हरियाणाः सीजन में सबसे ज्यादा पराली फतेहाबाद में जली, फिर बिगड़ने लगी आबोहवा
- कई जिलों में अभी तक जारी है पराली जलाने का सिलसिला
- हरियाणा में अब तक 10 हजार मामले आ चुके हैं सामने
- अधिक पराली जलाने में जींद, कैथल, करनाल व कुरुक्षेत्र के किसान भी पीछे नहीं
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विस्तार
हरियाणा में धान का सीजन खत्म होने के बावजूद अभी तक किसानों द्वारा पराली जलाने का सिलसिला जारी है। जागरूकता के बावजूद इस सीजन में भी हर जिले में किसानों ने पराली जलाई। इसमें फतेहाबाद ऐसा जिला रहा, जहां सबसे ज्यादा 1777 जगह पराली जलाई गई। अधिक पराली जलाने वाले जिलों में जींद, कैथल, करनाल व कुरुक्षेत्र के किसान भी पीछे नहीं रहे। प्रदेश में अब तक पराली जलाने के 10 हजार मामले सामने आए हैं।
इस बार पराली कम जले इसे लेकर हरियाणा सरकार शुरू से ही गंभीर थी। हरियाणा प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड व कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग दोनों मिलकर इसे लेकर अलग-अलग जागरूकता अभियान छेड़े हुए थे। गांवों में चौपालें लगाकार किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक किया गया। इतना ही नहीं कृषि विभाग का खास फोकस पराली प्रबंधन पर रहा। कृषि विभाग के उप निदेशक डा. गिरीश नागपाल ने बताया कि कई जिलों में पराली प्रबंधन के प्रति किसानों ने खासी जागरूकता दिखाई और इसके बेहतर परिणाम भी सामने आए हैं।
उम्मीद थी कि दिवाली के बाद हुई बारिश से प्रदेश की आबोहवा में काफी सुधार आएगा। मगर 19 नवंबर तक प्रदेश में पराली जलाने के मामले दर्ज किए गए। जिसका विपरीत असर प्रदेश की फिजा पर पड़ रहा है। कई जिले ऐसे हैं, जहां फिर से हवा खराब होने लगी है। इन जिलों में वायु गुणवत्ता सूचकांक भी 300 के पार पहुंच गया है। 19 नवंबर को भी प्रदेश में 47 जगह पराली जलाने के मामले दर्ज किए गए।
पराली से कमाई के विकल्प की तरफ बढ़ें किसान
उधर, हरियाणा प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के सदस्य सचिव एस. नारायणन ने बताया कि कई जिलों में वायु प्रदूषण की स्थिति अभी बेहतर नहीं है। बोर्ड और कृषि विभाग मिलकर किसानों को पराली न करने के लिए लगातार जागरूक कर रहा है। किसानों को भी पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेवारी समझते हुए पराली को जलाने की बजाए इससे कमाई करने के विकल्प की ओर बढ़ना चाहिए।
प्रदेश में पराली जलाने के मामले
जिला पराली जलने के केस
फतेहाबाद 1777
अंबाला 805
भिवानी 24
चरखीदादरी 5
फरीदाबाद 8
गुरुग्राम 8
हिसार 282
झज्जर 27
जींद 1143
कैथल 1552
करनाल 1046
कुरुक्षेत्र 839
महेंद्रगढ़ 4
नूहं 4
रोहतक 138
पंचकूला 34
पानीपत 108
पलवल 118
रेवाड़ी 4
सिरसा 501
सोनीपत 159
यमुनानगर 504
तीन जिलों में 300, छह में 200 के पार वायु गुणवत्ता सूचकांक
प्रदेश के विभिन्न जिलों में हवा फिर से खराब होने लगी है। वीरवार को तीन जिलों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के पार पहुंच गया। फतेहाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 374 दर्ज किया गया। इसके अलावा हिसार का वायु गुणवत्ता
सूचकांक 325 और फरीदाबाद का 305 दर्ज किया गया। वहीं 6 स्थानों का वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 के पार रहा। दूसरी तरफ, लगातार चल रही ठंडी हवाओं के कारण प्रदेशभर में ठंड बढ़ रही है। वीरवार को हिसार का दिन का तापमान 23.5 डिग्री सेल्सियस और रात्रि तापमान 10.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खिचड़ ने बताया कि प्रदेश में 23 नवंबर तक मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील एवं खुश्क रहने की संभावना है।
इस दौरान दो पश्चिमी विक्षोभ पहाड़ों की तरफ जाएंगे और वहां बर्फबारी करेंगे। इस दौरान प्रदेश में आंशिक बादलवाई रह सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी के बाद उत्तर पश्चिमी ठंडी हवाएं चलेंगी, जिससे मैदानी क्षेत्रों में ठंड बढ़ेगी और सुबह के समय कहीं-कहीं हल्की धुंध छाई रह सकती है।
कहां कितना रहा एक्यूआई
स्थान एक्यूआई
फतेहाबाद 374
हिसार 325
फरीदाबाद 374
मानेसर 291
गुरुग्राम 288
धारूहेड़ा 278
बहादुरगढ़ 268
जींद 254
रोहतक 211