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क्रिकेट के दीवानों के लिए खुशखबरीः टेस्ट क्रिकेट के स्कोर कार्ड का इतिहास अब मिलेगा इन किताबों में

Sun, 22 Jul 2018 04:00 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 22 Jul 2018 04:00 PM IST
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The history of the score card of the test cricket will now be available in these books
लेखक गोविंद की किताब का विमोचन करते हुए संजय टंडन
भारत में करोड़ों लोग क्रिकेट स्टारों के दीवाने हैं। वहीं एक शख्स ऐसा भी है जो इन स्टार क्रिकेटर्स के स्कोर कार्ड को कई वर्षों से अपनी डायरी में लिखता आया है। हम बात कर रहे हैं महाराष्ट्र के रहने वाले 69 वर्षीय गोविंद एच बडे की। जिनकी क्रिकेट के स्कोर कार्ड पर लिखी किताब ‘वर्ल्ड क्रिकेट बुक’ का शनिवार को चंडीगढ़ के द ब्रिटिश स्कूल में विमोचन हुआ।
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इस बुक का विमोचन में भाजपा के नेता और यूटी क्रिकेट एसोसिएशन के प्रधान संजय टंडन मौजूद रहे। गोविंद एच बडे की किताब के तीन भाग हैं। इनमें वर्ष 1963 से लेकर 2014 तक के टेस्ट क्रिकेट का स्कोर मौजूद है। इन वर्षों में कुल 1400 टेस्ट का रिकार्ड इन्होंने अपनी किताबों में दर्ज किया है। पहली किताब में 1963- 1989 तक टेस्ट स्कोर, दूसरी किताब में 1989- 2003 तक टेस्ट  स्कोर, तीसरी किताब में 2003-2014 तक टेस्ट स्कोर लिखा हुआ है।
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दसवीं कक्षा से शुरू हुआ सफर 
गोविंद एच बडे महाराष्ट्र के अंकोला के रहने वाले हैं। एग्रीकल्चलर यूनिवर्सिटी से एसोसिएट प्रोफेसर के पद से रिटायर हुए। इन्होंने बताया कि जब वह 10वीं कक्षा में थे तो क्रिकेट के प्रति जनून जागा। भारतीय टीम देश या फिर विदेशों में जाती जो अखबार में आने वाले क्रिकेट स्कोर को अपनी डायरी में नोट कर लेते। उस समय टीवी भी नहीं था तो अखबारों में अपनी वाली कटिंग से काम चलना पड़ता था। इस तरह वर्ष 2014 तक 1400 टेस्ट का रिकार्ड 14 डायरी में नोट किया।
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महाराष्ट्र में मेरी किताब न छपने का मलाल 
उन्होंने बताया कि जब अपनी डायरी में रखे रिकार्ड को महाराष्ट्र के कई प्रशासकों से छापने के लिए मैंने अपने दोस्तों से बात की तो हर एक 2800 पन्न्ने की किताब छापने से मना कर दिया। इसके बाद एक वेबसाइट पर पंजाब के खन्ना के उमेश सहगल से पिछले साल 21 जून को बात हुई और आज 21 जुलाई को ठीक एक साल बाद मेरी किताब को इन्होंने छपवा दिया।

कई महत्वपूर्ण टेस्ट क्रिकेट आज भी जहन में 
गोविंद एच बडे के दिमाग में आज भी चर्चित टेस्ट मैचों की यादें ताजा हैं। जैसे कि वर्ष 1970 में भारत इंग्लैंड की टेस्ट सीरीज जिसमें गेंदबाज जॉन लीवर ने गेंद को शाइन करने के लिए ग्रीस का सहारा लिया था और 14 विकेट चटका डाले थे। उस वक्त वह किसी की नजर में नहीं आए। ऐसे ही वर्ष मद्रास में 1984 का टेस्ट मैच जिसमें आस्ट्रेलियाई बल्लेबाज डीन जोंस ने 212 रन की पारी खेली।


इस पारी के दौरान पर लगभग 8 बार क्रीज पर गिर भी गए। इस मौके पर संजय टंडन ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट को किताब में लिखा जाना अपने आप में एक बड़ी बात है। ऐसी किताब को लाइब्रेरी और क्रिकेट पवेलियन में रखा जाना चाहिए।
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