चंडीगढ़ का अभिमान हैं ये नौ देवियां: शिक्षा, कला, स्वास्थ्य, समाज सेवा, संस्कृति और खेल क्षेत्र में लहराया परचम
शहर में भी कुछ ऐसी देवियां हैं जो अपने काम की बदौलत परचम लहरा रही हैं। इन देवियों ने शिक्षा, कला, स्वास्थ्य, समाज सेवा, संस्कृति, खेल के क्षेत्र में मिसाल पेश कर नाम कमाया है। नवरात्र के खास मौके पर हम आपको शहर की नौ ऐसी देवियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने नारी शक्ति का अहसास कराया है।
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नवरात्र में आदि शक्ति मां दुर्गा लोगों की चिंताओं को हरकर सभी प्रकार की नकारात्मक शक्तियों का नाश करती हैं। शहर में भी कुछ ऐसी देवियां हैं जो अपने काम की बदौलत परचम लहरा रही हैं। इन देवियों ने शिक्षा, कला, स्वास्थ्य, समाज सेवा, संस्कृति, खेल के क्षेत्र में मिसाल पेश कर नाम कमाया है। आज इनकी कामयाबी का जिक्र हर तरफ है। नवरात्र के खास मौके पर हम आपको शहर की नौ ऐसी देवियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने नारी शक्ति का अहसास कराया है।
रामलीला में मंचन कर तोड़ा पुरुष प्रधानता का भ्रम
सेक्टर- 33 निवासी सलोनी राणा स्कूल के समय से ही थिएटर से जुड़ी हैं। 14 वर्ष तक रामलीला में सीता का अभिनय करने के साथ सलोनी ने पुरुष प्रधानता के भ्रम को भी तोड़ा है। हर किरदार को निभाने वाले पुरुषों के बीच सलोनी शहर की पहली ऐसी लड़की थी जिन्होंने रामलीला में अभिनय किया। संजीदगी भरे अभिनय को देखकर उन्हें ट्राइसिटी में सर्वश्रेष्ठ सीता का पुरस्कार दिया गया। उनके इस अभिनय को राष्ट्रीय स्तर पर भी काफी सराहा गया है। सलोनी ने बताया कि उन्होंने सबरी और अहिल्या के किरदार भी निभाए हैं। फिलहाल दो वर्षों से कैकेयी और मंदोदरी का किरदार निभा रही हैं।
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शिक्षा से वंचित बच्चों के लिए मां सरस्वती का रूप है काश्वी
शिक्षा से वंचित बच्चों के लिए काश्वी मां सरस्वती का रूप है। 16 वर्ष की आयु में उन्होंने लेखन कार्य शुरू किया। तलवारबाजी में उन्होंने दो बार राष्ट्रीय पदक जीता है। काश्वी ने बताया कि जब उन्हें पता चला कि बहुत सारे बच्चे आज भी शिक्षा से वंचित है, तब से उन्होंने ऐसे बच्चों के लिए काम करने का मन बना लिया। 11वीं की छात्रा काश्वी सीसीपीसीआर की ओर से शहर में बाल अधिकारों की ब्रांड एंबेसडर हैं। उन्होंने बताया कि पढ़ाई के साथ-साथ दिसंबर 2020 में ब्लॉग लिखना भी शुरू किया। वे यहां सामाजिक कार्यों से मिले जिंदगी के अनुभवों के साथ कविताएं भी लिखती हैं।
निशाना लगा दुनिया में किया नाम रोशन
स्टार शूटर गनीमत सेखों ने निशानेबाजी से देश-विदेश में शहर का नाम रोशन किया है। खेल के प्रति समर्पण की भावना को देखते हुए कई बच्चों के लिए वह प्रेरणास्रोत हैं। हाल ही में पेरू की राजधानी लीमा में खेली गई आईएसएसएफ जूनियर विश्व शूटिंग चैंपियनशिप में गनीमत ने स्कीट निशानेबाजी स्पर्धा में एक स्वर्ण और एक रजद पदकर जीतकर देश का नाम रोशन किया है। फिजिकल फिटनेस और मानसिक तौर पर अपनेआप को कैसे मजबूत बना सकते हैं, के बारे में अलख जगा रही हैं।
तैराकी में झटके पदक, बढ़ाया देश का मान
गोल्डन गर्ल के नाम से जाने वाली चाहत अरोड़ा स्वीमिंग की बदौलत दुनियाभर में मशहूर हैं। चाहत के नाम कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के पदक और रिकॉर्ड शामिल हैं। हाल ही में मोहाली में खेले गए पंजाब स्टेट स्वीमिंग चैंपियनशिप में विभिन्न खेलों में खिलाड़ियों को हराकर चाहत ने मेडल जीते थे। इसके साथ ही तीन नए राष्ट्रीय स्तर के रिकॉर्ड भी बना डाले। उन्होंने पीयू के पूल से तैराकी की शुरुआत की। आज देश की प्रमुख 10 महिला तैराकाें की सूची में उनका नाम शुमार है।
आवाज के दम पर पुनीता बावा ने दुनिया कर ली मुठ्ठी में
सेक्टर- 16 निवासी पुनीता बावा ने अपनी आवाज के दम पर देश को मंत्रमुग्ध किया है। आवाज के कारण ही उन्हें राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री की सभाओं में संचालन करने का मौका मिला है। बेहतर एंकरिंग के दम पर पुनीता को दो बार स्टेट अवॉर्ड मिल चुका है। उन्हें चंडीगढ़ के एंकरिंग पैनल में भी शामिल किया गया है। पुनीता बावा ने बताया कि सबसे पहले उन्होंने गांधी स्मारक भवन में एंकरिंग की। वर्ष 2015 में गणतंत्र दिवस और 2021 में स्वतंत्रता दिवस पर स्टेट अवॉर्ड मिला। उन्होंने बताया कि 83 मेरिट प्रमाण पत्र के अलावा उन्हें नगद पुरस्कार भी मिल चुके हैं।
महामारी में प्रो. मधु गुप्ता ने प्रदान किया वैक्सीन का सुरक्षा कवच
पीजीआई के तहत आने वाले सामुदायिक चिकित्सा विभाग की प्रोफेसर प्रो. मधु गुप्ता ने 2003 में ज्वॉइन किया। बच्चों को वैक्सीन से सुरक्षित करने के अभियान में वह अहम भूमिका निभा रही हैं। बच्चों के वैक्सीन पैंटावेलेन, रोटा वायरस, मिजिल्स-रूबैला की सफलता में इनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनकी योग्यता को देखते हुए ही सरकार और पीजीआई प्रशासन ने उन्हें कोरोना महामारी से बचाव के लिए बनाई गई कोविशिल्ड वैक्सीन की ट्रायल कमेटी की प्रिंसिपल कोआर्डिनेटर भी बनाया था। इनकी देखरेख में शुरू हुआ ट्रायल भी सफल रहा। प्रो. मधु ने बताया कि मौजूदा समय में टीबी से बचाव के लिए वैक्सीन तैयार करने में जुटी हुई हैं।
दीक्षा ने अभिनय में दिखाया दम विदेशी परदे पर भी रंग बिखेरा
सेक्टर- 36 निवासी दीक्षा शर्मा ने वर्ष 2014 में थिएटर आर्ट्स से जुड़कर अभियन की शुरुआत की। अभिनय के दम पर सबका मन मोह लेने वाली दीक्षा को देश ही नहीं विदेशों में भी अभिनय का मौका मिला। दीक्षा ने रानी बलबीर कौर के साथ भी काम किया है। फिल्म ‘फ्लाइंग जट’ में दीक्षा ने अभिनय का लोहा मनवाया है। इसके बाद तो उन्हें विज्ञापन में भी काम करने का मौका मिला। रामलीला में सीता के अभिनय से आगाज करने वाली दीक्षा ने देश-विदेश में कई पुरस्कार प्राप्त किए हैं। उन्होंने बताया कि कैलिफोर्निया और टेक्सास में उनके काम को काफी सराहा गया। कैलिफोर्निया में उन्हें पुरस्कार से नवाजा। उन्होंने रियलिटी शो में भी काम किया है।
रामलीला मंच से आगाज नौकरी के साथ ईक्षा ने अभिनय में कमाया नाम
सेक्टर-49डी की रहने वाली ईक्षा ने नौकरी के साथ रंगमंच और अभिनय के दम पर मुकाम हासिल किया है। उन्होंने अभिनय की शुरुआत रामलीला से की। इसके बाद कई नाटकों में संजीदा अभिनय कर लोगों के दिल में छाप छोड़ने में कामयाब रहीं। वाणिज्य क्षेत्र में नौकरी करने वाली ईक्षा का कहना है कि उन्हें अभिनय के शौक ने इस मुकाम पर पहुंचाया है। वह शाम के समय और छुट्टी के दिन अपना समय रंगमंच और अभिनय को देती हैं। वेब सीरीज ब्लाइंड डेट और ब्रोकन हार्ट में काम करने के साथ गानों में भी अभिनय का जलवा बिखेर चुकी हैं।
रितिका ने पढ़ाया शिक्षा का पाठ, राष्ट्रपति से मिला पुरस्कार
पंजाब यूनिवर्सिटी के एंथ्रोपोलॉजी विभाग से एमएससी की छात्रा रितिका वर्मा पांच साल से समाज सेवा कर नाम कमा रही हैं। मोहाली की रहने वाली रितिका धनास गांव के लोगों में लगातार जागरूकता फैला रही हैं। वह स्वच्छता, जल संरक्षण, पॉक्सो एक्ट, बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ, मलेरिया आदि के बारे में लोगों को बताती रहती हैं। उन्होंने एनएसएस में भी बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। कोरोना काल में लोग घरों में कैद थे, लेकिन उनके हौसले बुलंद थे। उन्होंने गांव-गांव जाकर लोगों को कोरोना से बचाव के तरीके बताए। उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए राष्ट्रपति ने एनएसएस के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित कर चुके हैं। उनका कहना है कि समाज सेवा कर दिल को सुकून मिलता है।