{"_id":"61bcba692187557aa53b0bf9","slug":"the-issue-of-not-allowing-namaz-to-be-offered-in-the-open-was-raised-in-the-haryana-legislative-assembly","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा विधानसभा: सदन में गूंजा खुले में नमाज नहीं पढ़ने देने का मामला, मेवात के विधायक बोले- धर्म के मामले में दखल न दे सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा विधानसभा: सदन में गूंजा खुले में नमाज नहीं पढ़ने देने का मामला, मेवात के विधायक बोले- धर्म के मामले में दखल न दे सरकार
Fri, 17 Dec 2021 09:57 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Fri, 17 Dec 2021 09:57 PM IST
सार
हरियाणा विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुक्रवार को शुरू हुआ। मेवात के विधायकों ने खुले में नमाज नहीं पढ़ने देने वाले सीएम के बयान को जोर शोर से उठाया।
विज्ञापन
हरियाणा विधानसभा सत्र के दौरान बोलते मुख्यमंत्री मनोहर लाल।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुक्रवार को शुरू हो गया है। प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा गुरुग्राम में खुले में नमाज नहीं पढ़ने देने के बयान को लेकर सदन में मामला गूंजा। मेवात के विधायकों ने इस मामले को जोर शोर से उठाया और मांग की कि सीएम इसके लिए माफी मांगें, साथ ही मुस्लिमों को खुले में नमाज पढ़ने दें। साथ ही कहा कि सरकार को धर्म के मामले में दखल नहीं देना चाहिए।
विज्ञापन
विधायक मोहम्मद इलियास ने कहा कि देश की आजादी में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सभी ने बलिदान दिया है। आज भी सभी भाईचारे के साथ रह रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री द्वारा खुले में नमाज नहीं पढ़ने देने के बयान से बड़ा दुख हुआ है। कुछ पार्टी धर्म में बाधा डाल रही है। महात्मा गांधी ने मेवात में आकर कहा था कि मेव देश की रीढ़ की हड्डी हैं, इसलिए उस समय वे पाकिस्तान नहीं गए थे।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें : हरियाणा विधानसभा: शीतकालीन सत्र प्रारंभ, कांग्रेस ने जलभराव का मुद्दा उठाया, सीएम व मंत्री के जवाब के बाद हंगामा
विज्ञापन
विधायक मामन खान ने कहा कि मुख्यमंत्री नमाज को लेकर दिया गया अपना बयान वापस लें। धर्म के नाम पर वोटों की लड़ाई न लडे़ं। धर्म अलग मसला है। लोगों को खुले में नमाज पढ़ने दें। याद हो कि 10 दिसंबर को गुरुग्राम में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा था कि किसी भी कीमत पर खुले में नमाज नहीं होने दी जाएगी। कोई अपनी जगह, नमाज, पाठ या पूजा करता है तो हमें कोई दिक्कत नहीं है।