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चौथी लहर की आहट... अपने लाड़लों को दें टीके का कवच

Tue, 26 Apr 2022 02:15 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 26 Apr 2022 02:15 AM IST
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The sound of the fourth wave... give your dear ones a shield of vaccine
चंडीगढ़। कोरोना से बचाव के लिए 15 से 18 वर्ष तक के किशोरों के बाद अब 12-14 वर्ष के बच्चों व किशारों का टीकाकरण अभियान चल रहा है। हालांकि तमाम कोशिशों के बावजूद इस उम्र के लाभार्थियों की संख्या नहीं बढ़ रही। स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बच्चों से ज्यादा उनके अभिभावक डर रहे हैं जबकि विशेषज्ञों की राय में टीका बच्चों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। टीका लगवाने के बाद हल्का बुखार और शरीर में दर्द की शिकायत हो सकती है। इससे ज्यादा किसी तरह की परेशानी का खतरा नहीं है।
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स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, शहर में अब तक चंडीगढ़ व अन्य शहरों के 11 लाख से ज्यादा लोगों को टीका लगाया जा चुका है। अब तक किसी को भी कोई गंभीर परेशानी नहीं हुई है इसलिए डर को दरकिनार कर बच्चों को टीके का सुरक्षा चक्र प्रदान करना बेहद जरूरी है। विभाग के अनुसार, अगर चौथी लहर आई तो बच्चों की सेहत खतरे में होगी इसलिए टीका लगवाने से होने वाले चंद घंटों के बुखार के डर से अपने बच्चों को महामारी के शिकंजे में भेजने की गलती न करें।
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अबकी स्कूल बंद हुए तो बच्चों को संभालना होगा मुश्किल
भारतीय बाल अकादमी की सदस्य डॉ. गुजंन बवेजा का कहना है कि अब किसी भी हाल में बच्चों का स्कूल जाना बंद नहीं होना चाहिए क्योंकि पिछले दो वर्षों में बच्चों के घर पर रहने से उनका मानसिक विकास बाधित हुआ है। साथ ही वे डिप्रेशन के शिकार हुए हैं। अकेलापन और कम बोलने की आदत उन पर हावी हुई है। उस स्थिति में पहुंचे बच्चों को सामान्य स्थिति में लाना बहुत मुश्किल है इसलिए जरूरी है कि अभिभावक बच्चों को जल्द से जल्द टीका लगवा लें ताकि संक्रमण की स्थिति में स्कूल बंद करने की नौबत न आए।
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बच्चों का टीकाकरण पूरी तरह सुरक्षित
पीजीआई में कोरोना टीके के ट्रायल की प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर डॉ. मधु गुप्ता कहती हैं कि बच्चों का टीकाकरण अभियान ट्रायल की सफलता के बाद शुरू किया गया है इसलिए किसी तरह के भ्रम, कही सुनी बातों और डर को टीका न लगवाने का आधार न बनने दें। 12-14 साल के बच्चों का टीकाकरण इसलिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि घर से बाहर जाने वाले ग्रुप में यही वह वर्ग है जो टीके से वंचित है। ऐसे में अगर संक्रमण फैला तो वे बेहद आसानी से शिकार बनेंगे। टीकाकरण होने के बाद संक्रमण की गंभीरता का खतरा कम होगा।

इनसेट-
कोरोना टीकाकरण की अब तक की स्थिति
उम्र लक्ष्य प्राप्ति
18 साल से ऊपर 843000 1084894
12-14 साल 45000 17478
15-18 साल 72000 66483
कोट
12-14 साल के बच्चों के टीकाकरण अभियान को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए स्वास्थ्य विभाग व शिक्षा विभाग दोनों मिलकर काम कर रहे हैं। शिक्षा विभाग की कार्य योजना के अनुसार स्कूलों को चिह्नित कर टीकाकरण शिविर भी लगाए जा रहे हैं ताकि बच्चों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। अभिभावकों से अपील है कि वे अपने बच्चों को टीका लगवाने में देरी न करें।
-यशपाल गर्ग, स्वास्थ्य सचिव
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