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हरियाणा में 27 जून से 'रेल रोको आंदोलन', महिलाएं करेंगी अगुवाई, देश में 56 जगहों पर रोकेंगे ट्रेनें

Mon, 24 Jun 2019 02:22 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अंबाला सिटी(हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अंबाला सिटी(हरियाणा) Published by: खुशबू गोयल Updated Mon, 24 Jun 2019 02:22 PM IST
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train congestion by haryana public from 27 june
फाइल फोटो
हरियाणा में 27 जून से रेल रोके आंदोलन शुरू हो रहा है, जिसकी अगुवाई महिलाएं करेंगी। देश भर में करीब 56 जगहों पर ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित होगी। एनएच-152 डी की अवार्ड राशि में संशोधन की मांग केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ हुई बैठक के बाद भी सिरे नहीं चढ़ी है।
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अब किसानों ने रेल रोको आंदोलन की रूपरेखा नए सिरे तैयार करते हुए महिलाओं को इसमें शामिल कर लिया है। किसान नेता रमेश दलाल का कहना है कि 27 जून को प्रदेश में 29 जगहों पर ट्रेनें रोकी जाएंगी और इस आंदोलन की अगुवाई महिलाएं करेंगी। दूसरे प्रदेशों में भी प्रतिनिधि भेजे जा चुके हैं और अगर सरकार ने रेले रोको आंदोलन के दौरान गिरफ्तारियां कीं तो देश के अन्य राज्यों में भी एक कॉल पर 56 जगह ट्रेनें रोक दी जाएंगी।
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नेशनल हाइवे की अवार्ड राशि में संशोधन की मांग को लेकर चरखी दादरी और जींद के किसान पिछले काफी समय से धरने पर बैठे हैं। चरखी दादरी में गत 26 फरवरी से धरना जारी है और किसान सरकार व अधिकारियों के रवैये से खफा हैं। करीब बीस दिन पहले किसानों ने हरियाणा में 29 जगहों पर रेल रोकने का एलान किया था।
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इसके बाद मुख्यमंत्री की मौजूदगी में किसानों के प्रतिनिधिमंडल की 12 जून को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ बैठक हुई थी। उस बैठक में नितिन गडकरी ने सरकार को अवार्ड राशि में संशोधन कर प्रपोजल भेजने के निर्देश दिए थे। रविवार को 11 दिन हो गए, लेकिन सरकार ने अब तक प्रक्रिया शुरू नहीं की है।

किसान नेता रमेश दलाल ने बताया कि रविवार को महिलाओं ने भी 27 जून के रेल रोको आंदोलन में भागीदारी निभाने का फैसला लिया है। दलाल ने संकेत देते हुए कहा कि अगर हरियाणा में रेल रोको आंदोलन के दौरान किसानों से छेड़छाड़ की गई तो फिर देश भर में रेलें रोक दी जाएंगी।

उन्होंने बताया कि उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, बंगाल, उत्तराखंड, गुजरात, महाराष्ट्र, उड़ीसा, तमिलनाडु सहित अन्य राज्यों में भी प्रतिनिधि भेजे जा चुके हैं और वे वहां के संगठनों के साथ बातचीत भी कर चुके हैं। यह आंदोलन देश का सबसे बड़ा किसान आंदोलन होगा और रेल रोकने की तैयारियां इस बार बड़े स्तर पर की गई हैं।

227 महिला और 185 सामाजिक संगठनों का समर्थन
किसान नेता रमेश दलाल ने बताया कि किसानों के आंदोलन को बांबे हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज व 142 अधिवक्ता समर्थन दे चुके हैं। पहले महिला संगठन इस आंदोलन से नहीं जुड़े थे, लेकिन बीते कुछ दिनों में ही 227 महिला संगठनों ने और 185 सामाजिक संगठनों ने आंदोलन को समर्थन दिया है।

संसद व पीएम आवास का घेराव अगला कदम
किसानों और महिलाओं को संबोधित करते हुए रमेश दलाल ने कहा कि सरकार के पास 26 जून तक का समय है और 27 जून को किसान प्रदेश में 29 जगहों पर रेल रोक देंगे। उन्होंने बताया कि दिल्ली में संसद और पीएम आवास का घेराव करने के लिए भी काफी किसान संगठनों और महिला संगठनों से बातचीत हो चुकी है। रेल रोको आंदोलन के बाद ये किसानों के अगले कदम होंगे।
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