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Punjab: 50 हजार करोड़ रुपये के पर्ल्स घोटाले में तीन भगोड़े गुजरात से काबू, विजिलेंस की एसआईटी टीम ने दबोचा

Mon, 23 Oct 2023 11:48 PM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़ Published by: विजय पुंडीर Updated Mon, 23 Oct 2023 11:48 PM IST
सार

आरोपियों की पहचान हरकीरत सिंह निवासी गांव शमशपुर जिला फतेहगढ़ साहिब, प्रभजोत सिंह निवासी गांव गोनियाना कलां जिला बठिंडा और प्रदीप सिंह निवासी गांव जलवेड़ा जिला फतेहगढ़ साहिब के रूप में हुई है।

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Three fugitives arrested from Gujarat in Pearls scam worth Rs 50 thousand crore
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

50 हजार करोड़ रुपये के पर्ल्स ऐग्रोटेक कॉरपोरेशन लिमिटेड ( पीएसीएल) केस में 3 साल से भगोड़े चल रहे तीन आरोपियों को विजिलेंस ब्यूरो द्वारा गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने गुजरात स्थित अहमदाबाद से काबू किया है। उन पर आरोप है कि रोक के बावजूद उन्होंने नियमों को ताक में रखकर मोहाली में ग्रुप की संपित्तयों की खरीदो फरोख्त का काम किया।

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आरोपियों की पहचान हरकीरत सिंह निवासी गांव शमशपुर जिला फतेहगढ़ साहिब, प्रभजोत सिंह निवासी गांव गोनियाना कलां जिला बठिंडा और प्रदीप सिंह निवासी गांव जलवेड़ा जिला फतेहगढ़ साहिब के रूप में हुई है। विजिलेंस को उम्मीद है कि आरोपियों के पकड़े जाने के से केस की कई परतें खुलेंगी। मंगलवार को विजिलेंस आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी।
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विजिलेंस ब्यूरो की तरफ से आरोपियों पर थाना शहरी जीरा जिला फिरोजपुर में जुलाई-2020 में धोखाधड़ी समेत कई धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। इन लोगों पर आरोप है कि इन्होंने गांव घोलूमाजरा जिला मोहाली में पीएसीएल की तरफ-अलग संपत्तियों का गैरकानूनी तौर पर तबादला-ए-मलकीयत किया गया। इनको इस बात जानकारी थी कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही पीएसीएल को किसी भी ऐसी संपत्ति को बेचने, तबादला-ए-मलकीयत करने पर रोक लगाई हुई है। जिसमें पीएसीएल का किसी भी रूप में कोई अधिकार या हित नहीं बनता है, लेकिन बावजूद इसके इन्होंने सम्पत्तियों की खरीद-फरोख्त, तबादला-ए-मलकीयत का कार्य जारी रखा।

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याद रहे कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार जस्टिस (सेवानिवृत्त) आरएम लोढा समिति का गठन किया गया था, जिसके अंतर्गत यह स्पष्ट हिदायत थी कि पीएसीएल लिमिटेड की संपत्तियों को बेचने के बाद हुई बिक्री का प्रयोग, दोषी कंपनी द्वारा शुरू की गई सामूहिक निवेश योजना (सीआईएस) में अपनी मेहनत की कमाई लगाने वाले निवेशकों को उनकी बनती राशि वापिस करने के लिए किया जाए।

स्टेट क्राइम सेल के केस में भी भगोड़ा
हरकीरत सिंह पुलिस पंजाब स्टेट क्राइम सेल में फरवरी धोखाधड़ी समेत कई धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ था, इसमें भी वह भगोड़ा था। इस केस में जनवरी 2023 को हुई जनरल बॉडी की मीटिंग की फर्जी कार्यवाही के आधार पर पीएसीएल के तीन डायरेक्टरों की गैर-कानूनी नियुक्ति और पीएसीएल की संपत्तियों से जुड़े व्यक्तियों, इकाईयों से पैसा वसूलने में उसकी भूमिका बताई जाती है।

इन लोगों पर पहले ही पकड़ा जा चुका है
पीएसीएल के मैनेजिंग डायरेक्टर निर्मल सिंह भंगू की पत्नी प्रेम कौर, गैर-कानूनी रूप से नियुक्त किए गए डायरेक्टरों में से एक धरमिंदर सिंह संधू और पीएसीएल के ग़ैर-कानूनी डायरेक्टरों इन की नियुक्ति से सम्बन्धित दस्तावेजों की पुष्टि करने वाले सीए जसविंदर सिंह डांग को इसी केस में गिरफ्तार किया जा चुका है।

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