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उफ्फ! ये कैसे चालान जिनसे पुलिस भी परेशान?

Sun, 29 Mar 2015 11:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 29 Mar 2015 11:35 AM IST
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traffic police in problem due to challan on whatsapp, facebook, cctv

सिटी की हाईटेक ट्रैफिक पुलिस को व्हाट्सएप, फेसबुक और सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पर चालान काटना महंगा पड़ रहा है। शहर में रोजाना कुल 800 से अधिक चालान काटे जाते हैं। इसमें से ज्यादातर लोगों को मौके पर ही चालान काटकर रसीद दे दी जाती है। मगर जिन वाहनों के चालान के बाद समन भेजने होते हैं, उसमें पुलिस को खासी परेशानी व अतिरिक्त खर्चे वहन करने पड़ते हैं। यही नहीं ट्रैफिक पुलिस का समय भी जाया जाता है।

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शहर में बाहरी गाड़ियां ज्यादा
चंडीगढ़ में रोजाना बाहरी राज्यों के वाहनों की इंट्री अधिक संख्या में होती है। दरअसल, पंजाब और हरियाणा की राजधानी होने व हाईकोर्ट समेत अन्य कई महत्वपूर्ण आफिस व बड़े अधिकारियों के निवास यहीं पर हैं। इसी वजह से शहर में रोजाना बड़ी संख्या में वाहन आते है। वहीं हिमाचल नंबर के वाहनों की इंट्री भी शहर में रोजाना होती है।
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ऐसे हाईटेक हुई ट्रैफिक पुलिस
ट्रैफिक पुलिस ने फेसबुक व व्हाट्सएप साइट लांच की है। इन साइट पर किसी भी ट्रैफिक नियम का उल्लंघन करने वाले का फोटो व थोड़ी सी जानकारी कोई भी पोस्ट कर सकता है। करीब 30 मिनट के अंदर ट्रैफिक पुलिस उसकी जांच करके वाहन चालक पर कार्रवाई करती है। चालान घर पर भेज दिया जाता है। इसी तरह अगर ट्रैफिक नियम का उल्लंघन सीसीटीवी में कैद होता है, तो वाहन चालक के घर चालान व बाद में सम्मन भेजा जाता है।
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हर महीने करीब चार हजार चालान
चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस फेसबुक और वाट्सऐप के जरिए मिलने वाले फोटो की पहले खुद स्पॉट पर जाकर जांच करती है और फिर गलत पाए जाने पर चालान काटा जाता है। अगर वाहन चालक ट्राइसिटी के बाहर का हो तो पुलिस को अतिरिक्त खर्चे उठाने पड़ते हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बाहरी गाड़ियों का चालान बाई पोस्ट भेजना पड़ता है। हर माह करीब चार हजार से अधिक वाहनों का चालान ऐसे ही काटे जाते हैं।


ऑन द स्पॉट चालान भुगतान की सुविधा
बाहरी गाड़ियों के लिए ऑन द स्पॉट चालान भुगतान करने की सुविधा है। पुलिस चालान काटती है तो ज्यादातर लोग वहीं चालान का भुगतान कर देते हैं, जबकि हाइटेक तरीके से चालान के बाद नोटिस उनके घर भेजना पड़ता है।

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