हरियाणा में कोरोना से एक की मौत, 130 पॉजिटिव मिले, विशेषज्ञ बोले- लापरवाही से प्रदेश में बिगड़ सकते हैं हालात
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महाराष्ट्र और पंजाब समेत कई राज्यों में बढ़ते कोरोना के मामलों को लेकर केंद्र सरकार गंभीरता दिखा रही है लेकिन हरियाणा में कोविड-19 नियमों का पालन नहीं होने के कारण हालात दोबारा से बिगड़ सकते हैं। न तो किसान आंदोलन के दौरान कोई मास्क लगाए दिख रहा है और न ही धार्मिक कार्यक्रमों समेत राजनीतिक रैलियों में एहतियात बरती जा रही है। नियमों को तोड़ने वालों के खिलाफ कोई एक्शन भी नहीं लिया जा रहा है। इसी लापरवाही के चलते प्रदेश में पिछले एक सप्ताह में 50 केसों की वृद्धि हो गई है।
सप्ताह भर पहले कोरोना केसों का औसतन आंकड़ा 82 था, जो अब 131 तक पहुंच गया है। हालात यही रहे तो अन्य प्रदेशों की तरह स्थिति यहां भी गंभीर हो सकती है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मानते हैं कि अगर मास्क का प्रयोग किया जाए तो व्यक्ति 99 प्रतिशत तक संक्रमण से बच सकता है।
कोरोना से एक की मौत, 130 नए केस
हरियाणा में बुधवार को पंचकूला जिले में कोराना से एक मरीज की मौत हो गई। वहीं प्रदेश में कुल 130 नए केस सामने आए हैं। सबसे अधिक केस गुरुग्राम में 39, करनाल में 17, कुरुक्षेत्र में 16 और फरीदाबाद में 10 नए मामले मिले हैं। एक ही दिन में 82 मरीजों को ठीक होने पर छुटटी दी गई।
रोहतक, रेवाड़ी, झज्जर, पलवल, नूंह, चरखी दादरी और महेंद्रगढ़ में एक भी केस नहीं मिला है, जबकि शेष जिलों में 10 से कम केस मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डॉ. एसबी कांबोज ने बताया कि बुधवार को अलग- अलग जिलों में 679 लोगों को कोरोना का पहला टीका लगाया गया, जबकि 1965 को दूसरा टीका लगाया गया।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 17 फरवरी को प्रदेश में 82 केस आए, 18 को 83, 19 को 93 और 21 फरवरी को यह आंकड़ा अचानक 121 तक पहुंच गया। 23 फरवरी को मरीजों की संख्या बढ़कर 131 तक पहुंच गई।
कोरोना के बढ़ते केसों को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तमाम सीएमओ (मुख्य चिकित्सा अधिकारी) को सैंपलों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं लेकिन लोगों की लापरवाही यहां पर भी आड़े आ रही है। लोग सैंपल देने से भी कतरा रहे हैं। दूसरा, राज्य में धड़ल्ले से धार्मिक और राजनीतिक आयोजन किए जा रहे हैं। किसान आंदोलन को लेकर चल रहीं महापंचायतें भी कोरोना संक्रमण के लिए नई चेन साबित हो सकती हैं।
बीपी, शुगर, किडनी के मरीजों के लिए खतरनाक
स्वास्थ्य विशेषज्ञ मानते हैं कि वैसे तो कोरोना को हल्के में लेना स्वस्थ व्यक्ति के लिए भी खतरनाक हो सकता है। लेकिन यह उनके लिए ज्यादा खतरनाक है, जो पहले से बीमार हैं। खासकर बीपी, शुगर, टीबी और किडनी समेत गंभीर बीमारियों के पीड़ितों की परेशानी कोरोना के चपेट में आने से बढ़ सकती है। विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि बीमार बुजुर्गों और बच्चों को हर हाल में कोरोना से बचा कर रखें। विशेषज्ञ डॉ. अभिनव डागर का कहना है कि कोरोना महामारी की लहर चल रही है, कभी यह कम हो जाता है तो कभी तेज। विदेश और अन्य राज्यों को देखते हुए यहां भी दोबारा से कोरोना के केस बढ़ सकते हैं।
भारी पड़ सकती है लापरवाही : डॉ. कांबोज
स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक डॉ. सूरजभान कांबोज का कहना है कि इसमें कोई दो राय नहीं है कि पहले के मुकाबले सख्ती कम होने के कारण लोग लापरवाह हुए हैं लेकिन ये लापरवाही भारी पड़ सकती है। मास्क लगाकर व्यक्ति 99 प्रतिशत तक कोरोना संक्रमण से बच सकता है। कोरोना से लड़ने के लिए आम जनता को साथ आना होगा और सभी नियमों का पालन करना होगा।