हरियाणा सरकार का फैसला: तृतीय श्रेणी नौकरियों में खिलाड़ियों का तीन प्रतिशत कोटा बहाल, प्रथम व द्वितीय श्रेणी में होगी सीधी भर्ती
नियमों में संशोधनों के बावजूद खिलाड़ी पुलिस में सीधे डीएसपी नहीं लग सकेंगे। इसके लिए कैबिनेट की मंजूरी जरूरी होगी। खेल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पहले भी खिलाड़ी कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही डीएसपी लगे हैं।
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हरियाणा सरकार ने तृतीय श्रेणी की नौकरियों में खिलाड़ियों का तीन प्रतिशत कोटा एक बार फिर से बहाल कर दिया है। पहली बार खिलाड़ियों को अब मनपसंद विभाग चुनने का विकल्प भी दिया जाएगा। चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों में 10 प्रतिशत कोटा जारी रहेगा। प्रथम व द्वितीय श्रेणी में कोटा नहीं होगा पर पदक लाओ-पद पाओ नीति के तहत बिना परीक्षा या साक्षात्कार सीधी नौकरी मिलती रहेगी।
गुरुवार को सीएम आवास पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया। हर जिले में प्रथम श्रेणी का एक पद जिला खेल मैनेजर के नाम से सृजित करने का भी फैसला लिया है। इन पदों पर स्नातकोत्तर व खेल प्रबंधन में शैक्षणिक योग्यता व अनुभव रखने वाले युवाओं की सीधी भर्ती की जाएगी।
इनका कार्य खेल व्यवस्थाओं को देखने के साथ-साथ खेलों को बढ़ावा देने का रहेगा। जिला खेल अधिकारी का कार्य इनसे अलग रहेगा। बैठक में खेल मंत्री संदीप सिंह, सीएम के प्रधान सचिव वी उमाशंकर, खेल निदेशक पंकज नैन आदि मौजूद रहे। बता दें कि खिलाड़ियों के लिए प्रथम, द्वितीय व तृतीय श्रेणी की नौकरियों में 3 प्रतिशत कोटा था। 14 मार्च को मुख्य सचिव की ओर से नोटिफिकेशन जारी करके कोटे को वापस ले लिया गया था। प्रदेशभर के खिलाड़ी विरोध में उतर आए थे।
सीधे डीएसपी नहीं लग सकेंगे
नियमों में संशोधनों के बावजूद खिलाड़ी पुलिस में सीधे डीएसपी नहीं लग सकेंगे। इसके लिए कैबिनेट की मंजूरी जरूरी होगी। खेल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पहले भी खिलाड़ी कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही डीएसपी लगे हैं।
खेल संघों से मांगा 10 साल का रिकॉर्ड
विभिन्न खेल संघों से पिछले 10 साल तक की प्रतियोगिताओं के परिणाम मंगवाकर खिलाड़ियों का डाटा पब्लिक डोमेन में डाला जाएगा। भविष्य में खेल संघों को प्रतियोगिता होने के 15 दिन में परिणाम खेल विभाग के पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
2018 के बाद नौकरी
वर्ष 2018 से अब तक 19 खिलाड़ियों को प्रथम श्रेणी, 30 खिलाड़ियों को द्वितीय श्रेणी और 63 खिलाड़ियों को तृतीय श्रेणी के पदों पर बिना किसी परीक्षा और साक्षात्कार के नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। तृतीय श्रेणी में करीब 396 खिलाड़ियों को 3 प्रतिशत कोटे के तहत नौकरी दी जा चुकी है।
तृतीय श्रेणी की नौकरियों में कोटा बहाल करने का स्वागत है। प्रथम और द्वितीय श्रेणी में भी इसको बहाल किया जाए। साथ ही जब भी खेल पॉलिसी बने तो खिलाड़ियों से जरूर राय ली जाए। - बॉक्सर बिजेंद्र सिंह, ओलंपियन खिलाड़ी
तीन प्रतिशत कोटा बहाल करने से प्रदेश के 400 से अधिक खिलाड़ियों को लाभ मिलेगा। सरकार ने खिलाड़ियों से उनकी प्राथमिकता मांगी है। उसी के आधार पर छूट मिलेगी। ग्रेडेशन सर्टिफिकेट के लिए एक पोर्टल तैयार किया है। पोर्टल सभी एफिलिएटेड एसोसिएशन को वेरिफाई करेगा। मनोहर लाल, मुख्यमंत्री