गुड न्यूज, अब खेती करने को नहीं जाना होगा सीमा पार
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भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास कंटीली तार लगाए जाने से किसानों में खुशी की लहर है। पहले ये तारें सीमा से दूर लगाई गईं थी। इससे किसानों को तारों के पार खेती करने के लिए जाना पड़ता था।
करीब तीन दशक पहले 1988 में पंजाब में आतंकवाद के दौरान भारत-पाक सीमा पर किसानों की जमीन पर केंद्र सरकार ने 116 किमी लंबी कंटीली तार लगाई थी। इससे सीमावर्ती किसानों का नुकसान हुआ था।
भारत सरकार ने किसानों की मांग पर सेक्टर गुरदासपुर के अधीन आते बीएसएफ की 38, 164 व 141 बटालियन के क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत से आईबी पर आधुनिक ढंग से कंटीली तार लगाने का निर्माण शुरू कर दिया है। आईबी के पास लगाई जा रही तार से किसान खुश हैं।
कंटीली तार लगने से किसानों को ये फायदा
किसान कुलबीर सिंह, गुरबख्श सिंह, प्रभशरण सिंह, धीर सिंह, दलबीर सिंह, जसवंत सिंह, भूपिंदर सिंह ने बताया कि कंटीली तार आईबी के करीब 150 गज के पास जाने के कारण उनकी सैकड़ों एकड़ जमीन तार से बाहर आ गई है।
इस कारण उनके समय की बचत होगी। फसलों की कटाई के समय उन्हें बड़े स्तर पर मजदूरों के गेट पास बनाने पड़ते थे अब कंटीली तार के पार रकबा कम हो जाने के कारण मजदूर भी कम ले जाने पड़ेंगे।
इसके अलावा पाकिस्तान की बंजर जमीन व रावी दरिया के कारण पहले जंगली जानवर उनकी फसलें खराब करते थे उससे भी राहत मिलेगी।
बीएसएफ के डीआईजी ब्रिगेडियर एनके मिश्रा ने बताया कि बीएसएफ सीमावर्ती लोगों को हर सुविधा देने और उनका जीवन स्तर ऊंचा उठाने के लिए यत्नशील हैं।
कंटीली तार आईबी के पास जाने से जहां किसानों को राहत मिलेगी वहीं खेतीबाड़ी के समय जाने वाले बीएसएफ के गार्डों की संख्या कम होगी।