{"_id":"66ad712c81c5c2f2700d0f37","slug":"threatened-by-keeping-opium-in-nris-car-extorted-money-constable-arrested-with-female-companion-chandigarh-news-c-16-pkl1043-483330-2024-08-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: एनआरआई की कार में अफीम रख धमकाया, ऐंठे पैसे, महिला साथी संग कांस्टेबल गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: एनआरआई की कार में अफीम रख धमकाया, ऐंठे पैसे, महिला साथी संग कांस्टेबल गिरफ्तार
विज्ञापन
चंडीगढ़। एनआरआई की गाड़ी में खुद ही अफीम रखकर उसे नशा तस्करी में फंसाने और एफआईआर दर्ज करने की धमकी देकर पैसे की वसूली करने के मामले में यूटी पुलिस ने अपने ही एक कांस्टेबल और उसकी महिला साथी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान कांस्टेबल बलविंदर सिंह और हरिंदर कौर के रूप में हुई है। सेक्टर-17 थाना पुलिस ने एनआरआई से लिए गए 40 हजार रुपये भी बरामद कर लिए हैं।
पुलिस ने बलविंदर और हरिंदर कौर को शुक्रवार को जिला अदालत में पेश किया, जहां से अदालत ने दोनों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। इस मामले में दो आरोपी अभी फरार हैं। फरार आरोपियों की पहचान हरिंदर की दोस्त रिया और उसके पति करण के रूप में हुई है। पुलिस दोनों की तलाश में जुटी है। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि हरिंदर कौर ने ही कांस्टेबल बलविंदर, रिया और करण के साथ मिलकर एनआरआई चीमा से पैसे ऐंठने की योजना बनाई थी।
सेक्टर-68 निवासी जसपाल सिंह चीमा ने सेक्टर-17 थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह अमेरिका में रहते हैं और दो मई को भारत आए थे। आरोपी हरिंदर कौर पिछले छह साल से उनके घर की देखभाल कर रही थी। 18 जुलाई को वह हरिंदर कौर के साथ अपनी गाड़ी से सेक्टर-22 की मार्केट में शॉपिंग करने गए थे। उन्होंने किरण सिनेमा की पार्किंग में अपनी कार खड़ी की थी। रात करीब 9.40 बजे जब वह शॉपिंग कर लौटे तो दो शख्स उनके पास आए। इनमें से एक ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी। नेम प्लेट पर बलविंदर सिंह का नाम लिखा था।
विज्ञापन
बलविंदर सिंह ने उनसे कहा कि वह उनकी गाड़ी की तलाशी लेना चाहता है। इसके बाद उसने गाड़ी की तलाशी लेनी शुरू कर दी जबकि दूसरा शख्स उनकी वीडियो बनाने लगा। चीमा को उन दोनों की हरकत पर शक हुआ। इसी बीच बलविंदर सिंह ने कहीं से एक काले रंग का लिफाफा निकाला और उसे फाड़ दिया। उसमें से कुछ पाउडर नुमा पदार्थ निकला जिसे बलविंदर ने अफीम बताया और कहने लगा कि उनके खिलाफ नशा तस्करी का बड़ा केस बनेगा। वह उन्हें धमकाने लगा जबकि चीमा ने कहा कि ये पैकेट उनका नहीं है।
इतने में चीमा के साथ मौजूद उनकी महिला मित्र हरिंदर कौर ने पुलिसकर्मी से बातचीत शुरू कर दी और मौके पर अपनी एक सहेली रिया और उसके जीजा करण को मदद के लिए बुला लिया। वे कुछ देर बाद ही वहां आ गए। उन्होंने भी पुलिसकर्मी से चीमा को छोड़ने के लिए कहा लेकिन बलविंदर सिंह केस दर्ज करने की जिद पर अड़ा रहा।
कुछ देर बातचीत के बाद बलविंदर ने कहा कि वह उन्हें छोड़ देगा लेकिन बदले में सात लाख रुपये देने होंगे।
