'डेरा प्रेमियों से हुई थी लड़ाई, अब ब्लास्ट मामले में झूठा फंसा रही पुलिस'
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एक महिला ने पुलिस पर उसके पति को हिरासत में लेने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि पुलिस उसके पति को मौड़ मंडी ब्लास्ट मामले झूठा फंसाना चाहती है। महिला का कहना है कि साल 2009 में उसके ममेरे भाई कुलवीर सिंह की कुछ डेरा प्रेमियों से लड़ाई हुई थी।
इसके बाद पुलिस उन्हें लगातार परेशान कर रही है। उन्होंने कहा कि उक्त पुलिस अधिकारी व अन्य कर्मियों के खिलाफ उन्होंने ह्यूमन कमीशन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीफ जस्टिस को पत्र लिख इंसाफ की मांग की है।
सतनाम कौर ने आरोप लगाते हुए कहा है कि उसका पति गुरशरण सिंह लहरा मोहब्बत थर्मल में कर्मी है। पुलिस उसे हिरासत में लेकर जिले की मौड़ मंडी ब्लास्ट मामले फसाना चाहती है।
उसने आरोप लगाया कि सीआईए स्टाफ बठिंडा के प्रभारी रजिंदर कुमार उनके परिवार से रंजिश रखते हैं। महिला ने बताया कि उसका देवर गुरप्यार सिंह जो कमांडो पुलिस में तैनात है, लेकिन उसकी भी पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की, जबकि उसके पति बेकसूर है।
'प्रधानमंत्री और चीफ जस्टिस को लिखा पत्र'
महिला के साथ आई मौड़ मंडी निवासी उनकी मामी रजिंदर कौर ने बताया कि जिस दिन मंडी में घटना हुई है, उस दौरान गुरशरण सिंह अपनी पत्नी समेत उनके घर मिलने आया था। उसके दोनों बेटे अमृतधारी हैं।
उन्होंने बठिंडा सीआईए स्टाफ के प्रभारी रजिंदर कुमार पर आरोप लगाते हुए कहा कि धमाके से कुछ घंटे के बाद वह बिना महिला पुलिस कर्मियों से उनके घर आए। वहां से उनके भांजे गुरशरण सिंह को हिरासत में लेकर चले गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अब उक्त मामले में उनके दोनों बेटों कुलवीर सिंह और सतबीर सिंह समेत उसके भांजे को फंसाना चाहती है। रजिंदर कौर ने चेतावनी दी है कि अगर आगामी दिनों में पुलिस ने उनकी कोई सुनवाई न की तो वे सीआईए स्टाफ प्रभारी रजिंदर कुमार के कार्यालय के आगे पूरे परिवार समेत आत्मदाह कर लेंगे।
उक्त आरोपों का सामना कर रहे सीआईए स्टाफ प्रभारी रजिंदर कुमार का कहना है कि उक्त महिलाओं की ओर से लगाए जा रहे सभी आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस के पास उक्त मामले में गुरशरण नामक कोई युवक नहीं है।