विजयदशमी आज: 45 मिनट का विजय मुहूर्त, क्लिक कर देखें- पूजा की शुभ घड़ी
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आज विजयदशमी मनाई जाएगी। हिंदी पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को हर वर्ष दशहरा या विजयदशमी का त्योहार मनाया जाता है। सेक्टर-30 स्थित भृगु ज्योतिष केंद्र के ज्योतिषाचार्य पंडित बीरेंद्र नारायण मिश्रा ने बताया कि आश्विन शुक्ल दशमी तिथि 25 अक्तूबर की सुबह 7 बजकर 43 मिनट से आरंभ हो रही है, जो 26 अक्तूबर को सुबह नौ बजे तक रहेगी।
मिश्रा के मुताबिक प्रात:काल देवी का विधिवत पूजन कर नवमी विधा दशमी में विसर्जन और नवरात्र का पारण करना चाहिए। नवमी विधा दशमी में बलि का विशेष महत्व होता है। इस दिन कूष्माण्ड (कच्चे पेठे) की बलि प्रतीक रूप में दिए जाने का विधान है। विजयादशमी की पूजा का शुभ मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 12 मिनट से दोपहर 3 बजकर 27 मिनट तक है। पूजा के लिए कुल 2 घंटे 15 मिनट का समय है। इस दिन विजय मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 57 मिनट से दोपहर 2 बजकर 42 मिनट तक है। यह कुल समय 45 मिनट का है।
ये कार्य करने चाहिए
पंडित बीरेन्द्र नारायण मिश्रा ने बताया कि इस दिन जो कार्य शुरू किए जाते हैं, उसमें सफलता अवश्य मिलती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, दशहरा के दिन बच्चों का अक्षर लेखन, घर या दुकान का निर्माण, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण, अन्नप्राशन, कर्ण छेदन, यज्ञोपवीत संस्कार और भूमि पूजन आदि कार्य शुभ माने गए हैं।
विजयदशमी पर पान खाना, खिलाना मान-सम्मान, प्रेम एवं विजय का सूचक माना जाता है। सायंकाल को नीलकंठ पक्षी का दर्शन अत्यंत शुभ माना जाता है। दशहरे के दिन क्षत्रिय अपने शस्त्रों की पूजा करते हैं, वहीं व्यापारी अपने व्यापार में वृद्धि के अपने बही खातों की भी पूजा करते हैं। इस दिन कलम का भी पूजन की जाती है।
शमी के पेड़ की पूजा अवश्य करें, यहां से मिलेंगे
विजयादशमी के दिन प्रदोषकाल में शमी वृक्ष का पूजन अवश्य किया जाना चाहिए। विजय दशमी के दिन शमी के वृक्ष की पूजा करने के पीछे पौराणिक महत्व है। कहते हैं महाभारत काल में पांडवों ने शमी के पेड़ के ऊपर अपने अस्त्र शस्त्र छिपाए थे। जिसके बाद उन्हें कौरवों से जीत प्राप्त हुई थी।
विजयदशमी के मौके पर कार्य सिद्धि का पूजन विजय काल में फलदायी रहेगा। इस दौरान प्रार्थना कर शमी पौधे की कुछ पत्तियां तोड़े और उन्हें घर के पूजाघर में रख दें। लाल कपड़े में अक्षत, एक सुपारी के साथ इन पत्तियों को बांध लें। इसके बाद इस पोटली को गुरु या बुजुर्ग से प्राप्त करें और प्रभु राम की परिक्रमा करें। आर्गेनिक शेयरिंग के राहुल महाजन ने कहा कि शमी के पेड़ सेक्टर-27 के सनातन धर्म मंदिर में दोपहर 11 से एक बजे मिलेंगे। यहां पर कोई भी आकर शमी के पौधे ले सकता है।