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पंजाब सरकार सिख भावनाओं से खिलवाड़ कर रही : धामी
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हलवारा। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अपनी विफलताओं को जनता की भावनाओं से खिलवाड़ कर छिपाया नहीं जा सकता। रायकोट के ऐतिहासिक गुरुद्वारा टाहलीआणा साहिब में सालाना जोड़ मेले के उद्घाटन अवसर पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है और अब असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए एसजीपीसी से टकराव की राजनीति कर रही है।
धामी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को चेतावनी देते हुए कहा कि इतिहास गवाह है कि एसजीपीसी से टकराने वाली सरकारों और संगठनों को हमेशा मुंह की खानी पड़ी है। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी गुरुओं के आशीर्वाद से चुनी गई एक मजबूत और स्वायत्त संस्था है, जो किसी भी दबाव में झुकने वाली नहीं है।
श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 पवित्र स्वरूपों के गायब होने के मामले में धामी ने स्पष्ट किया कि इस प्रकरण में पहले ही 16 अधिकारियों को बर्खास्त किया जा चुका है, जबकि सतिंदर सिंह को वर्ष 2020 में ही पद से हटा दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे को बार-बार उठाकर 2027 विधानसभा चुनाव से पहले जनता के सवालों से बचने की कोशिश कर रही है। बेरोजगारी, नशा, कानून-व्यवस्था और विकास जैसे मुद्दों पर सरकार के पास कोई जवाब नहीं है।
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सिख संस्थाओं के मामले में दखल बर्दाश्त नहीं
धामी ने कहा कि सिख संस्थाओं के मामलों में दखल देना आग से खेलने जैसा है और सरकार युवाओं को भड़काकर अपने राजनीतिक हित साधना चाहती है जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसजीपीसी प्रधान ने श्री आनंदपुर साहिब से तख्त श्री दमदमा साहिब तलवंडी साबो तक बने श्री गुरु गोबिंद सिंह मार्ग की बदहाल स्थिति पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक मार्ग पर गुरु साहिब के नाम से लगे मील पत्थर उपेक्षा का शिकार हैं।
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धामी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को चेतावनी देते हुए कहा कि इतिहास गवाह है कि एसजीपीसी से टकराने वाली सरकारों और संगठनों को हमेशा मुंह की खानी पड़ी है। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी गुरुओं के आशीर्वाद से चुनी गई एक मजबूत और स्वायत्त संस्था है, जो किसी भी दबाव में झुकने वाली नहीं है।
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श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 पवित्र स्वरूपों के गायब होने के मामले में धामी ने स्पष्ट किया कि इस प्रकरण में पहले ही 16 अधिकारियों को बर्खास्त किया जा चुका है, जबकि सतिंदर सिंह को वर्ष 2020 में ही पद से हटा दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे को बार-बार उठाकर 2027 विधानसभा चुनाव से पहले जनता के सवालों से बचने की कोशिश कर रही है। बेरोजगारी, नशा, कानून-व्यवस्था और विकास जैसे मुद्दों पर सरकार के पास कोई जवाब नहीं है।
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सिख संस्थाओं के मामले में दखल बर्दाश्त नहीं
धामी ने कहा कि सिख संस्थाओं के मामलों में दखल देना आग से खेलने जैसा है और सरकार युवाओं को भड़काकर अपने राजनीतिक हित साधना चाहती है जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसजीपीसी प्रधान ने श्री आनंदपुर साहिब से तख्त श्री दमदमा साहिब तलवंडी साबो तक बने श्री गुरु गोबिंद सिंह मार्ग की बदहाल स्थिति पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक मार्ग पर गुरु साहिब के नाम से लगे मील पत्थर उपेक्षा का शिकार हैं।