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एचसीएस पेपर लीक: टॉपर सुनीता की जमानत याचिका दूसरी बार खारिज
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 18 Jan 2018 09:36 AM IST
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बातचीत करते आरोपी सुनीता और हाईकोर्ट के पूर्व रजिस्ट्रार डॉ. बलविंदर कुमार शर्मा।
- फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा सिविल सर्विसेज (जूडिशियल) पेपर लीक मामले की मुख्य आरोपी सुनीता की जमानत याचिका अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने खारिज कर दी। इससे पहले भी निचली अदालत से सुनीता की जमानत याचिका खारिज हो चुकी है। केस की जांच कर रही स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम की ओर से 5 जनवरी को चार्जशीट दायर करने को आधार बनाते हुए सुनीता ने ऊपरी अदालत में जमानत के लिए याचिका दायर की थी। इसका पुलिस की ओर से दाखिल जवाब में विरोध किया गया था।
इससे पहले सुनीता की ओर से दायर जमानत याचिका में कहा गया है कि उसे इस केस में झूठा फंसाया गया है। याचिका में उसने पुलिस एफआईआर में दर्ज आरोप का खंडन करते हुए कहा है कि उसका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। वहीं, उसका कहना है कि एसआईटी ने मामले में चार्जशीट दायर कर चुकी है, ऐसे में अब उससे कोई पूछताछ या रिकवरी नहीं होनी है। इस आधार पर उसे जमानत का लाभ दिया जाए।
एसआईटी की ओर से दायर जवाब में सुनीता की जमानत का विरोध किया गया था। पुलिस के अनुसार अगर सुनीता को जमानत दी गई तो वह बाहर आकर गवाहों को धमका सकती है। सुबूतों से छेड़छाड़ कर जांच को प्रभावित कर सकती है।
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वॉयस सैंपल याचिका का किया विरोध
एसआईटी ने अदालत में आरोपी टॉपर सुनीता और सुशीला के अलावा शिकायतकर्ता सुमन के वॉयस सैंपल के लिए याचिका दायर की थी। सुमन सैंपल के लिए अनुमति दे चुकी है। वहीं सुनीता की ओर से याचिका का विरोध किया गया है। उसकी ओर से दायर जवाब में कहा गया है कि याचिका का कोई आधार नहीं बनता। पुलिस मामले में अदालत में चालान पेश कर चुकी है। वहीं, अदालत की ओर से इस मामले में जांच के कोई आदेश भी नहीं दिए गए हैं। इसके अलावा आरोपी को पुलिस की ओर से उनके मोबाइल पर बातचीत या रिकार्डिंग की कोई कॉपी या सीडी भी मुहैया नहीं कराई गई है।
हाईकोर्ट रजिस्ट्रार को सौंपी चालान की कॉपी
बुधवार को मामले में आरोपी पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व रजिस्ट्रार (रिक्रूटमेंट) डॉ. बलविंदर कुमार शर्मा को चालान की कॉपी सौंप दी गई। पुलिस ने 5 जनवरी को सुनीता और डॉ. शर्मा के खिलाफ 2140 पेज का चालान दायर किया था। मुख्य आरोपी सुनीता को पहले ही चालान की कॉपी दे दी गई है। केस की अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी। उस दिन दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने को लेकर बहस होगी। उसके बाद दोनों के खिलाफ आरोप तय होंगे। वहीं, सुशीला के अभी पुलिस रिमांड में होने के कारण उसके खिलाफ सप्लीमेंटरी चालान दाखिल किया जाएगा।
डॉ. शर्मा ने अदालत की अनुमति से सुनीता से की बातचीत
बुधवार को डॉ. शर्मा को चालान की कॉपी सौंपने के लिए पेश किया गया था। इस दौरान सुनीता की जमानत याचिका पर भी सुनवाई थी। चालान की कॉपी मिलने के बाद डॉ. शर्मा ने अदालत से आरोपी सुनीता से बातचीत करने की अनुमति मांगी। अदालत के अनुमति देने के बाद दोनों ने कोर्ट रूम के बाहर वकीलों की मौजूदगी में दो-तीन मिनट बात की।
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इससे पहले सुनीता की ओर से दायर जमानत याचिका में कहा गया है कि उसे इस केस में झूठा फंसाया गया है। याचिका में उसने पुलिस एफआईआर में दर्ज आरोप का खंडन करते हुए कहा है कि उसका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। वहीं, उसका कहना है कि एसआईटी ने मामले में चार्जशीट दायर कर चुकी है, ऐसे में अब उससे कोई पूछताछ या रिकवरी नहीं होनी है। इस आधार पर उसे जमानत का लाभ दिया जाए।
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एसआईटी की ओर से दायर जवाब में सुनीता की जमानत का विरोध किया गया था। पुलिस के अनुसार अगर सुनीता को जमानत दी गई तो वह बाहर आकर गवाहों को धमका सकती है। सुबूतों से छेड़छाड़ कर जांच को प्रभावित कर सकती है।
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वॉयस सैंपल याचिका का किया विरोध
एसआईटी ने अदालत में आरोपी टॉपर सुनीता और सुशीला के अलावा शिकायतकर्ता सुमन के वॉयस सैंपल के लिए याचिका दायर की थी। सुमन सैंपल के लिए अनुमति दे चुकी है। वहीं सुनीता की ओर से याचिका का विरोध किया गया है। उसकी ओर से दायर जवाब में कहा गया है कि याचिका का कोई आधार नहीं बनता। पुलिस मामले में अदालत में चालान पेश कर चुकी है। वहीं, अदालत की ओर से इस मामले में जांच के कोई आदेश भी नहीं दिए गए हैं। इसके अलावा आरोपी को पुलिस की ओर से उनके मोबाइल पर बातचीत या रिकार्डिंग की कोई कॉपी या सीडी भी मुहैया नहीं कराई गई है।
हाईकोर्ट रजिस्ट्रार को सौंपी चालान की कॉपी
बुधवार को मामले में आरोपी पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व रजिस्ट्रार (रिक्रूटमेंट) डॉ. बलविंदर कुमार शर्मा को चालान की कॉपी सौंप दी गई। पुलिस ने 5 जनवरी को सुनीता और डॉ. शर्मा के खिलाफ 2140 पेज का चालान दायर किया था। मुख्य आरोपी सुनीता को पहले ही चालान की कॉपी दे दी गई है। केस की अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी। उस दिन दोनों आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने को लेकर बहस होगी। उसके बाद दोनों के खिलाफ आरोप तय होंगे। वहीं, सुशीला के अभी पुलिस रिमांड में होने के कारण उसके खिलाफ सप्लीमेंटरी चालान दाखिल किया जाएगा।
डॉ. शर्मा ने अदालत की अनुमति से सुनीता से की बातचीत
बुधवार को डॉ. शर्मा को चालान की कॉपी सौंपने के लिए पेश किया गया था। इस दौरान सुनीता की जमानत याचिका पर भी सुनवाई थी। चालान की कॉपी मिलने के बाद डॉ. शर्मा ने अदालत से आरोपी सुनीता से बातचीत करने की अनुमति मांगी। अदालत के अनुमति देने के बाद दोनों ने कोर्ट रूम के बाहर वकीलों की मौजूदगी में दो-तीन मिनट बात की।