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जाटों ने 5 से आंदोलन की धमकी दी, सरकार सबक सिखाने को तैयार
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक/हिसार/चंडीगढ़
Updated Sun, 29 May 2016 06:05 PM IST
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जाट भ्ावन में तैनात सुरक्ष्ाा बल
- फोटो : amar ujala
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जाट आरक्षण की अधिसूचना पर हाईकोर्ट की रोक और जाटों की ओर से पांच जून को फिर से आंदोलन शुरू करने की सुगबुगाहट के बीच सरकार हाई अलर्ट पर है और पुलिस को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए हैं। हिसार में प्रशासन ने सीआरपीएफ को तैनात कर दिया है। वहां की जाट धर्मशाला में सीआरपीएफ की टुकडी पहुंच चुकी है। हालांकि अभी इस टुकड़ी के पास इससे आगे कहीं जाने का निर्देश नहीं है।
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रोहतक में भी पुलिस को उपद्रवियों से निपटने का अभ्यास करवाया जा रहा और सार्वजिनक स्थलों व नाकों पर पुलिस व अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की जा चुकी है। आंदोलन के मद्देनजर प्रदेश में फिर से शांति भंग होने की आशंका के मद्देनजर सरकार ने सभी डीसी और एसपी को निर्देश देकर जरूरी कदम उठाने को कहा है। खुद मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने कहा कि इस बार पहले वाली गलती नहीं दोहराने देंगे।
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उपद्रवियों से कड़ाई से निपटा जाएगा। उधर पश्चिमी दिल्ली के नांगलोई में रविवार को अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक है, जिसमें आंदोलन को लेकर आगामी रणनीति पर मंथन किया जाएगा। झज्जर के मांडौठी गांव में भी खापों की संभावित बैठक के मद्देनजर डीसी अनिता यादव ने शांति भंग होने पर सभा में शामिल होने वाले सभी लोगों से कड़ाई से निपटने के निर्देश जारी किए हैं।
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सूत्रों के मुताबिक पांच जून के अल्टीमेटम को लेकर अंदरूनी तौर से पुलिस काफी सक्रिय हो गई है। प्रदेश की खुफिया एजेंसियां अपने स्तर पर रिपोर्ट एकत्र करने में जुट गई है। जाट नेता यशपाल मलिक मूल रूप से पश्चिमी यूपी के मुजफ्फरनगर के रहने वाले हैं और पिछले कई सालों से हरियाणा में जाटों को आरक्षण दिए जाने की जंग छेडे़ हुए हैं। मलिक इससे पहले उत्तर प्रदेश में भी यह आंदोलन छेड़ चुके हैं। हालांकि हरियाणा में मलिक जाटों के सर्वमान्य नेता नहीं है। इसके बावजूद एक बड़ा गुट उनके साथ है। हरियाणा की पूर्व हुड्डा सरकार के कार्यकाल में हुए जाट आरक्षण आंदोलन में भी मलिक की अहम भूमिका रही है।
ऐसे संकेत मिले हैं कि हरियाणा के जाटों के साथ अब यूपी के जाट भी संघर्ष के लिए आगे आ सकते हैं। इस आशंका के चलते खुफिया एजंसियों ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। पूर्व में सक्रिय रहने वाले जाट नेताओं की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। सूत्रों के मुताबिक हाल ही में डीजीपी बने केपी सिंह पूर्व के आंदोलन के दौरान हुई गलतियां नहीं दोहराना चाहते हैं। इसलिए पुलिस के खुफिया तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है।
नांगलोई में जाट आज बनाएंगे रणनीति आरक्षण की मांग को लेकर जाट एक बार फिर आंदोलनकारी रुख अपनाने की तैयारी में जुट गए हैं। इसी सिलसिले में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति रविवार को पश्चिमी दिल्ली के नांगलोई में बैठक कर रही है। समिति अध्यक्ष यशपाल मलिक ने बताया कि बैठक में 5 जून से देशव्यापी जाट आरक्षण आंदोलन को प्रभावी ढंग से चलाने की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा ज्ञापन के माध्यम से हरियाणा के वर्तमान हालातों की जानकारी केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को दी जाएगी।
शांति भंग हुई तो सभा में शामिल होने वाले होंगे जिम्मेदार: यादव
झज्जर जिले के गांव मांडौठी में रविवार को प्रस्तावित खापों की पंचायत के मद्देनजर डीसी अनिता यादव ने नोटिस जारी कर कहा है कि शांति भंग हुई तो इसके लिए सभा में शामिल सभी लोग जिम्मेदार होंगे। यादव ने कहा है कि सूत्रों से पता चला है कि सांपला क्षेत्र तथा मांडौठी खाप की ओर से पंचायत किए जाने की संभावना है। ऐसे में उन्होंने नोटिस जारी किया है कि सभा या धरना-प्रदर्शन के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था भंग होती है, सार्वजनिक अथवा निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचता है तो आयोजन में शामिल होने वाले लोग सीधे तौर पर इसके जिम्मेवार होंगे।
मनोहरलाल खट्टर, मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग षड्यंत्र रचकर प्रदेश का भाईचारा बिगाड़ना चाहते हैं, वे सावधान रहें। ऐसे षड्यंत्र किसी भी कीमत पर सहन नहीं होंगे। इस बार प्रदेश में कानून व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी। किसी को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं है।
अश्विनी चोपड़ा, सांसद, करनाल के मुताबिक प्रदेश में जाट आरक्षण का मुद्दा खत्म हो चुका है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इस मामले पर रोक लगा दी, सरकार सुप्रीम कोर्ट में जाएगी, वहां से भी इस पर रोक ही लगेगा।
कैप्टन अभिमन्यु ने यूपी के पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में गठित कमेटी की रिपोर्ट के बारे में कहा कि सरकार इसका अध्ययन कर रही है। जल्द कमेटी की रिपोर्ट पर प्रशासनिक और विभागीय जांच में और आगे कदम बढ़ाए जाएंगे। पांच जून को जाटों की ओर से आंदोलन का एलान के बाद सुरक्षा को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि ऐसी किसी भी प्रकार की नौबत या स्थिति नहीं बनने दी जाएगी। किसी को भी कानून हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा।