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Chandigarh News: एक दिसंबर को डायमंड जुबली मनाएगा थ्री-बीआरडी
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चंडीगढ़। थ्री-बेस रिपेयर डिपो (बीआरडी) शुक्रवार को अपनी डायमंड जुबली मनाएगा। इसमें भारतीय वायु सेना के मेंटेनेंस कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ एयर मार्शल विभास पांडे मुख्य अतिथि होंगे। इस ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बनने के लिए डिपो के कई गण्यमान्य व्यक्तियों और दिग्गजों को आमंत्रित किया गया है।
एयर मार्शल विभास पांडे, एयर कमोडोर राजीव श्रीवास्तव के साथ डिपो की डायमंड जुबली मनाने के लिए विशेष दिवस कवर जारी करेंगे। कौशल विकास पर एक सेमिनार 'रक्षा और नागरिक एमआरओ के लिए विमानन रखरखाव की दिशा में विकास' का आयोजन भी किया जाएगा, ताकि विमानन के क्षेत्र में 'आत्मनिर्भरता' को बढ़ावा दिया जा सके। वक्ताओं में भारतीय वायु सेना और भारतीय विमानन उद्योग के सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे, जो सैन्य हार्डवेयर की मरम्मत और रखरखाव में लगे निजी क्षेत्र में बहुत बड़ा योगदान दे रहे हैं। भारतीय वायु सेना के थ्री-बीआरडी की स्थापना 01 फरवरी 1962 को हुई थी। डिपो की आधारशिला भारत के तत्कालीन रक्षा मंत्री वीके कृष्ण मेनन द्वारा रखी गई थी। बेस रिपेयर डिपो को एकमात्र मरम्मत डिपो होने का अनूठा गौरव प्राप्त है। यह डिपो विमान और एयरो इंजन के ओवरहाल के साथ-साथ एक उपकरण डिपो के रूप में कार्य करता है। स्थापना के बाद से डिपो के पास 1038 विमानों की ओवरहालिंग की गौरवपूर्ण विरासत है।
डिपो को 2013 में मिला था प्रेसिडेंट कलर्स
यह डिपो रूसी फ्लीट को पुनर्जीवित कर रहा है। पिछले छह दशकों के दौरान डिपो अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय दोनों प्रयासों में रूसी हेलीकॉप्टर और एएन-32 फ्लीट का समर्थन और रखरखाव कर रहा है। डिपो ने आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ी प्रगति की है और विदेशी स्रोतों पर निर्भरता कम करने के लिए लगातार उत्साह और जोश के साथ प्रयास कर रहा है। राष्ट्र के प्रति अपनी सराहनीय सेवा के लिए डिपो को 2013 में प्रेसिडेंट कलर्स से सम्मानित किया गया था। डिपो को इस वर्ष मुख्यालय एमसी की ओर से सर्वश्रेष्ठ विमान और इंजन बीआरडी भी घोषित किया गया था। हाल ही में 8 अक्टूबर 2023 को डिपो को ऑपरेशन सपोर्ट रोल के लिए सीएएस यूनिट प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया है।
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एयर मार्शल विभास पांडे, एयर कमोडोर राजीव श्रीवास्तव के साथ डिपो की डायमंड जुबली मनाने के लिए विशेष दिवस कवर जारी करेंगे। कौशल विकास पर एक सेमिनार 'रक्षा और नागरिक एमआरओ के लिए विमानन रखरखाव की दिशा में विकास' का आयोजन भी किया जाएगा, ताकि विमानन के क्षेत्र में 'आत्मनिर्भरता' को बढ़ावा दिया जा सके। वक्ताओं में भारतीय वायु सेना और भारतीय विमानन उद्योग के सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे, जो सैन्य हार्डवेयर की मरम्मत और रखरखाव में लगे निजी क्षेत्र में बहुत बड़ा योगदान दे रहे हैं। भारतीय वायु सेना के थ्री-बीआरडी की स्थापना 01 फरवरी 1962 को हुई थी। डिपो की आधारशिला भारत के तत्कालीन रक्षा मंत्री वीके कृष्ण मेनन द्वारा रखी गई थी। बेस रिपेयर डिपो को एकमात्र मरम्मत डिपो होने का अनूठा गौरव प्राप्त है। यह डिपो विमान और एयरो इंजन के ओवरहाल के साथ-साथ एक उपकरण डिपो के रूप में कार्य करता है। स्थापना के बाद से डिपो के पास 1038 विमानों की ओवरहालिंग की गौरवपूर्ण विरासत है।
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डिपो को 2013 में मिला था प्रेसिडेंट कलर्स
यह डिपो रूसी फ्लीट को पुनर्जीवित कर रहा है। पिछले छह दशकों के दौरान डिपो अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय दोनों प्रयासों में रूसी हेलीकॉप्टर और एएन-32 फ्लीट का समर्थन और रखरखाव कर रहा है। डिपो ने आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ी प्रगति की है और विदेशी स्रोतों पर निर्भरता कम करने के लिए लगातार उत्साह और जोश के साथ प्रयास कर रहा है। राष्ट्र के प्रति अपनी सराहनीय सेवा के लिए डिपो को 2013 में प्रेसिडेंट कलर्स से सम्मानित किया गया था। डिपो को इस वर्ष मुख्यालय एमसी की ओर से सर्वश्रेष्ठ विमान और इंजन बीआरडी भी घोषित किया गया था। हाल ही में 8 अक्टूबर 2023 को डिपो को ऑपरेशन सपोर्ट रोल के लिए सीएएस यूनिट प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया है।
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