रामनगर हादसा: पटियाला के तीन लोगों की मौत, बिलखते पवन जैकब का बेटा बोला- पापा तुसी कित्थे चले गए, हुन साडा धियान कौन रखूगा
उत्तराखंड के रामनगर में हादसे में पटियाला के तीन लोगों की जान चली गई। मौत की खबर घर पहुंचते ही कोहराम मच गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पापा जी तुसी कित्थे चले गये, तुसी तां केहा सी मैं जलदी आ जावांगा, हुन साडा धियान कौन रखूगा, आके देखो साडा की हाल हो रेहा ए, रोते-बिलखते धीरज के मुंह से यह शब्द सुनकर पास बैठे लोगों के भी दिल भर आए और आंखें नम हो गईं। 16 वर्षीय धीरज उत्तराखंड के जिला नैनीताल के रामनगर में शुक्रवार सुबह हुए हादसे में जान गंवाने वाले पटियाला के भीम नगर सफाबादी गेट के रहने वाले पवन जैकब (45) का बेटा है।
धीरज ने बताया कि पिता आर्केस्ट्रा ग्रुप चलाते हैं। ग्रुप में लड़के व लड़कियां डांस कलाकार हैं। बुधवार को ग्रुप उत्तराखंड में मसूरी के पास एक कार्यक्रम में परफार्मेंस देने गया था, जहां से वह लोग शुक्रवार सुबह वापस लौट रहे थे लेकिन रास्ते में ग्रुप की गाड़ी हादसाग्रस्त हो गई। जैसे ही उनके पास पिता की मौत की सूचना पहुंची, तब से सभी का रो-रोकर बुरा हाल है।
धीरज ने बताया कि वह तीन भाई-बहन हैं। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। वह और उसका भाई अभी छोटे हैं। घर में अकेले पिता ही कमाने वाले थे। मां श्री काली माता मंदिर में साफ-सफाई का काम करती हैं। पवन जैकब के बड़े भाई की बहू अनु ने बताया कि उनके चाचा ससुर बहुत ही मिलनसार व्यक्ति थे।
अब परिवार में कमाने वाला कोई नहीं बचा है। उन्होंने पंजाब सरकार से पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद देने की अपील की। एक सवाल के जवाब में अनु ने बताया कि प्रशासन से अभी तक उन्हें कोई मदद नहीं मिली है। उनके रिश्तेदार व इलाके के कुछ गणमान्य लोग गाड़ियां लेकर उत्तराखंड के लिए रवाना हुए हैं, ताकि मृतकों के शवों को यहां लाया जा सके।
उधर, इसी भीम नगर इलाके के रहने वाले इकबाल (30) की भी पवन जैकेब के साथ इस हादसे में मौत हो गई है। हादसे में इलाके के दो लोगों की मौत हो जाने से यहां के लोगों में मातम पसरा है। इकबाल भी अपने परिवार का अकेला कमाने वाला था। बताया जा रहा है कि यह आर्केस्ट्रा ग्रुप देश के अलग-अलग राज्यों में परफार्मेंस देने जाता था। इसमें शामिल कुछ लड़कियां दूसरे राज्यों की रहने वाली थीं, जिन्होंने पटियाला के राजपुरा में एक मकान किराये पर ले रखा था। उधर, पटियाला के गांव इंद्रपुरा की रहने वाली 32 साल की जानहवी उर्फ सपना पुत्री बलविंदर सिंह की इस हादसे में मौत हुई है।
जानहवी की मौत से 9 साल की बेटी पर टूटा दुखों का पहाड़
पटियाला के गांव इंद्रपुरा की रहने वाली 32 साल की जाहनवी उर्फ सपना पुत्री बलविंदर सिंह की इस हादसे में मौत हुई है। जानकारी के मुताबिक पटियाला के गांव इंद्रपुरा की रहने वाली जानहवी की 9 साल की एक बेटी है, जिसका मां की मौत की खबर सुनकर रोना ही नहीं रुक रहा है। पति एक दुकान में काम करता है। घर का गुजारा अकेले उनकी तनख्वाह से नहीं हो पाता था, इसलिए जानहवी पति की मदद के लिए आर्केस्ट्रा ग्रुप में काम करती थी।