चुनाव में ड्रग्स और पैसे पर अप्लाई होगा ये फॉर्मूला, आप भी जरूर पढ़े
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देश के मुख्य चुनाव आयुक्त डॉ. नसीम जैदी ने कहा है कि सियासी पार्टियों ने चुनाव के दौरान ड्रग्स, शराब और पैसे के दुरुपयोग की आशंका जताई है। इसे लेकर चुनाव आयोग बेहद गंभीर है। इसके लिए 15 नवंबर तक मजबूत रणनीति तैयार कर ली जाएगी।
अपने पंजाब दौरे के आखिरी दिन पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर आयकर, सेंट्रल व स्टेट नारकोटिक्स, एक्साइज और पुलिस विभागों के साथ रिव्यू किया गया है।
दो-तीन हफ्तों में चुनाव में ड्रग्स और पैसा रोकने को एक मजबूत रणनीति तैयार कर ली जाएगी। चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले ही उसे लागू भी कर दिया जाएगा।
जो अफसर निष्पक्ष न मिला, होगी कड़ी कार्रवाई
इसके अलावा कुछ मोबाइल ऐप भी लॉन्च किए जाएंगे, जिनके जरिए आम लोग इस तरह की बातों की शिकायत कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि सारी सरकारी मशीनरी को आगाह किया गया है कि अब से बिना पक्षपात के काम करें।
किसी के भी प्रभाव में न आएं। अगर कोई अफसर निष्पक्ष न पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आयोग सभी पुलिस स्टेशन का डाटा बेस तैयार कर रहा है। जो भी अफसर सियासी प्रभाव में है, वे आयोग के रडार पर रहेंगे। पंजाब में अंतरराष्ट्रीय और दूसरे राज्यों से लगती सीमा पर चुनाव के दौरान खास चौकसी बरती जाएगी ताकि बाहर से आने वाले नशीले पदार्थों को रोका जा सके।
ज्यादा से ज्यादा वेबकास्टिंग और सीसीटीवी कवरेज का प्रबंध किया जाएगा। जिला अधिकारियों को ईवीएम की सुरक्षा के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें ऐसे पॉकेट चिन्हित करने को कहा गया है, जहां डराने-धमकाने जैसी घटनाओं की आशंका है, ताकि वहां सुरक्षा मुहैया कराई जा सके।
सियासी दलों ने जताई कई आशंकाएं
पुराने चुनावी मामलों के जल्द निस्तारण के आदेश दिए गए हैं। जिस केस में फाइनल रिपोर्ट लगाई गई है, उसे रिव्यू किया जाएगा। डॉ. जैदी ने कहा कि पार्टियों ने गड़बड़ की आशंका के चलते ज्यादा से ज्यादा केंद्रीय बलों की नियुक्ति की मांग की थी।
इस साल जिन राज्यों में चुनाव हुए था, उनमें कुछ जगह सौ फीसदी केंद्रीय बल नियुक्त किए गए थे, पंजाब में भी ऐसा संभव है।
सियासी दलों ने जताई कई आशंकाएं
मुख्य चुनाव आयुक्त डॉ. नसीम जैदी ने कहा कि सियासी पार्टियों ने कई आशंकाएं जताई हैं। उनका कहना था कि पुलिस व प्रशासन के अधिकारी अकाली हलका इंचार्जों के प्रभाव में काम करते हैं।
बड़ी संख्या में अपराधी सक्रिय हैं, बहुत से के पैरोल पर आने की आशंका है, जो दहशत फैलाने की कोशिश करेंगे। पैसे, नशे और शराब का प्रयोग रोकने को स्पेशल टास्क फोर्स बनाई जाए।