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एजेंटों के कारनामे से यूके में अफरा-तफरी, स्टडी वीजा पर गए तीन हजार छात्र पढ़ाई छोड़कर फरार

Fri, 13 Dec 2019 02:52 AM IST
ajay kumar सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Fri, 13 Dec 2019 02:52 AM IST
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Three thousand students Skipped studies who went UK on study visa
प्रतीकात्मक तस्वीर

पंजाब के ट्रैवल एजेंटों के कारनामे से यूनाइटेड किंगडम के करीब आधा दर्जन विश्वविद्यालय और कॉलेजों के लाइसेंस रद्द हो सकते हैं। ये ऐसे शिक्षण संस्थान हैं, जहां पंजाब से पढ़ने गए करीब तीन हजार विद्यार्थी पढ़ाई छोड़कर गायब हो गए हैं।

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इससे वहां अफरा-तफरी मच गई है और ब्रिटिश दूतावास इस बात से चिंतित हो गया है कि पंजाब के ट्रैवल एजेंटों ने एक बार फिर उनके सिस्टम में छेद कर तीन हजार बच्चे यूके में पहुंचा दिए, जिनका मकसद स्टडी करना नहीं बल्कि वहां बसना था। 
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यूके ने इसी साल स्टडी वीजा ओपन किया था। स्टडी वीजा के लिए यूके द्वारा इतनी राहत दी गई थी कि वहां जाने के लिए कोई आईलेट्स की जरूरत नहीं है। यूके के जीसीयू, मिडल सेक्स, वोल्वरहैंपटन व बॉलटन यूनिवर्सिटी आदि शिक्षण संस्थानों में स्टडी वीजा जारी किया था।
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पंजाब के युवा यूके जाने के क्रेजी हैं। एजेंटो ने यहीं पर अपना खेल दिखाया। उन्होंने ऐसे युवाओं को खोज निकाला, जिनका मकसद स्टडी न होकर सिर्फ यूके पहुंचना था। यूके ने भी दिल खोलकर वीजा दिया और विद्यार्थियों का वेलकम किया। वहां के शिक्षा संस्थानों को भी यह भनक तक नहीं लगी कि वह जिनको दाखिला दे रहे हैं, उनका मकसद स्टडी नहीं है। 

एजेंटों ने विद्यार्थियों से लाखों रुपये वसूलकर यूनिवर्सिटी में उनका एडमिशन करवा दिया। इस तरह पिछले सेशन में पंजाब से स्टडी वीजा पर करीब 5 हजार युवक यूके पहुंच गए।  लेकिन इससे पहले की विद्यार्थी दूसरे सेमेस्टर की फीस भरते, करीब 3 हजार स्टूडेंट भाग निकले। वोल्वर हैंपटन यूनिवर्सिटी का तो हाल बेहाल हो गया, वहां पर नाम मात्र बच्चे ही रह गए।

आधा दर्जन शिक्षा संस्थानों का रद्द हो सकता है लाइसेंस 
ब्रिटिश कानून के मुताबिक, अगर विद्यार्थी स्टडी के लिए आकर शिक्षा संस्थान से निकल जाते हैं तो संस्थान का लाइसेंस रद्द हो सकता है। जिससे करीब आधा दर्जन शिक्षा संस्थानों के लाइसेंस पर तलवार लटक गई है। पंजाब के एजेंटों ने पैसा तो कमा लिया, लेकिन उनकी हरकत का खामियाजा कई शिक्षा संस्थानों को उठाना पड़ सकता है। उनके लाइसेंस रद्द हो सकते हैं और इस फर्जीवाड़े के चलते पंजाबी विद्यार्थियों का वीजा बंद कर सकता है।

10 साल बाद यूके ने खोला था स्टडी वीजा
इसके पहले 2007-08 में यूके ने स्टडी वीजा खोला था तब भी पंजाब के एजेंटों ने फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर भारी संख्या में युवकों को स्टूडेंट बनाकर यूके भेज दिया था। उनकी इसकी करामात के कारण वहां की सरकार ने वीजा बंद कर दिया था और 10 साल तक स्टूडेंट वीजा ओपन नहीं किया।
  
हां ऐसा हुआ है, कई विद्यार्थी खिसक गए हैं...
हां, ऐसा हुआ है, कई यूनिवर्सिटी खाली हो गई हैं। वह एजेंटों के बारे में तो नहीं कुछ बोल सकते, लेकिन स्टूडेंट्स वहां पर स्टडी छोड़कर भाग गए हैं, जिसका काफी बुरा असर हो सकता है। -सुकांत, पूर्व प्रधान, एसोसिएशन ऑफ ओवरीज एजुकेशन 

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