थैले में बेटे की अस्थियां लेकर इंसाफ को भटकती मां, प्रण- सजा दिलाने के बाद ही विसर्जित करुंगी
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गांव ढुडी में करीब तीन साल पहले 23 वर्षीय युवक अमरीक सिंह की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। उस समय मौत के सही कारणों की जानकारी न होने के कारण परिवार ने पुलिस से सीआरपीसी की धारा 174 के तहत कार्रवाई करवाते हुए बेटे के शव का गुरु श्री गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल से पोस्टमार्टम करवाया। रिपोर्ट में हत्या का खुलासा होने के बावजूद पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं की गई। बेटे की हत्या से आहत मां उसकी अस्थियां लेकर पिछले तीन साल से पुलिस अधिकारियों के दफ्तरों पर चक्कर काट रही है।
शनिवार को मिनी सचिवालय स्थित एसएसपी दफ्तर के बाहर बेटे की अस्थियां उठाए मां कुलविंदर कौर और पिता बलवीर सिंह ने बताया कि मामला 17 जून 2017 का है। उस दिन उनके गांव के ही दो नौजवान, उनके बेटे अमरीक सिंह को बेसुध हालत में घर छोड़ गए थे। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
उस समय उन्हें खुद उसकी मौत के कारणों की जानकारी नहीं थी। ऐसे में पुलिस ने उनके बयान पर 174 के तहत कार्रवाई कर शव का पोस्टमार्टम करवाया। बाद में रिपोर्ट जब आई तो पता चला कि अमरीक सिंह के शरीर पर गहरे घाव थे और उसकी हत्या की गई थी। रिपोर्ट के आधार पर उन्होंने थाना सदर पुलिस के प्रभारी से लेकर आला अधिकारियों तक इंसाफ की गुहार लगाई और घटना वाले दिन उसके बेटे के साथ मारपीट करने वाले गांव से संबंधित लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करने की मांग की लेकिन तीन साल बीत गए हैं, आज भी पुलिस मामले को दबाने का प्रयास कर रही है।
इंसाफ न मिलने से ही उन्होंने बेटे की अस्थियां प्रवाह नहीं की हैं और फैसला किया है कि बेटे की हत्या के आरोपियों को सजा दिलाने के बाद ही अस्थियां जल में प्रवाहित करेंगे। इस मामले में थाना सदर प्रभारी एसआई जोगिंदर सिंह ने कहा कि वारदात के समय गांव ढुडी, थाना सदर कोटकपूरा के अधीन आता था और उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं है।
परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस इस मामले की नए सिरे की जांच कर रही है। अगर जांच के दौरान तथ्य सामने आए तो हत्या का केस दर्ज कर आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी। गुरप्रीत सिंह डीएसपी, फरीदकोट।