चीमा उसकी डिमांड सुनकर हैरान रह गए। बातचीत के बाद बलविंदर तीन लाख रुपये लेने पर राजी हो गया। इसके बाद हरिंदर कौर ने चीमा का एटीएम लिया और उसमें से 40 हजार रुपये निकालकर बलविंदर को दे दिए। बलविंदर ने बाकी के 2.60 लाख रुपये जल्द ही देने के लिए कहा। बलविंदर ने करण से कहा कि वह इनकी गारंटी ले रहा है इसलिए चीमा पासपोर्ट मुझे लाकर दे दे। अगले दिन हरिंदर कौर ने चीमा से कहा कि बलविंदर उसकी दोस्त रिया और करण को धमकाकर और पैसे मांग रहा है। तब चीमा को शक हुआ कि ये सब उनके साथ साजिश के तहत किया जा रहा है, जिसमें बलविंदर के साथ हरिंदर, रिया और करण भी मिले हुए हैं। इसके बाद चीमा ने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने उनकी शिकायत पर जांच के बाद बलविंदर सिंह और हरिंदर कौर को गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
पुलिस ने बलविंदर और हरिंदर कौर को शुक्रवार को जिला अदालत में पेश किया, जहां से अदालत ने दोनों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। इस मामले में दो आरोपी अभी फरार हैं। फरार आरोपियों की पहचान हरिंदर की दोस्त रिया और उसके पति करण के रूप में हुई है। पुलिस दोनों की तलाश में जुटी है। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि हरिंदर कौर ने ही कांस्टेबल बलविंदर, रिया और करण के साथ मिलकर एनआरआई चीमा से पैसे ऐंठने की योजना बनाई थी।
विज्ञापन
सेक्टर-68 निवासी जसपाल सिंह चीमा ने सेक्टर-17 थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह अमेरिका में रहते हैं और दो मई को भारत आए थे। आरोपी हरिंदर कौर पिछले छह साल से उनके घर की देखभाल कर रही थी। 18 जुलाई को वह हरिंदर कौर के साथ अपनी गाड़ी से सेक्टर-22 की मार्केट में शॉपिंग करने गए थे। उन्होंने किरण सिनेमा की पार्किंग में अपनी कार खड़ी की थी। रात करीब 9.40 बजे जब वह शॉपिंग कर लौटे तो दो शख्स उनके पास आए। इनमें से एक ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी। नेम प्लेट पर बलविंदर सिंह का नाम लिखा था।
विज्ञापन
बलविंदर सिंह ने उनसे कहा कि वह उनकी गाड़ी की तलाशी लेना चाहता है। इसके बाद उसने गाड़ी की तलाशी लेनी शुरू कर दी जबकि दूसरा शख्स उनकी वीडियो बनाने लगा। चीमा को उन दोनों की हरकत पर शक हुआ। इसी बीच बलविंदर सिंह ने कहीं से एक काले रंग का लिफाफा निकाला और उसे फाड़ दिया। उसमें से कुछ पाउडर नुमा पदार्थ निकला जिसे बलविंदर ने अफीम बताया और कहने लगा कि उनके खिलाफ नशा तस्करी का बड़ा केस बनेगा। वह उन्हें धमकाने लगा जबकि चीमा ने कहा कि ये पैकेट उनका नहीं है।
इतने में चीमा के साथ मौजूद उनकी महिला मित्र हरिंदर कौर ने पुलिसकर्मी से बातचीत शुरू कर दी और मौके पर अपनी एक सहेली रिया और उसके जीजा करण को मदद के लिए बुला लिया। वे कुछ देर बाद ही वहां आ गए। उन्होंने भी पुलिसकर्मी से चीमा को छोड़ने के लिए कहा लेकिन बलविंदर सिंह केस दर्ज करने की जिद पर अड़ा रहा।
कुछ देर बातचीत के बाद बलविंदर ने कहा कि वह उन्हें छोड़ देगा लेकिन बदले में सात लाख रुपये देने होंगे।
चीमा उसकी डिमांड सुनकर हैरान रह गए। बातचीत के बाद बलविंदर तीन लाख रुपये लेने पर राजी हो गया। इसके बाद हरिंदर कौर ने चीमा का एटीएम लिया और उसमें से 40 हजार रुपये निकालकर बलविंदर को दे दिए। बलविंदर ने बाकी के 2.60 लाख रुपये जल्द ही देने के लिए कहा। बलविंदर ने करण से कहा कि वह इनकी गारंटी ले रहा है इसलिए चीमा पासपोर्ट मुझे लाकर दे दे। अगले दिन हरिंदर कौर ने चीमा से कहा कि बलविंदर उसकी दोस्त रिया और करण को धमकाकर और पैसे मांग रहा है। तब चीमा को शक हुआ कि ये सब उनके साथ साजिश के तहत किया जा रहा है, जिसमें बलविंदर के साथ हरिंदर, रिया और करण भी मिले हुए हैं। इसके बाद चीमा ने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने उनकी शिकायत पर जांच के बाद बलविंदर सिंह और हरिंदर कौर को गिरफ्तार कर लिया।