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Hindi News ›   Chandigarh ›   Traffic Management and Research Institute to stop Road Accidents

सड़क हादसे रोकेगा 50 करोड़ का ये प्रोजेक्ट

Sun, 15 Jun 2014 08:11 AM IST
डॉ. सुरेंद्र धीमान/अमर उजाला, चंडीगढ़
डॉ. सुरेंद्र धीमान/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 15 Jun 2014 08:11 AM IST
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Traffic Management and Research Institute to stop Road Accidents

देश में सड़क हादसे रोकने के लिए गृह मंत्रालय ट्रैफिक मैनेजमेंट और रिसर्च पर नेशनल इंस्टीट्यूट खोलेगा। इस इंस्टीट्यूट में यातायात प्रबंधन में लगे पुलिसकर्मियों, सिविल लोगों की ट्रेनिंग और रिसर्च का काम होगा।

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गृह मंत्रालय ने एनसीआर में यह इंस्टीट्यूट स्थापित करने के लिए हरियाणा सरकार से 50 एकड़ जमीन मुहैया कराने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने जमीन तलाशने के निर्देश दिए हैं।
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गृह मंत्रालय ने इस संबंध में पुलिस महानिदेशक एसएन वशिष्ठ को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि मंत्रालय यातायात प्रबंधन के लिए पुलिस और सिविल लोगों को ट्रेनिंग और रिसर्च कराने के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट स्थापित करने की प्रक्रिया में है।
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करीब 50 करोड़ खर्च होंगे निर्माण पर

Traffic Management and Research Institute to stop Road Accidents

मंत्रालय यह इंस्टीट्यूट एनसीआर के गुड़गांव, फरीदाबाद, कुंडली, राई या अन्य क्षेत्र में स्थापित करना चाहता है। इसके लिए 50 एकड़ जमीन चाहिए जिसका संपर्क नेशनल या स्टेट हाईवे, रेलवे और हवाई नेटवर्क से हो।

इसके अलावा इंस्टीट्यूट के स्टाफ और उनके बच्चों के लिए मेडिकल एजुकेशनल सुविधा भी हो। इस प्रतिष्ठित इंस्टीट्यूट में ट्रेनिंग ब्लॉक, प्रैक्टिकल ट्रेनिंग एरिया, वर्कशॉप, ट्रैफिक पार्क, प्रशासनिक ब्लॉक, हॉस्टल, मेस और आवासीय भवन होंगे।

मंत्रालय के अनुसार इस इंस्टीट्यूट को स्थापित करने पर केंद्र करीब 50 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इसमें 40-42 करोड़ रुपये भवन निर्माण और ढांचागत विकास पर खर्च होंगे और 6-8 करोड़ रुपये मशीनरी, उपकरण, वाहनों पर खर्च होंगे। यह जमीन या तो मुफ्त मुहैया कराई जाए या रिजर्व प्राइस का 5-10 फीसदी मामूली कीमत पर दी जाए।

हरियाणा को होगा फायदा

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गृह मंत्रालय के अनुसारइसके स्थापित होने से हरियाणा को कई फायदे होंगे। इंस्टीट्यूट के आसपास का एरिया विकसित होगा। हाउस कीपिंग, मेस, ड्राइवर, सिक्योरिटी गार्ड, डाटा एंट्री ऑपरेटर्स और अन्य सेवाएं आउटसोर्स की जाएंगी, जिससे स्थानीय लोगों को नौकरी के अवसर मिलेंगे। इंस्टीट्यूट में करीब 250 का स्टाफ होगा। कैंपस में उनके परिवार भी रहेंगे।

इसके अलावा करीब 100 ट्रेनी एक समय में रहेंगे। वे सब्जी, राशन और अन्य के लिए स्थानीय बाजार पर निर्भर रहेंगे। यह स्थानीय लोगों की आमदनी का जरिया बनेगा। ट्रैफिक एक्सीडेंट इनवेस्टीगेशन और ट्रैफिक मैनेजमेंट के कोर्स इंस्टीट्यूट में होंगे जिससे हरियाणा पुलिस अफसरों की ट्रैफिक मैनेजमेंट और इनवेस्टीगेशन का स्तर उठेगा।

रिटायर्ड पुलिस, ज्यूडिशियल, मेडिकल और फॉरेंसिक अफसरों को फैकल्टी और गेस्ट फैकल्टी के अवसर मिलेंगे। राष्ट्रीय संस्थान स्थापित होने से हरियाणा का नाम नेशनल लेवल पुलिस ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के नक्शे पर आएगा।

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