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Chandigarh News: मंत्रिमंडल में शामिल होने की दौड़ में तीन महिला विधायक
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गहलावत, आरती और सावित्री जिंदल लाइन में, सिर्फ एक को मिल सकती है जगह
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश में पूर्ण बहुमत पाने के बाद अब भाजपा की मंत्रिमंडल गठन की तैयारी है। राज्य की नई सरकार के लिए 17 अक्तूबर को शपथ ग्रहण समारोह रखा गया है। इस बार चुनाव में पांच महिलाएं चुनाव जीत कर आई हैं। इनमें सिर्फ एक महिला को ही मंत्रिमंडल में जगह मिलने के आसार हैं। भाजपा से इस बार पांच महिला विधायक चुनी गई हैं। इनमें कालका से शक्ति रानी शर्मा, राई से कृष्णा गहलावत, अटेली से आरती राव, तोशाम से श्रुति चौधरी और पटौदी से बिमला चौधरी हैं। वहीं, हिसार से चुनी गईं निर्दलीय विधायक सावित्री जिंदल ने भी भाजपा को समर्थन दिया है। मंत्री बनने की दौड़ में कृष्णा गहलावत, आरती राव और सावित्री जिंदल का नाम चर्चा में है।
प्रदेश में सीएम समेत 14 मंत्री बनाए जा सकते हैं। मनोहर सरकार के पहले कार्यकाल में सिर्फ एक महिला कविता जैन को मंत्री नियुक्त किया गया था। दूसरे कार्यकाल में कमलेश ढांडा को मंत्री बनाया गया। वहीं, जब नायब सिंह सैनी ने कार्यकाल संभाला तो उस दौरान भी सिर्फ सीमा त्रिखा को मंत्री पद से नवाजा गया। ऐसे में बहुत कम संभावना है कि दो महिलाओं को मंत्री बनाया जाए।
किसका पलड़ा भारी
मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए कृष्णा गहलावत सबसे मजबूत दावेदार हैं। महिला के साथ वह जाट समुदाय से आती हैं। चौधरी बंसीलाल की सरकार में वह मंत्री रह चुकी हैं। वह सोनीपत जिले से जीतकर आई हैं, जिसे भूपेंद्र सिंह हुड्डा का गढ़ माना जाता है। भाजपा उन्हें मंत्री पद देकर जाट के साथ महिला कोटे की पूर्ति कर सकती है। दूसरी बड़ी प्रबल दावेदार अटेली से चुनी गईं विधायक आरती राव हैं। वह केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत की बेटी हैं। दक्षिण हरियाणा में भाजपा की जीत में उनका अहम रोल रहा है। केंद्र में कैबिनेट मंत्री नहीं बनाए जाने से राव इंद्रजीत समय-समय पर अपनी सरकार की आलोचना करते आए हैं। ऐसे में उनकी बेटी को मंत्री बनाकर भाजपा उनकी शिकायतों को दूर कर सकती है। वहीं, तीसरी दावेदार हिसार से चुनी गईं निर्दलीय विधायक सावित्री जिंदल हैं। वह हुड्डा सरकार में दो बार मंत्री रह चुकी हैं। वह वैश्य समुदाय से आती हैं और देश की सबसे अमीर महिला हैं। इन सब कारणों की वजह से उनका पलड़ा भारी चल रहा है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। प्रदेश में पूर्ण बहुमत पाने के बाद अब भाजपा की मंत्रिमंडल गठन की तैयारी है। राज्य की नई सरकार के लिए 17 अक्तूबर को शपथ ग्रहण समारोह रखा गया है। इस बार चुनाव में पांच महिलाएं चुनाव जीत कर आई हैं। इनमें सिर्फ एक महिला को ही मंत्रिमंडल में जगह मिलने के आसार हैं। भाजपा से इस बार पांच महिला विधायक चुनी गई हैं। इनमें कालका से शक्ति रानी शर्मा, राई से कृष्णा गहलावत, अटेली से आरती राव, तोशाम से श्रुति चौधरी और पटौदी से बिमला चौधरी हैं। वहीं, हिसार से चुनी गईं निर्दलीय विधायक सावित्री जिंदल ने भी भाजपा को समर्थन दिया है। मंत्री बनने की दौड़ में कृष्णा गहलावत, आरती राव और सावित्री जिंदल का नाम चर्चा में है।
प्रदेश में सीएम समेत 14 मंत्री बनाए जा सकते हैं। मनोहर सरकार के पहले कार्यकाल में सिर्फ एक महिला कविता जैन को मंत्री नियुक्त किया गया था। दूसरे कार्यकाल में कमलेश ढांडा को मंत्री बनाया गया। वहीं, जब नायब सिंह सैनी ने कार्यकाल संभाला तो उस दौरान भी सिर्फ सीमा त्रिखा को मंत्री पद से नवाजा गया। ऐसे में बहुत कम संभावना है कि दो महिलाओं को मंत्री बनाया जाए।
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किसका पलड़ा भारी
मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए कृष्णा गहलावत सबसे मजबूत दावेदार हैं। महिला के साथ वह जाट समुदाय से आती हैं। चौधरी बंसीलाल की सरकार में वह मंत्री रह चुकी हैं। वह सोनीपत जिले से जीतकर आई हैं, जिसे भूपेंद्र सिंह हुड्डा का गढ़ माना जाता है। भाजपा उन्हें मंत्री पद देकर जाट के साथ महिला कोटे की पूर्ति कर सकती है। दूसरी बड़ी प्रबल दावेदार अटेली से चुनी गईं विधायक आरती राव हैं। वह केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत की बेटी हैं। दक्षिण हरियाणा में भाजपा की जीत में उनका अहम रोल रहा है। केंद्र में कैबिनेट मंत्री नहीं बनाए जाने से राव इंद्रजीत समय-समय पर अपनी सरकार की आलोचना करते आए हैं। ऐसे में उनकी बेटी को मंत्री बनाकर भाजपा उनकी शिकायतों को दूर कर सकती है। वहीं, तीसरी दावेदार हिसार से चुनी गईं निर्दलीय विधायक सावित्री जिंदल हैं। वह हुड्डा सरकार में दो बार मंत्री रह चुकी हैं। वह वैश्य समुदाय से आती हैं और देश की सबसे अमीर महिला हैं। इन सब कारणों की वजह से उनका पलड़ा भारी चल रहा है।
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