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नाटक देखने का शौक रखते हैं, 3 दिन ‘तुलसी’ संग देखें ‘तोता-मैना’ की कहानी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 16 May 2017 04:33 PM IST
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थियेटर की दुनिया
- फोटो : डेमो फोटो
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टैगोर थिएटर में आयोजित किए जाने वाले चंडीगढ़ नेशनल थिएटर फेस्टिवल के दौरान देश के माने जाने कलाकारों की अदाकारी और निर्देशन देखने को मिलेगा। नेशनल थिएटर फेस्टिवल का आयोजन 26 मई से 28 मई तक होगा।
तीन दिवसीय इस फेस्ट में ‘तोता-मैना’ की कहानी, अंजाम ए गुलिस्तां क्या होगा और ‘तुलसी’ का मंचन किया जाएगा। इन नाटकों में हिमानी शिवपुरी, लिलिपुट और महेश ठाकुर कलाकार होंगे। ‘तुलसी’ नाटक के लिए टैगोर थिएटर में जाने माने संगीतज्ञ शेखर सेन भी आएंगे। इसका आयोजन सांस्कृतिक विभाग, चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से किया जा रहा है।
यह होंगे नाटक
26 मई को ‘तोता-मैना’ की कहानी :
संजय झा का लिखा यह कॉमेडी प्ले ‘तोता-मैना की कहानी’ एक बेवफा पुरुष और चरित्रहीन औरत की कहानी है। दोनों के बीच प्यार होता है, शादी होती है और उसके बाद वही मियां-बीवी की रोज-रोज की चकल्लस और मिस अंडर स्टेंडिंग। नाटक में रोचक मोड़ तब आता है जब आपस में उलझे मियां-बीवी के बीच लड़की की मां और लड़के के पिता उनके घर रहने जाते हैं। दोनों उनके सामने अच्छे से रहने का ढोंग करते हैं। रंगीन मिजाज पड़ोसी चंपक चाचा यानी लिलिपुट उनकी परेशानी को जानता है। यह नाटक गहमागहमी, गलतफहमी से भरा है। इस नाटक के कलाकारों में कॉमेडियन लिलिपुट, एक्टर हिमानी शिवपुरी और महेश ठाकुर हैं।
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27 मई को ‘अंजाम ए गुलिस्तान क्या होगा’ :
नाट्य भारती ग्रुप के बैनर तले खेला जाने वाला यह नाटक यूनिवर्सल रंग महोत्सव 2015 के दौरान बेस्ट प्ले और बेस्ट स्क्रिप्ट का अवार्ड जीत चुका है। धर्मवीर भारती का लिखा यह नाटक वर्तमान भ्रष्टाचार सिस्टम पर है। इस नाटक के माध्यम से आम आदमी की समस्याएं दिखाई गईं हैं। इसमें दिखाया गया कि किस तरह से आम आदमी सरकारी तंत्र, ब्यूरोक्रेट्स, बिचौलियों और दलालों के बीच फंसता है और प्रताड़ित होता है। इस नाटक के माध्यम से डार्विन का सिद्धांत और फूड थ्योरी को कॉमेडी के स्टाइल में दिखाया गया है।
28 मई को ‘तुलसी’ :
इस नाटक के माध्यम से चंडीगढ़ के लोगों को गोस्वामी तुलसीदास के जीवन से परिचित होने के साथ ही उनके जीवन के अनछुए पहलुओं को जानने का मौका मिलेगा। तुलसीदास पर एकांकी नाटक का मंचन करने के लिए देश के ख्याति प्राप्त मंच कर्मी शेखर सेन चंडीगढ़ में आएंगे। करीब तीन घंटे के इस एकल मंचन के माध्यम से शेखर सेन ध्वनि और रोशनी के संगम के बीच तुलसीदास के जीवन को संवाद रूप में मंचित करेंगे। शेखर सेन देश के पहले कलाकार हैं, जिन्होंने संसद भवन में 4 मई, 2005 को कबीर की प्रस्तुति दी थी। शेखर सेन शारजाह, मॉरीशस, त्रिनिदाद, जोहान्सबर्ग, हांगकांग, इंग्लैंड और अमेरिका जैसे देशों में अपनी प्रस्तुति दे चुके हैं।
