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एक ऐसा रामायण जिसमें राम रॉकेट से और रावण टैंक से लड़ते दिखे
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 04 Feb 2017 01:25 PM IST
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इंटरनेशनल पपेट शो का टैगोर थियेटर में हुआ आगाज
- फोटो : अमर उजाला
सिटी ब्यूटीफुल के टैगोर थिएटर में शुक्रवार से चार दिवसीय 5वें इंटरनेशनल पपेट शो की शुरूआत हुई। इसका आयोजन दिल्ली के इशारा इंटरनेशनल पपेट थिएटर ट्रस्ट की मदद से डिपार्टमेंट ऑफ कल्चरल अफेयर्स एवं टैगोर थिएटर सोसायटी कर रही है। पपेट शो चार दिन चक चलेगा। पहले दिन इंडोनेशिया के ग्रुप की ओर से शो- द थेफ्ट ऑफ सीता की प्रस्तुति दी गई। इसकी अवधि 45 मिनट की रही। इंटरनेशनल पपेट शो केपहले दिन काफी संख्या में लोग टैगोर थिएटर पहुंचे।
पहले दिन सीता हरण दृश्य का कठपुतली के जरिए इंडोनेशिया के कलाकारों ने द थेप्ट ऑफ सीता शो क े जरिए मंचन किया। जिसे लाइट और साउंड के जरिए बेहतर शानदार तरीके से दर्शाया गया था। 45 मिनट के इस शो में महाग्रंथ रामायण के दृश्यों को मंच पर जीवंत किया गया। कठपुतिली के जरिए दिखाया गया कि कैसे माता सीता ,श्री राम के साथ अकेले वन में रहती है और रावण छल से उनके हरण कर लेता है।
जिसके बाद राम उन्हें छड़ाने के लिए वन की यात्रा करते हुए बाली का वध करते हुए उनके बाई सुग्रिव को सिंहासन पर बिठाता है। इसके बाद सुग्रिव की सहायता से रावण की चंगुल से सीता को आजाद कराने के लिए लंका पर आक्त्रस्मण करते हैं। जिसके बाद विध्वंसक युद्ध का दृश्य लाइट, साउंड के जरिए पेश किया जाता है।
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पहले दिन सीता हरण दृश्य का कठपुतली के जरिए इंडोनेशिया के कलाकारों ने द थेप्ट ऑफ सीता शो क े जरिए मंचन किया। जिसे लाइट और साउंड के जरिए बेहतर शानदार तरीके से दर्शाया गया था। 45 मिनट के इस शो में महाग्रंथ रामायण के दृश्यों को मंच पर जीवंत किया गया। कठपुतिली के जरिए दिखाया गया कि कैसे माता सीता ,श्री राम के साथ अकेले वन में रहती है और रावण छल से उनके हरण कर लेता है।
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जिसके बाद राम उन्हें छड़ाने के लिए वन की यात्रा करते हुए बाली का वध करते हुए उनके बाई सुग्रिव को सिंहासन पर बिठाता है। इसके बाद सुग्रिव की सहायता से रावण की चंगुल से सीता को आजाद कराने के लिए लंका पर आक्त्रस्मण करते हैं। जिसके बाद विध्वंसक युद्ध का दृश्य लाइट, साउंड के जरिए पेश किया जाता है।
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