जब पीएम मोदी की इस बात पर ठहर गई थी सांसे और भीड़ रही खामोश
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पीएम नरेंद्र मोदी शुक्रवार को आयोजित रैली में पंजाब के किसानों की बात करते करते अचानक बोले कि पंजाब के किसानों का एसवाईएल के पानी पर हक है या नहीं... जनता की तरफ से जवाब आया ‘हां है..’ पंजाब के किसानों को पानी चाहिए या नहीं... लगने लगा था कि मोदी मंच से घोषणा करने जा रहे हैं कि एसवाईएल पर पंजाब का हक है।
पंडाल में एक दम शांति छा गई और स्टेज पर बैठे सीएम बादल भी उत्सुकता से पीएम की तरफ देखने लगे। इसके बाद मोदी ने अगली लाइन में कहा कि मैंने काफी कड़वाहट भरा फैसला किया है... कि पाकिस्तान जाने वाला सिंधू नदी का पानी रोककर पंजाब के किसानों को दिया जाए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएपी में आयोजित रैली में मुख्यमंत्री बादल की तारीफों के पुल बांध लिए। उन्होंने कहा कि यहां अकाली दल के सीएम बादल ऐसे हैं, जिन्होंने न दिल बदला है और न ही दल।
कांग्रेस पर कटाक्ष किया है कि उसका रंग क्या है?
सीएम की तारीफ करते हुए मोदी ने कहा कि वह जब पहली बार सीएम बने थे तो सबसे युवा मुख्यमंत्री थे और अब सबसे वरिष्ठ। मोदी ने कहा कि वह पंजाब के प्रभारी भी रहे हैं और बादल की उंगली पकड़कर चलना सीखते रहे हैं। इसलिए जनता को शिअद व भाजपा को चुनाव जीताकर एक इतिहास रचना चाहिए।
राहुल गांधी का नाम लिए बिना मोदी ने कहा कि कुछ लोग पंजाब के नौजवानों और सूबे को बदनाम कर रहे हैं। पंजाब के गेहूं से ही देश का पेट भरता है। हर बार जब भी सीएम बादल उनसे मिलते हैं, किसानों की ही बात करते हैं। मोदी ने कहा कि दुख की बात है कि कुछ लोग राजनीति को निचले स्तर पर ले आए हैं और पंजाब को दाग लगा रहे हैं।
राजनीति अपनी जगह है लेकिन पंजाब के नौजवानों को बदनाम नहीं किया जाना चाहिए। जनता से अपील की कि वह बदनाम करने वालों को ऐसी सजा दें कि आगे से कोई उंगली उठाकर देखे नहीं।
मोदी ने कांग्रेस पर कटाक्ष किया है कि उसका रंग क्या है? राह क्या है? सत्ता के बिना छटपटा रहे हैं जैसे पानी के बिना मछली। कांग्रेस अब इतिहास है और बीती बात है।