पटियाला में बड़ा हादसा: बारिश से घर की छत गिरी, तीन बच्चों और पिता की मौत, चंद पलों में उजड़ा परिवार
बारिश से जहां एक ओर लोगों को राहत मिली है तो वहीं कई लोगों के लिए आफत बन गई है। पंजाब के पटियाला में बारिश की वजह से घर की छत गिर गई। मलबे में दबने से तीन बच्चों समेत पिता की जान चली गई। हादसे के बाद से ही पूरे इलाके में कोहराम मचा है। वहीं मां की हालत गंभीर है।
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पंजाब के पटियाला जिले के गांव मतौली में सोमवार देर रात बारिश के चलते एक घर की छत गिर गई। हादसे में पिता और तीन बच्चों की मौत हो गई और वहीं मां गंभीर रूप से घायल हो गई है। मृतकों में मुख्यितार सिंह (40), 14 साल का इकलौता बेटा वंशदीप सिंह, 10 साल की बेटी कमलजीत कौर और 13 साल की बेटी सिमरनजीत कौर शामिल हैं। इसके अलावा सुरिंदर कौर गंभीर रूप से घायल हुई हैं।
जानकारी के मुताबिक मुख्यितार सिंह का परिवार घर में सो रहा था। इसी बीच रात में बारिश होने के कारण छत गिर गई। सूचना मिलते ही गांववासी मौके पर पहुंचे और शवों को मलबे से बाहर निकाला। सुरिंदर कौर खन्नौरी के एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
सरपंच रणजीत सिंह का कहना है कि सोमवार देर रात करीब साढ़े 10 बजे यह हादसा हुआ है। कई बार पंजाब सरकार से गांव के गरीब लोगों के लिए पक्के मकान बनवाने को मदद मांगी गई लेकिन कुछ नहीं हुआ। मौके पर पहुंचे हलका शुतराणा के विधायक निर्मल सिंह ने हादसे पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने पंजाब सरकार से घायल सुरिंदर कौर को आर्थिक मदद दिलाने का भरोसा दिलाया है।
उफान पर उज्ज नदी, मवेशी समेत दो लोग बाढ़ में फंसे
उधर, पठानकोट में जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बरसात से उज्ज नदी उफान पर है। मंगलवार दोपहर को अचानक आई बाढ़ में गुज्जर परिवार के दो व्यक्ति कई मवेशियों समेत नदी के एक टापू पर फंस गए हैं। उन्हें वहां से निकालने के लिए प्रशासन प्रयासरत है।
मामला सीमावर्ती गांव समराला का है, जहां दोपहर एक बजे अचानक बाढ़ आ गई। इस दौरान सभी गुज्जर परिवार वहां से मवेशियों सहित निकल गए। लेकिन दो व्यक्ति अपने मवेशियों के साथ वहीं फंस गए। देखते ही देखते जलस्तर कई फीट तक पहुंच गया। जिला प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और उन्हें वहां से निकालने का प्रयास किया।
दोनों व्यक्तियों की पहचान मस्कीन अली और शोंकूद्दीन के तौर पर हुई है। ड्रेनेज विभाग के अनुसार नदी में अचानक 1.45 लाख क्यूसेक पानी आ गया, जिससे बाढ़ के हालात बन गए। शाम पांच बजे तक दोनों व्यक्ति बाढ़ में फंसे थे। उक्त लोगों के रिश्तेदार बाग हुसैन ने बताया कि मस्कीन और शोंकूद्दीन नदी के पास पशु चरा रहे थे।
लौटते वक्त अचानक जलस्तर बढ़ गया और वह वहीं फंस गए। वहीं, बमियाल चौकी प्रभारी तरसेम सिंह ने बताया कि प्रशासन द्वारा नदी किनारे बसे अन्य परिवारों को सुरक्षित स्थानों के लिए रवाना कर दिया है और फंसे हुए व्यक्तियों को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बुड्ढा दरिया ओवरफ्लो, दो जगह से टूटने की कगार पर
मानसून की पहली बरसात ने स्मार्ट सिटी लुधियाना की पोल खोलकर रख दी है। मंगलवार को बारिश के चलते पूरे शहर में पानी भर गया। सबसे गंभीर हालात बुड्ढा दरिया के हैं। बुड्ढा दरिया ओवरफ्लो होकर शहरी एरिया में दो जगह पर टूटने की कगार पर पहुंच गया था। सही समय पर मिट्टी डालकर इसे किसी तरह से रोका गया। निगम कमिश्नर से लेकर सभी अधिकारी अब बुड्ढा दरिया पर पैनी नजर बनाए हैं।
मौसम विभाग का कहना है कि बुधवार को लुधियाना और इसके आसपास क्षेत्र में बारिश होने की पूरी संभावना है। शहर में चाहे मेयर बलकार संधू का वार्ड हो या फिर अन्य पार्षदों का, हर जगह पर पानी भरा है। पानी भरने से मुख्य रोड पर ट्रैफिक ठप हो गया। निगम के अधिकारी शहर में घूम कर हालात का जायजा ले रहे हैं।
पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के मौसम विभाग हेड प्रभजोत कौर का कहना है कि मंगलवार को सबसे ज्यादा बारिश होने का अनुमान था। दोपहर तक 122 एमएम बारिश हुई। बुधवार को भी बारिश होने का अनुमान है।