती से दो दिन पहले शुरू हो रही है। 15 नवंबर से यह ट्रेन चलेगी और चंडीगढ़ के प्रशासक और पंजाब के राज्यपाल शिवराज पाटिल और सांसद व पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री पवन कुमार बंसल चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पर पर सुबह इस ट्रेन को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
ऐसा पहली बार होगा जब चंडीगढ़ से चलने वाली किसी ट्रेन को प्रशासक शिवराज पाटिल झंडी दिखाएंगे। पहले इस ट्रेन को 17 नवंबर से गुरुपर्व के दिन चलाने की योजना थी।
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लेकिन, उस दिन रेलवे की परीक्षा होने के कारण इसे दो दिन पहले चलाने का निर्णय लिया गया है। एक दो दिन में ट्रेन का शेड्यूल जारी हो जाएगा और आरक्षण शुरू हो जाएगा। ट्रेन में सेकेंड सीटिंग और एसी चेयरकार के कोच होंगे।
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ट्रेन का शेड्यूल अभी जारी नहीं
इस ट्रेन का चंडीगढ़ से रवाना होने का समय अभी तय नहीं हुआ हैं। हालांकि , यह ट्रेन चंडीगढ़ से चलकर दोपहर करीब 11:30 बजे अमृतसर पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन शाम 5:30 से 6 बजे के बीच अमृतसर से प्रस्थान करेगी और रात को 10 से 10:30 बजे के बीच चंडीगढ़ पहुंचेगी।
अभी अमृतसर और चंडीगढ़ के बीच जो सुपरफास्ट एक्सप्रेस चलती है वह चंडीगढ़ से शाम 5:30 बजे चलती है और रात 9:10 बजे अमृतसर पहुंचती है। अमृतसर से सुबह 5:20 बजे रवाना होती है और सुबह 9:05 मिनट पर चंडीगढ़ पहुंचती है। इससे उन यात्रियों को लाभ नहीं मिल पा रहा था जो कि सुबह अमृतसर जाकर शाम को वापस लौटना चाहते थे।
पहले जारी हुए शेड्यूल का हुआ था विरोध
ध्यान रहे कि इस के ट्रेन शुरू होने से पहले ही इसके समय में बदलाव किया गया है। रेलवे ने एक जुलाई को जब इस ट्रेन का शेड्यूल जारी किया था तो ट्रेन के समय पर ट्राइसिटी के लोगों के साथ-साथ पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री और चंडीगढ़ के सांसद पवन कुमार बंसल ने भी आपत्ति की थी।
इस ट्रेन ने चंडीगढ़ से सुबह 7:30 बजे चलना था और 11:55 बजे अमृतसर पहुंचना था। वापसी में इस ट्रेन को अमृतसर से दोपहर 2:05 बजे प्रस्थान करना था और शाम 6:30 बजे चंडीगढ़ पहुंचना था।
ऐसे में ट्राइसिटी के लोगों को 2 घंटे 10 मिनट का समय ही अमृतसर में स्वर्ण मंदिर में मत्था टेकने या कोई अन्य काम के लिए मिलने थे। लेकिन, अब नए समय से लोगों को लगभग पांच घंटे का समय मिल जाएगा।