पंजाब में कोरोना से 10 की मौत, अकेले नवांशहर में पांच की जान गई, सरकार ने टीकाकरण की तिथि बढ़ाई
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पंजाब में गुरुवार को कोरोना के केसों में इजाफा देखने की मिला। राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अनुसार कोविड की चपेट में आने से 10 मरीजों की जान चली गई। वहीं 278 नए पॉजिटिव मिले हैं। इसके अलावा ठीक हुए नए मरीजों की संख्या 169 है। आईसीयू में पांच और वेंटिलेटर पर एक मरीज है।
पंजाब में गुरुवार को लुधियाना में 25, जालंधर में 44, पटियाला में 33, एसएएस नगर में 27, अमृतसर में 20, गुरदासपुर में 11, बठिंडा में 16, होशियारपुर में 27, कपूरथला में 20, संगरूर में दो, रोपड़ में पांच, मानसा में एक, फाजिल्का में एक, पठानकोट में दो, मोगा में एक, फरीदकोट में एक, एसबीएस नगर में नौ, मुक्तसर में नौ, फतेहगढ़ साहिब में 10 और तरनतारन में सात मरीज मिले।
नवांशहर में कोरोना से पांच की मौत
नवांशहर में गुरुवार को कोरोना पीड़ित पांच मरीजों की मौत हो गई। नौ संक्रमित भी सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी सूचना के अनुसार मरने वालों में तीन लोग मुकुंदपुर ब्लॉक से संबंधित हैं। इनमें से दो पुरुष और एक महिला शामिल हैं। तीनों शुगर के मरीज थे और पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में भर्ती थे। इसके अलावा ब्लाक सड़ोया में 55 वर्षीय शुगर के रोगी की भी पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में मौत हो गई है। इसके अलावा राहों के 56 वर्षीय बुजुर्ग की नवांशहर के निजी अस्पताल में मौत हो गई। नवांशहर में कुल मामलों की संख्या 3341 पर पहुंच गई है। ठीक होने वाले मरीजों का आंकड़ा 2743 तक पहुंच गया है। जिले में 499 एक्टिव मामले हैं।
टीकाकरण की अंतिम तिथि बढ़ी
पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य कर्मचारियों को कोविड टीकाकरण की पहली खुराक देने की अंतिम तिथि 19 से बढ़ाकर 25 फरवरी कर दी है। फ्रंटलाइन वर्करों को टीकाकरण की पहली खुराक देने की अंतिम तिथि भी छह मार्च 2021 तक बढ़ा दी गई है।
स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि हाल ही में दूसरे राज्यों में कोविड के मामलों में हो रही वृद्धि और नए वायरस का पता चलने के कारण यह जरूरी है कि अधिक से अधिक स्वास्थ्य कर्मचारियों को टीका लगाया जाए, क्योंकि वे वायरस के फैलाव से निपटने के लिए फ्रंटलाइन पर अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं।
टीकाकरण संबंधी पंजाब में अब तक कोई भी मौत या गंभीर दुष्प्रभाव सामने नहीं आया। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि शिक्षा संस्थाओं में कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने के लिए सभी सिविल सर्जनों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थाओं में स्टाफ और अध्यापकों के कोविड टेस्टों को नियमित रूप में सुनिश्चित करें।
अगर कोई भी अध्यापक या विद्यार्थी पॉजिटिव पाया जाता है तो बिना किसी देरी के कोविड पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में आए अन्य लोगों की पहचान कर टेस्टिंग की जाए। सिद्धू ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग ने कोविड संबंधी सावधानियां लागू करने के लिए प्रत्येक स्कूल में एक अध्यापक को मॉनिटर नियुक्त किया है।