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जितना मर्जी डांटो, यूं ही चलेंगे ऑटो
अमर उजाला, कालका
Updated Thu, 05 Dec 2013 02:55 PM IST
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शहर भर में आटो चालकों की मनमानी जारी है। कालका का कमेटी चौक हो या कालका-शिमला मार्ग या फिर एसडीएम ऑफिस की ओर जाने वाली सड़क...।
हर जगह ऑटो चालकों की मनमानी, अवैध तरीके से पार्किंग का सिलसिला जारी है। इससे सड़कों पर जाम की स्थिति तो बनी ही रहती है, दुकानदारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ऑटो और टैक्सी चालकों के रोड पर खड़े रहने के कारण दुकानदारी प्रभावित होती है। यदि कोई ग्राहक अपनी गाड़ी में बाजार की दुकान पर आना भी चाहें तो वे जाम के बीच में फंस जाते हैं और जहां गाड़ी खरीदने की जगह मिलती है, वहीं खरीदारी कर लौट जाते हैं।
- ललित धीमान, रेलवे रोड के दुकानदार
कुछ ऑटो मालिक नाबालिग को चालक रखते हैं। यह ट्रैफिक नियमों का तो उल्लंघन है ही, सवारियों की जान से खिलवाड़ भी है। इन्हें न नियम की परवाह होती है और न ही बाजार में जाम लगने की, जहां मर्जी आटो खड़े कर देते हैं। इससे दुकानदारी प्रभावित होती है।
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- अनिल भल्ला, मेन बाजार के दुकानदार
सर्दियों के मौसम में जल्द अंधेरा होने के कारण रोजमर्रा ऑफिस, ट्यूशन व कामकाज के लिए आने-जाने वाली महिलाओं व लड़कियों को ऑटो या टैक्सी से आवाजाही करनी पड़ती है। यदि आटो चालकों पर सख्ती नहीं बरती गई, तो जिस तरह हिमाचल के बुजुर्गों के साथ वारदात हुई, वैसी वारदात फिर दोहरा सकती है।
- रीटा देवी, टिपरा निवासी
अधिकतर वाहन चालक बिना लाइसेंस के ही गाड़ियां चला रहे हैं। नियमों का पालन नहीं होता है। कालका-पिंजौर में लगने वाले जाम का मुख्य कारण भी यही है। इसमें ऑटो चालकों और टैक्सी चालक भी जिम्मेदार हैं।
- मलविन्द्र सिंह बेदी, नेता, यूथ अकाली दल
यदि नगर-निगम कालका जोन कार्यालय जाना हो तो रास्ते में खड़ी टैक्सियां व ऑटो की लंबी लाइनों के कारण काफी समय बर्बाद होता है। ट्रैफिक पुलिस को सख्ती बरतनी चाहिए।
- सुच्चा राम माजरा, अध्यक्ष, कालका भाजपा मंडल
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हर जगह ऑटो चालकों की मनमानी, अवैध तरीके से पार्किंग का सिलसिला जारी है। इससे सड़कों पर जाम की स्थिति तो बनी ही रहती है, दुकानदारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ऑटो और टैक्सी चालकों के रोड पर खड़े रहने के कारण दुकानदारी प्रभावित होती है। यदि कोई ग्राहक अपनी गाड़ी में बाजार की दुकान पर आना भी चाहें तो वे जाम के बीच में फंस जाते हैं और जहां गाड़ी खरीदने की जगह मिलती है, वहीं खरीदारी कर लौट जाते हैं।
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- ललित धीमान, रेलवे रोड के दुकानदार
कुछ ऑटो मालिक नाबालिग को चालक रखते हैं। यह ट्रैफिक नियमों का तो उल्लंघन है ही, सवारियों की जान से खिलवाड़ भी है। इन्हें न नियम की परवाह होती है और न ही बाजार में जाम लगने की, जहां मर्जी आटो खड़े कर देते हैं। इससे दुकानदारी प्रभावित होती है।
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- अनिल भल्ला, मेन बाजार के दुकानदार
सर्दियों के मौसम में जल्द अंधेरा होने के कारण रोजमर्रा ऑफिस, ट्यूशन व कामकाज के लिए आने-जाने वाली महिलाओं व लड़कियों को ऑटो या टैक्सी से आवाजाही करनी पड़ती है। यदि आटो चालकों पर सख्ती नहीं बरती गई, तो जिस तरह हिमाचल के बुजुर्गों के साथ वारदात हुई, वैसी वारदात फिर दोहरा सकती है।
- रीटा देवी, टिपरा निवासी
अधिकतर वाहन चालक बिना लाइसेंस के ही गाड़ियां चला रहे हैं। नियमों का पालन नहीं होता है। कालका-पिंजौर में लगने वाले जाम का मुख्य कारण भी यही है। इसमें ऑटो चालकों और टैक्सी चालक भी जिम्मेदार हैं।
- मलविन्द्र सिंह बेदी, नेता, यूथ अकाली दल
यदि नगर-निगम कालका जोन कार्यालय जाना हो तो रास्ते में खड़ी टैक्सियां व ऑटो की लंबी लाइनों के कारण काफी समय बर्बाद होता है। ट्रैफिक पुलिस को सख्ती बरतनी चाहिए।
- सुच्चा राम माजरा, अध्यक्ष, कालका भाजपा मंडल