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Chandigarh News: नाटक ने दर्शकों को गुदगुदाया, बुजुर्गों के अकेलापन के दर्द को भी दिखाया

Mon, 22 Jul 2024 07:13 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 22 Jul 2024 07:13 AM IST
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The play tickled the audience and also showed the pain of loneliness of the elderly
टैगोर थिएटर के मिनी ऑडिटोरियम में चार दिवसीय पंजाबी नाट्य उत्सव के दूसरे दिन नाटक ‘कर लओ घिउ नूं भांडा’ का मंचन
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंडीगढ़। टैगोर थिएटर के मिनी ऑडिटोरियम में रविवार को नाटक ‘कर लओ घिउ नूं भांडा’ का मंचन हुआ। यह आयोजन रूपक कला एवं वेलफेयर सोसाइटी की ओर से चार दिवसीय पंजाबी नाट्य उत्सव के दूसरे दिन हुआ। यह जयवर्धन का लिखा नाटक हाय हैंडसम का पंजाबी रूपांतरण है। डॉ. लक्खा लहरी के निर्देशन में सार्थक रंगमंच पटियाला के कलाकारों ने नाटक में अभिनय किया। नाटक में बुजुर्गों का अकेलापन के दर्द को दिखाया गया है। बुजुर्गों का अपना अकेलापन खत्म करने के लिए किसी साथी की तलाश करने जैसी स्थितियां जहां दर्शकों को गुदगुदाया और वहीं सोचने के लिए मजबूर भी कर देता है। नाटक में भरपूर हास्य दिखाया गया।
नाटक की शुरुआत में एक घर से होती है। एक घर में रिटायर्ड कर्नल, उनका बेटा और एक बहु रहते हैं। बहु माॅडर्न है और माडलिंग करती है। वह कॅरिअर बनाना चाहती है। इसलिए वह संतान पैदा नहीं करना चाहती। उसका मानना है कि इससे उसके शरीर का फीगर खराब हो जाएगा। उसका पति किचन का काम करता है। जब उसका पति कहता है कि पिता कहते हैं कि उन्हें पोता-पोती चाहिए तो वह उल्टा ही पत्नी समझाती है कि पूजा-पाठ करो। दुनियावी बातों में मत रहो।
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लड़की की मां भी अकेले रहती है। वह भी घर पर आती-जाती रहती है। ऐसे में कर्नल से उन्हें धीरे-धीरे प्यार होने लगता है। उसके बाद दोनों विवाह कर लेते हैं। इस पर बेटी एतराज करती है। वह मां और ससुर से कहती है कि विवाह क्यों किया। इस पर कर्नल कहते हैं कि आप हमारी तरफ नहीं सोचती है। आपका ध्यान हमारी ओर नहीं है। हमारे पास जीने के लिए क्या है। पोता-पोती होती तो हमारा भी मन लगा रहता। नाटक में संदेश दिया गया कि कॅरिअर बनाने के चक्कर में अपना परिवार को परेशानी में मत डालिए। परिवार और उनके सदस्यों के भाव को भी समझना जरूरी है। हास्य से भरपूर नाटक का सुखद अंत होता है। नाटक में करमन सिद्धू, टापुर शर्मा, लवप्रीत सिंह, मनप्रीत सिंह, विशाल सोनवाल और बहार ग्रोवर ने अभिनय किया है।
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