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कोरोना का कोहराम: इलाज खोजने को देशभर में चल रहे रिसर्च, पंजाब विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक भी जुटे

Sat, 21 Mar 2020 11:39 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Sat, 21 Mar 2020 11:39 PM IST
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Corona virus in Chandigarh: The Central Government sought research projects from scientists for research on Corona
पीयू - फोटो : फाइल फोटो

दुनियाभर में कोहराम मचा रहे कोरोना वायरस पर रिसर्च पर रिसर्च चल रहे हैं। कहीं वैक्सीन तो कहीं पर दवाएं बनाई जा रही हैं। इस कड़ी में भारत भी पीछे नहीं है। उन्होंने भी वैज्ञानिकों से कहा है कि वह 30 मार्च तक रिसर्च प्रोजेक्ट उन्हें सौंपे। जल्द से जल्द यह प्रोजेक्ट पास करके फंडिंग की जाएगी और रिजल्ट भी सरकार को जल्दी देने होंगे। यानी समय समय पर रिजल्ट शेयर करने होंगे ताकि सरकार अपनी अन्य तैयारियां भी कर सके। इसी कड़ी में पीयू की दो शिक्षिकाओं ने इस पर रिसर्च शुरू कर दिया है। सूत्रों का कहना है कि उन्होंने तेजी से काम शुरू किया है। जल्द से जल्द इसके परिणाम सामने आएंगे।

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पीयू शिक्षिकाओं को हरसंभव मदद करने को तैयार
केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के अधीन आने वाले डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी ने इसके लिए ऑनलाइन सूचना प्रेषित की है। उन्होंने सभी वैज्ञानिकों से कहा है कि कोरोना पर जो भी काम करने की इच्छुक हों, वह जल्द से जल्द अपना प्रोजेक्ट तैयार कर विभाग को भेज दें। अब तक इस विभाग की ओर से जो भी प्रोजेक्ट मांगे जाते थे उसके लिए एक माह तक का समय दिया जाता था, लेकिन अभी स्थिति वह नहीं है।
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देश को जल्द से जल्द कोरोना का निदान चाहिए। पूरी दुनिया के वैज्ञानिक रिसर्च पर लगे हैं। ऐसे में देश के वैज्ञानिकों का भी बड़ा योगदान रहे। इसी के तहत आवेदन मांगे गए हैं। पंजाब यूनिवर्सिटी की दो शिक्षिकाएं इसके लिए रिसर्च प्रोजेक्ट बनाने में जुट गए हैं।
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पीयू इन शिक्षिकाओं की हरसंभव मदद को भी तैयार है। इसके अलावा इन्हें अन्य सुविधाएं भी पीयू मुहैया करा सकता है। चाहे वह आर्थिक हो या फिर संसाधन के रूप में। सरकार ने यह भी कहा है कि प्रोजेक्ट के बेहतर मिलते ही उसे पास कर दिया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि रिसर्च करने वाले वैज्ञानिकों को रातोंरात काम करना होगा और समय-समय पर रिजल्ट सरकार से शेयर करने होंगे।

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