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25.37 करोड़ की टैक्स चोरी में तीन महीने बाद भी दर्ज नहीं हुआ मुकदमा

Sun, 24 Nov 2019 01:06 AM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sun, 24 Nov 2019 01:06 AM IST
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theft
इनपुट क्रेडिट से 25.37 करोड़ जीएसटी चोरी के मामले में पांच बोगस टैक्सपेयर के खिलाफ तीन माह बाद भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया है। एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट ने कई बार रिमाइंडर भी भेजा है। इन पांच बोगस टैक्सपेयर की कंपनियों का टर्न ओवर 87.98 करोड़ बताया जा रहा है।
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चंडीगढ़ में रजिस्टर्ड पांच डीलरों ने इनपुट क्रेडिट के जरिए 25.37 करोड़ डकार लिए थे। अगस्त 2019 में जब इस मामले का खुलासा हुआ तो एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट के कमिश्नर मनदीप सिंह बराड़ की ओर से डीलरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे। असिस्टेंट एक्साइज एंड टेक्सेशन कमिश्नर आरके चौधरी ने बोगस डीलरों की सूची बनाकर संबंधित थानों में इसकी सूचना दे दी थी और मुकदमा दर्ज करने के लिए कहा था। पुलिस की ओर से मुकदमा दर्ज करने के लिए कुछ जरूरी कागजात मांगे गए थे, जिसको विभाग ने दे दिया, लेकिन तीन माह बाद भी इन बोगस डीलरों के खिलाफ चंडीगढ़ पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। डिपार्टमेंट के अधिकारियों के अनुसार कई बार इस बाबत रिमाइंडर भेजे गए, लेकिन अभी तक इस तरफ कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है।
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ट्रांजेक्शन की जांच में हुआ था खुलासा
एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट ने ऐसे 20 जीएसटीएन नंबर वाले बोगस डीलरों की सूची जारी की थी, जो बिना कुछ खरीदे-बेचे सिर्फ इनपुट टैक्स क्रेडिट के जरिए प्रशासन को करोड़ों का चूना लगा रहे थे। 20 बोगस डीलरों में से पांच डीलर चंडीगढ़ ज्यूरीडिक्शन के थे। डिपार्टमेंट को जीएसटी में इनपुट टैक्स क्रेडिट में हेराफेरी के दौरान चेक हुई ट्रांसजेक्शन के दौरान यह खुलासा हुआ था।
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पांचों बोगस डीलर स्क्रैप डीलर
डिपार्टमेंट के अनुसार पांचों बोगस डीलर स्क्रैप डीलर्स हैं। यह सिटी के बाहर कार्य करते हैं। यहीं से यह पांचों पूरे खेल को अंजाम देते थे।
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दूसरे राज्यों से बिल बनाकर लाते थे
अगस्त में हुई जांच में यह पता चला था कि लोकल लेवल पर डीलरों के द्वारा किसी प्रकार की कोई ट्रांजेक्शन नहीं की गई है। साथ ही बिना कोई सामान सेल या परचेज किए ही यह दूसरे राज्यों के बिल बनवाकर ले आते थे। इन बिलों के जरिए आगे दूसरे डीलरों को देकर उस पर इनपुट टैक्स क्रेडिट लेकर मोटी रकम बना रहे थे।
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इन स्क्रैप डीलरों पर लगी पेनाल्टी
फर्म का नाम टर्नओवर टैक्स पैनाल्टी
मैसर्स एके ट्रेडिंग कंपनी 21.67 करोड़ 9.10 करोड़
मैसर्स विनीत इंटरप्राइजेज 25.04 करोड़ 5.10 करोड़
मैसर्स आरजे इंटरप्राइजेज 4.78 करोड़ 96.27 लाख
मैसर्स महादेव मैटल्स 20.46 करोड़ 4.02 करोड़
मैसर्स एचएस ग्रुप 16.03 करोड़ 6.19 करोड़
कुल 87.98 करोड़ 25.37 करोड़
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