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तीन महीने राशन देकर काटा नाम
अमर उजाला ब्यूरो/कुरुक्षेत्र
Updated Wed, 20 Aug 2014 12:02 AM IST
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पिहोवा में सरकार द्वारा आए दिन जनहित के लिए घोषणाएं करने का सिलसिला जारी है। घोषणाएं कितने समय के लिए की जाती हैं।
उसका ब्योरा नहीं दिया जाता। घोषणाएं केवल वोट के लिए की जाती हैं और चुनाव होते ही नियमों में फेरबदल कर दिया जाता है।
ऐसे ही आरोप वार्ड नंबर-6 के दलित लोगों कृष्णा, राममेहर, जयपाल, जरनैल सिंह, रामकुमार, अशोक कुमार तथा सुनीता रानी ने लगाए हैं।
एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए लोगों ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत उनके राशन कार्ड बनाए और तीन महीने तक उन्होंने राशन प्राप्त भी किया।
अब उनके नाम ही लिस्ट से काट दिए। जिससे उन्हें राशन मिलना बंद हो गया। इस बारे में खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी के कहने पर नगरपालिका पिहोवा में जानकारी ली तो उन्होंने कहा कि जिन के पास 100 गज से कम जमीन है, केवल वही लोग इस योजना के पात्र हैं।
शिकायतकर्ता सुनीता रानी ने बताया कि उसके नाम 4 मरले जमीन है और उसके चार पुत्र हैं। जो शादीशुदा हैं। इसलिए उसने इस रिहायशी जगह को पांच हिस्सों में बांटा है लेकिन फिर भी उसका इस योजना से नाम काट दिया है।
इसी तरह से राममेहर तथा कृष्णा के पास दो-दो मरले जमीन है उनका भी नाम काट दिया गया। शिकायत में उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल कार्यालय में रखे पुराने रिकॉर्ड देखकर नाम काट रहे हैं।
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जो गरीब लोगों के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने मांग की है कि मौके पर इंक्वायरी करके ही नाम काटे जाएं अन्यथा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी करेंगे जांच : एसडीएम धर्मबीर
एसडीएम धर्मबीर सिंह ने इस बारे में बताया कि खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी को इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं ताकि जरूरतमंद लोगों को उनका हक मिल सके।
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उसका ब्योरा नहीं दिया जाता। घोषणाएं केवल वोट के लिए की जाती हैं और चुनाव होते ही नियमों में फेरबदल कर दिया जाता है।
ऐसे ही आरोप वार्ड नंबर-6 के दलित लोगों कृष्णा, राममेहर, जयपाल, जरनैल सिंह, रामकुमार, अशोक कुमार तथा सुनीता रानी ने लगाए हैं।
एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए लोगों ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत उनके राशन कार्ड बनाए और तीन महीने तक उन्होंने राशन प्राप्त भी किया।
अब उनके नाम ही लिस्ट से काट दिए। जिससे उन्हें राशन मिलना बंद हो गया। इस बारे में खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी के कहने पर नगरपालिका पिहोवा में जानकारी ली तो उन्होंने कहा कि जिन के पास 100 गज से कम जमीन है, केवल वही लोग इस योजना के पात्र हैं।
शिकायतकर्ता सुनीता रानी ने बताया कि उसके नाम 4 मरले जमीन है और उसके चार पुत्र हैं। जो शादीशुदा हैं। इसलिए उसने इस रिहायशी जगह को पांच हिस्सों में बांटा है लेकिन फिर भी उसका इस योजना से नाम काट दिया है।
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इसी तरह से राममेहर तथा कृष्णा के पास दो-दो मरले जमीन है उनका भी नाम काट दिया गया। शिकायत में उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल कार्यालय में रखे पुराने रिकॉर्ड देखकर नाम काट रहे हैं।
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जो गरीब लोगों के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने मांग की है कि मौके पर इंक्वायरी करके ही नाम काटे जाएं अन्यथा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी करेंगे जांच : एसडीएम धर्मबीर
एसडीएम धर्मबीर सिंह ने इस बारे में बताया कि खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी को इस मामले में जांच के आदेश दिए हैं ताकि जरूरतमंद लोगों को उनका हक मिल सके।