ठगों के निशाने पर पुलिसवाले: सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर की फर्जी फेसबुक आईडी बनाई, दोस्तों से मांगे रुपये
- शातिर ठग ने पहले दोस्तों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी फिर रुपयों की मांग करने लगा
- दोस्त के माध्यम से फर्जीवाड़े का पता चलते ही सावधान रहने की अपील
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चंडीगढ़ पुलिस के अधिकारियों का सोशल मीडिया पर नाम और फोटो इस्तेमाल कर शातिर उनके दोस्तों से रुपये ऐंठने में लगे हैं। शनिवार को एक ऐसा ही मामला सामने आया। यूटी पुलिस के सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर अच्छर चंद के नाम की फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर उनके दोस्तों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर ठगने की कोशिश की गई। मामले की भनक लगते ही इंस्पेक्टर चौकन्ने हो गए और उन्होंने मामले की शिकायत साइबर सेल को कर दी। साइबर सेल ने जांच शुरू कर दी है।
हुआ यूं कि किसी ने सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर अच्छर चंद का फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर उनके दोस्तों को शनिवार सुबह रिक्वेस्ट भेजना शुरू कर दिया। इस दौरान कई जानकारों ने अच्छर चंद की आईडी को सही समझकर दोस्तों की लिस्ट में भी शामिल कर लिया। इसके बाद शातिर ठग ने फेसबुक मैसेंजर से उनके दोस्तों को मैसेज कर किसी से 10 तो किसी से 15 हजार रुपये की मदद मांगनी शुरू कर दी।
शातिर ने मैसेज में कहा कि उन्हें 15 हजार की सख्त जरूरत है, वह बाद में लौटा देंगे। यह मैसेज पढ़कर उनके दोस्तों को कुछ अजीब लगा। सुबह-सुबह ही अच्छर चंद के मोबाइल पर फोन आने शुरू हुए तो मामले का खुलासा हुआ। उन्होंने फेसबुक अकाउंट पर 'लिखा दोस्तों मैं आपको एक जरूरी अपडेट दे रहा हूं, कोई मेरा फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर मेरे नाम से फेसबुक रिक्वेस्ट भेज रहा है, आप सबसे अपील है कि इस तरह के फर्जी अकाउंट को मान्य न करें, मेरा सिर्फ यही अकाउंट है, अगर कोई रिक्वेस्ट आए तो मेरे मोबाइल नंबर पर संपर्क करें।' इसके बाद कई लोगों ने कमेंट कर कहा कि उनके पास भी आए मैसेज में रुपये मांगे जा रहे हैं।
दोस्तों से लगी फर्जी आईडी की भनक
अच्छर चंद ने बताया कि शनिवार सुबह उनके मोबाइल पर किसी जानकार का फोन आया, जोकि पहले से मेरे फेसबुक फ्रेंड लिस्ट में जुड़े है। उन्होंने बताया कि आपके नाम से किसी ने फेसबुक मैसेंजर से मैसेज भेजकर 15 हजार रुपयों की मांग की है। यह सुनकर हैरान रह गया। फौरन अपनी आईडी चेक की और उसमें सभी दोस्तों को आगाह करते हुए पोस्ट लिखा ताकि कोई ठगी का शिकार न हो सके।
ऐसे करते हैं ठगी करने की कोशिश
शातिर ठग सबसे पहले फर्जी आईडी बनाकर दोस्तों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते हैं। इसके बाद वह फेसबुक मैसेंजर के जरिए गुड मॉर्निंग का मैसेज भेजकर चैटिंग शुरू करते हैं और फिर पैसों की मांग करते हुए मोबाइल नंबर भेजकर गूगल-पे के जरिए पैसे भेजने को कहते हैं। साथ ही यह भी वादा करते हैं कि उनके पैसे कुछ दिन में लौटा दिए जाएंगे।
20 दिन में पुलिस अधिकारी से दूसरी घटना
बता दें कि बीते पांच सितंबर को तत्कालीन ईस्ट डीएसपी दिलशेर सिंह चंदेल का फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर लोगों को रिक्वेस्ट भेजकर 20 हजार रुपये मांगे गए थे। मामले की शिकायत साइबर सेल को दी गई थी लेकिन मामला अब अनसुलझा है। वहीं, अब घटना के करीब 20 दिन बाद एक फिर ऐसा ही मामला सामने आया है।