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मरीजों के लिए पीजीआई की ये नई सुविधा, ध्यान दें

Mon, 07 Apr 2014 11:24 AM IST
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 07 Apr 2014 11:24 AM IST
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token system will be start in PGI
पीजीआई की न्यू ओपीडी में टोकन सिस्टम फिर से नई मजबूतियों के साथ लांच करने का फैसला लिया है। योजना के मुताबिक रजिस्ट्रेशन के वक्त मरीजों को एक टोकन नंबर दिया जाएगा।
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नंबर देने के साथ मरीज को रूम नंबर की जानकारी भी दी जाएगी। मरीज टोकन नंबर लेकर बताए गए कमरे के सामने पहुंचेगा। कमरे के बाहर 32 इंच की एलसीडी लगी होगी, जिस पर नंबर डिस्पले होगा। मरीज को आसानी से पता चल जाएगा कि डाक्टर किस नंबर के पेशेंट को देख रहा है।
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इससे मरीज के दिमाग में किसी प्रकार की कोई उलझन नहीं होगी और आराम से अपनी बारी का इंतजार कर सकेगा। पीजीआई के इस नए कदम से मरीजों को काफी सहुलियत मिलेगी। सबसे ज्यादा दिक्कते ओपीडी के मरीजों को आती हैं।
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पीजीआई प्रशासन का कहना है कि इस बारे में काम तेजी से चल रहा है। एलसीडी सप्लायर से बातचीत अंतिम दौर में है। कोशिश रहेगी कि अगले महीने तक मरीजों को टोकन मिलने लगे।

तीन कमरों की जानकारी एक जगह होगी डिस्प्ले
पहले हर कमरे के बाहर छोटी एलसीडी लगाए जाने की योजना थी। इस स्क्रीन पर नंबर डिस्प्ले को लेकर परेशानी आ रही थी। अब बड़ी एलसीडी लगाने का फैसला लिया गया है। इस एलसीडी को तीन कमरों के साथ जोड़ा जाएगा। तीन कमरों की जानकारी एक एलसीडी पर होगी। इसका फायदा यह होगा कि बड़ी एलसीडी पर सीनियर सिटीजन भी आसानी से अपने नंबर देख सकेंगे। पीजीआई का टोकन सिस्टम ठीक वैसा होगा, जिस प्रकार से कई प्राइवेट बैंकों में होता था।

मरीजों को मिलेगा काफी फायदा
पीजीआई में रोजाना आठ से दस हजार मरीजों की ओपीडी होती है। इतनी ज्यादा भीड़ होने के कारण मरीजों को संभालना काफी मुश्किल होता है। मौजूदा स्थिति में मरीजों के कार्ड बनते हैं और अटेंडेंट काउंटर से सीधे डाक्टरों के रूम में ले जाते हैं। इसमें लोगों को पता नहीं चलता कि उनका कार्ड कौन से नंबर पर हैं। मरीजों की शिकायत होती है कि अक्सर अटेंडेंट अपने कार्ड ऊपर रख देते हैं। नए सिस्टम से मरीजों को पता चल जाएगा कि नंबर कौन सा चल रहा है। यदि उसे लगता है कि उसका नंबर एक घंटे बाद या फिर दो घंटे बाद आने वाला है तो वह बीच में अपने कुछ काम भी निपटा सकता है या फिर वह पीजीआई के दूसरे हिस्से में टहल सकता है। इससे ओपीडी के कमरों के बाहर भीड़ भी कम होगी और डाक्टर भी बहुत इत्मीनान से अपने मरीजों को देख सकेगा।



पीजीआई की कोशिश रही है कि मरीजों को बिना किसी देरी और दिक्कत के इलाज मुहैया करवाया जाए। टोकन सिस्टम शुरू करने का फैसला भी उसी सोच का हिस्सा है। तैयारियां चल रही हैं, जल्द ही शुरू होगा सिस्टम।
मंजू वडवालकर, प्रवक्ता पीजीआई
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