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तीन दिवसीय इस फेस्ट में ‘तोता-मैना’ की कहानी, अंजाम ए गुलिस्तां क्या होगा और ‘तुलसी’ का मंचन किया जाएगा। इन नाटकों में हिमानी शिवपुरी, लिलिपुट और महेश ठाकुर कलाकार होंगे। ‘तुलसी’ नाटक के लिए टैगोर थिएटर में जाने माने संगीतज्ञ शेखर सेन भी आएंगे। इसका आयोजन सांस्कृतिक विभाग, चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से किया जा रहा है।
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यह होंगे नाटक
26 मई को ‘तोता-मैना’ की कहानी :
संजय झा का लिखा यह कॉमेडी प्ले ‘तोता-मैना की कहानी’ एक बेवफा पुरुष और चरित्रहीन औरत की कहानी है। दोनों के बीच प्यार होता है, शादी होती है और उसके बाद वही मियां-बीवी की रोज-रोज की चकल्लस और मिस अंडर स्टेंडिंग। नाटक में रोचक मोड़ तब आता है जब आपस में उलझे मियां-बीवी के बीच लड़की की मां और लड़के के पिता उनके घर रहने जाते हैं। दोनों उनके सामने अच्छे से रहने का ढोंग करते हैं। रंगीन मिजाज पड़ोसी चंपक चाचा यानी लिलिपुट उनकी परेशानी को जानता है। यह नाटक गहमागहमी, गलतफहमी से भरा है। इस नाटक के कलाकारों में कॉमेडियन लिलिपुट, एक्टर हिमानी शिवपुरी और महेश ठाकुर हैं।
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27 मई को ‘अंजाम ए गुलिस्तान क्या होगा’ :
नाट्य भारती ग्रुप के बैनर तले खेला जाने वाला यह नाटक यूनिवर्सल रंग महोत्सव 2015 के दौरान बेस्ट प्ले और बेस्ट स्क्रिप्ट का अवार्ड जीत चुका है। धर्मवीर भारती का लिखा यह नाटक वर्तमान भ्रष्टाचार सिस्टम पर है। इस नाटक के माध्यम से आम आदमी की समस्याएं दिखाई गईं हैं। इसमें दिखाया गया कि किस तरह से आम आदमी सरकारी तंत्र, ब्यूरोक्रेट्स, बिचौलियों और दलालों के बीच फंसता है और प्रताड़ित होता है। इस नाटक के माध्यम से डार्विन का सिद्धांत और फूड थ्योरी को कॉमेडी के स्टाइल में दिखाया गया है।
28 मई को ‘तुलसी’ :
इस नाटक के माध्यम से चंडीगढ़ के लोगों को गोस्वामी तुलसीदास के जीवन से परिचित होने के साथ ही उनके जीवन के अनछुए पहलुओं को जानने का मौका मिलेगा। तुलसीदास पर एकांकी नाटक का मंचन करने के लिए देश के ख्याति प्राप्त मंच कर्मी शेखर सेन चंडीगढ़ में आएंगे। करीब तीन घंटे के इस एकल मंचन के माध्यम से शेखर सेन ध्वनि और रोशनी के संगम के बीच तुलसीदास के जीवन को संवाद रूप में मंचित करेंगे। शेखर सेन देश के पहले कलाकार हैं, जिन्होंने संसद भवन में 4 मई, 2005 को कबीर की प्रस्तुति दी थी। शेखर सेन शारजाह, मॉरीशस, त्रिनिदाद, जोहान्सबर्ग, हांगकांग, इंग्लैंड और अमेरिका जैसे देशों में अपनी प्रस्तुति दे चुके हैं।