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चौकसी : तीसरी आंख करेगी लाडलों की सुरक्षा
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चंडीगढ़। आपके लाडले की स्कूल के बाहर की सुरक्षा की जिम्मेदारी अब स्मार्ट सिटी ले रही है। स्कूल के अंदर से बच्चा किसके साथ बाहर आया, मुख्य द्वार से बाहर किसके साथ गया, इन सबकी जानकारी अब अभिभावकों को मिल सकेगी। स्मार्ट सिटी की ओर से आपराधिक गतिविधियों पर रोकथाम के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।
शहर के सरकारी स्कूलों के बाहर विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत कैमरे लगाए जा रहे हैं। प्रोजेक्ट के तहत एक कैमरा स्कूल के मुख्य द्वार के बाहर और एक कैमरा स्कूल के मुख्य द्वार के अंदर लगाया गया है। इन कैमरों में लगभग 200 मीटर तक की दूरी की फोटो साफ लेने की क्षमता है।
शहर के ज्यादातर सरकारी स्कूलों के बाहर सीसीटीवी कैमरा लग चुके हैं। ग्रामीण और कॉलोनी के स्कूलों के बाहर अभी खंभे लगाने, तारें डालने और कैमरा इंस्टालेशन का काम चल रहा है। जानकारी के अनुसार दो माह तक सभी स्कूलों में कैमरे लगवाकर इन्हें चालू कर दिया जाएगा। जीएमएसएसएस-22 के प्राचार्य राजीव कुमार और जीएमएसएसएस-35 के प्राचार्य देवेंद्र कुमार ने बताया कि उनके स्कूल के बाहर काफी समय पहले ही कैमरा लगने का काम हो चुका है।
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जीएमएसएसएस-धनास की प्राचार्य सीमा और जीएमएचएस के प्रमुख डॉ. धर्मेंद्र ने बताया कि स्कूल के बाहर कैमरा लगने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अभी खंभे खड़े किए जा रहे हैं। सीमेंट की बेसमेंट बनाकर तारें इत्यादि डाल दी गई हैं। अभी बस कैमरा लगवाने का काम रहता है।
बच्चों की सुरक्षा के लिए लगाए उच्च स्तर के कैमरा
सुरक्षा की दृष्टि से स्कूलों के द्वार पर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इसमें स्कूल के बाहर किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधियां बेहतर तरीके से रिकॉर्ड हो सकेंगी। इसका डाटा इंटिग्रेटेड सिटी कंमाड कंट्रोल सेंटर में सेव रहेगा। इन कैमरों की गुणवत्ता भी काफी उच्च स्तर की है। - आनिंदिता मित्रा, सीईओ, स्मार्ट सिटी
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शहर के सरकारी स्कूलों के बाहर विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत कैमरे लगाए जा रहे हैं। प्रोजेक्ट के तहत एक कैमरा स्कूल के मुख्य द्वार के बाहर और एक कैमरा स्कूल के मुख्य द्वार के अंदर लगाया गया है। इन कैमरों में लगभग 200 मीटर तक की दूरी की फोटो साफ लेने की क्षमता है।
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शहर के ज्यादातर सरकारी स्कूलों के बाहर सीसीटीवी कैमरा लग चुके हैं। ग्रामीण और कॉलोनी के स्कूलों के बाहर अभी खंभे लगाने, तारें डालने और कैमरा इंस्टालेशन का काम चल रहा है। जानकारी के अनुसार दो माह तक सभी स्कूलों में कैमरे लगवाकर इन्हें चालू कर दिया जाएगा। जीएमएसएसएस-22 के प्राचार्य राजीव कुमार और जीएमएसएसएस-35 के प्राचार्य देवेंद्र कुमार ने बताया कि उनके स्कूल के बाहर काफी समय पहले ही कैमरा लगने का काम हो चुका है।
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जीएमएसएसएस-धनास की प्राचार्य सीमा और जीएमएचएस के प्रमुख डॉ. धर्मेंद्र ने बताया कि स्कूल के बाहर कैमरा लगने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अभी खंभे खड़े किए जा रहे हैं। सीमेंट की बेसमेंट बनाकर तारें इत्यादि डाल दी गई हैं। अभी बस कैमरा लगवाने का काम रहता है।
बच्चों की सुरक्षा के लिए लगाए उच्च स्तर के कैमरा
सुरक्षा की दृष्टि से स्कूलों के द्वार पर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इसमें स्कूल के बाहर किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधियां बेहतर तरीके से रिकॉर्ड हो सकेंगी। इसका डाटा इंटिग्रेटेड सिटी कंमाड कंट्रोल सेंटर में सेव रहेगा। इन कैमरों की गुणवत्ता भी काफी उच्च स्तर की है। - आनिंदिता मित्रा, सीईओ, स्मार्ट सिटी