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Chandigarh News: पांच लाख की रिश्वत लेते हरियाणा पुलिस इंस्पेक्टर समेत तीन गिरफ्तार
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चंडीगढ़। सीबीआई ने यमुनानगर (हरियाणा) के साइबर थाना एसएचओ इंस्पेक्टर बलवंत सिंह समेत तीन लोगों को पांच लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए बाकी दोनों आरोपियों की पहचान हरपाल सिंह व जनेंद्र सिंह के रूप में हुई।
अमेरिका में हुई 12 करोड़ की ऑनलाइन धोखाधड़ी का मामला यमुनानगर साइबर थाने में दर्ज हुआ था। इस केस से चंडीगढ़ के एक सराफ का नाम निकालने के नाम पर एसएचओ बलवंत सिंह रिश्वत ले रहा था। सीबीआई ने तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज बुधवार दोपहर उन्हें कोर्ट में पेश किया, जहां से तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। सीबीआई ने मंगलवार रात एसएचओ बलवंत सिंह के आवास और यमुनानगर साइबर थाने में तड़के तीन बजे छापा मारकर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए हैं।
शिकायतकर्ता सुखजीत सिंह निवासी कैट-2 एमएचसी सेक्टर-13 मनीमाजरा ने बताया कि उनकी चंडीगढ़ सेक्टर-23-सी में मॉयमैडम स्टर्लिंग सिल्वर प्राइवेट लिमिटेड के नाम से सिल्वर ज्वेलरी की दुकान है। 29 मार्च को यमुनानगर पुलिस के इंस्पेक्टर बलवंत सिंह एक अन्य व्यक्ति के साथ उनकी दुकान पर आया और कहा कि वह यमुनानगर साइबर थाने का एसएचओ है। उसने विक्रमजीत, प्रो. आर वी सिल्वर मोहाली के बारे में पूछताछ की।
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शिकायतकर्ता के मुताबिक, उन्होंने इंस्पेक्टर बलवंत सिंह को बताया कि विक्रमजीत उनके किरायेदार सुमीर उप्पल उर्फ सौरभ का दामाद है, जो उन्हें जानता है और उनके साथ उनका लेनदेन भी है। इंस्पेक्टर ने बताया कि उन्होंने विक्रमजीत सिंह और आंचल नाम की महिला को पकड़ा है। विक्रम ने उन्हें 40 लाख रुपये दे रखे हैं। ज्वेलर ने बताया कि उनके पास कोई 40 लाख रुपये नहीं हैं बल्कि उन्हें खुद विक्रमजीत से 26 लाख रुपये लेने हैं। शिकायतकर्ता ने बाकायदा इंस्पेक्टर को पैसों को हिसाब-किताब भी दिखाया लेकिन इंस्पेक्टर ने धमकी देते हुए कहा कि वह 40 लाख रुपये उन्हें दे दे, नहीं हो वह उसका नाम एफआईआर में शामिल कर देगा। साथ ही धमकाया कि अगर उसे कोर्ट से राहत भी मिल गई तो भी उसके लिए मुसीबत बनी रहेगी।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, इंस्पेक्टर जब दुकान से बाहर निकलकर पार्किंग में पहुंचा तो उसकी गाड़ी में एक महिला दिखाई दी। इंस्पेक्टर ने उनसे कहा कि यह महिला उसके खिलाफ वही बयान देगी जो वह कहेगा। 31 मार्च को फिर से इंस्पेक्टर बलवंत उसकी दुकान पर आया। उस समय वह दुकान पर नहीं थे। इंस्पेक्टर ने उसे अपने मोबाइल से व्हाट्सअप कॉल की और 40 लाख की मांग की। इसके बाद 2 अप्रैल को फिर से इंस्पेक्टर बलवंत ने उसे व्हाट्सअप कॉल कर 40 लाख का इंतजाम करने के बारे में पूछा। साथ ही कहा कि वह 10 अप्रैल को चंडीगढ़ आ रहा है और उससे पहले वह पैसों का इंतजाम कर ले। इसके बाद सराफ ने सीबीआई को मामले की शिकायत दे दी।
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अमेरिका में हुई 12 करोड़ की ऑनलाइन धोखाधड़ी का मामला यमुनानगर साइबर थाने में दर्ज हुआ था। इस केस से चंडीगढ़ के एक सराफ का नाम निकालने के नाम पर एसएचओ बलवंत सिंह रिश्वत ले रहा था। सीबीआई ने तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज बुधवार दोपहर उन्हें कोर्ट में पेश किया, जहां से तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। सीबीआई ने मंगलवार रात एसएचओ बलवंत सिंह के आवास और यमुनानगर साइबर थाने में तड़के तीन बजे छापा मारकर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए हैं।
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शिकायतकर्ता सुखजीत सिंह निवासी कैट-2 एमएचसी सेक्टर-13 मनीमाजरा ने बताया कि उनकी चंडीगढ़ सेक्टर-23-सी में मॉयमैडम स्टर्लिंग सिल्वर प्राइवेट लिमिटेड के नाम से सिल्वर ज्वेलरी की दुकान है। 29 मार्च को यमुनानगर पुलिस के इंस्पेक्टर बलवंत सिंह एक अन्य व्यक्ति के साथ उनकी दुकान पर आया और कहा कि वह यमुनानगर साइबर थाने का एसएचओ है। उसने विक्रमजीत, प्रो. आर वी सिल्वर मोहाली के बारे में पूछताछ की।
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शिकायतकर्ता के मुताबिक, उन्होंने इंस्पेक्टर बलवंत सिंह को बताया कि विक्रमजीत उनके किरायेदार सुमीर उप्पल उर्फ सौरभ का दामाद है, जो उन्हें जानता है और उनके साथ उनका लेनदेन भी है। इंस्पेक्टर ने बताया कि उन्होंने विक्रमजीत सिंह और आंचल नाम की महिला को पकड़ा है। विक्रम ने उन्हें 40 लाख रुपये दे रखे हैं। ज्वेलर ने बताया कि उनके पास कोई 40 लाख रुपये नहीं हैं बल्कि उन्हें खुद विक्रमजीत से 26 लाख रुपये लेने हैं। शिकायतकर्ता ने बाकायदा इंस्पेक्टर को पैसों को हिसाब-किताब भी दिखाया लेकिन इंस्पेक्टर ने धमकी देते हुए कहा कि वह 40 लाख रुपये उन्हें दे दे, नहीं हो वह उसका नाम एफआईआर में शामिल कर देगा। साथ ही धमकाया कि अगर उसे कोर्ट से राहत भी मिल गई तो भी उसके लिए मुसीबत बनी रहेगी।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, इंस्पेक्टर जब दुकान से बाहर निकलकर पार्किंग में पहुंचा तो उसकी गाड़ी में एक महिला दिखाई दी। इंस्पेक्टर ने उनसे कहा कि यह महिला उसके खिलाफ वही बयान देगी जो वह कहेगा। 31 मार्च को फिर से इंस्पेक्टर बलवंत उसकी दुकान पर आया। उस समय वह दुकान पर नहीं थे। इंस्पेक्टर ने उसे अपने मोबाइल से व्हाट्सअप कॉल की और 40 लाख की मांग की। इसके बाद 2 अप्रैल को फिर से इंस्पेक्टर बलवंत ने उसे व्हाट्सअप कॉल कर 40 लाख का इंतजाम करने के बारे में पूछा। साथ ही कहा कि वह 10 अप्रैल को चंडीगढ़ आ रहा है और उससे पहले वह पैसों का इंतजाम कर ले। इसके बाद सराफ ने सीबीआई को मामले की शिकायत दे दी।