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बठिंडा में हादसा : खड़े ट्रक में घुसी मर्सिडीज, नौ माह के बच्चे समेत तीन की जान गई

Fri, 20 Nov 2020 06:07 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, बठिंडा (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, बठिंडा (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 20 Nov 2020 06:07 PM IST
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Three died in a road accident in bhatinda
बठिंडा में सड़क हादसा। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पंजाब के बठिंडा में शुक्रवार को बठिंडा-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे स्थित गांव जेठूके के पास शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में जीजा-साला और नौ माह के बच्चे की मौत हो गई। बच्चे की मां समेत तीन महिलाएं घायल हो गई। हादसा शुक्रवार सुबह करीब सवा आठ बजे मर्सिडीज के सड़क पर खड़े ट्रक में घुस जाने के कारण हुआ। 
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मृतकों में गुरइकबाल सिंह, सुबेग सिंह एवं नौ माह के बच्चे जगशेर सिंह शामिल है। वहीं गुरइकबाल की पत्नी मनदीप कौर और उसकी भाभियां मनजिंदर कौर और लवप्रीत कौर घायल हो गई। कार चला रहे गुरइकबाल सिंह की शादी एक सप्ताह पहले मनदीप कौर निवासी गांव ढिलवां जिला बरनाला के साथ हुई थी। शादी के चार दिन बाद मनदीप कौर की तबीयत बिगड़ गई थी तो उसे आदेश अस्पताल बठिंडा में दाखिल करवाया गया था। शुक्रवार को मनदीप को अस्पताल से छुट्टी मिली थी। गुरइकबाल सिंह सभी को साथ लेकर अपने गांव महोली कलां जिला संगरूर जा रहा था।
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झपकी बनी वजह

शुक्रवार सुबह हुए हादसे का कारण कार चला रहे गुरइकबाल सिंह को झपकी आना बताया जा रहा है। झपकी के कारण कार सड़क किनारे खडे़ ट्रक के नीचे घुस गई। इससे गुरइकबाल सिंह एवं उसकी बगल वाली सीट पर बैठे उसके साले सुबेग सिंह और पिछली सीट पर सो रहे नौ माह के जगशेर सिंह की जान चली हो गई। रामपुरा थाना सदर के इंस्पेक्टर भूपिंदरजीत सिंह ने बताया कि पुलिस ने घायल गमनदीप कौर के बयान पर 174 की कार्रवाई की है। 

हाथों की मेहंदी भी नहीं छूटी थी, उजड़ गया परिवार  
गुरइकबाल सिंह की शादी मनदीप कौर से एक सप्ताह पहले ही हुई थी। शादी के चार दिन बाद मनदीप कौर की तबीयत बिगड़ गई थी तो उसे आदेश अस्पताल बठिंडा में दाखिल करवाया गया था। मनदीप कौर के पास उसकी भाभी मनजिंदर कौर, लवप्रीत कौर थी। शुक्रवार को अस्पताल से छुट्टी मिली तो गुरइकबाल सिंह सभी के साथ अपने गांव महोली कलां जिला संगरूर जा रहा था। सिविल अस्पताल रामपुरा पहुंचे परिजनों को रो-रोकर बुरा हाल था। सभी की जुबान पर एक ही बात थी कि वाहेगुरु से बड़ी अरदासों के बाद जगशेर का जन्म हुआ था। क्या पता था कि वह आज अपनी जिंदगी का आखिरी सफर कर रहा है।
 
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