फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   The High Court took cognizance of the blockage caused by the MLAs' foot march on the High Court road and the judges' vehicles getting stuck.

Chandigarh News: विधायकों की पदयात्रा से हाईकोर्ट मार्ग पर जाम, जजों के वाहन फंसने पर हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान

Wed, 25 Feb 2026 02:14 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 25 Feb 2026 02:14 AM IST
विज्ञापन
The High Court took cognizance of the blockage caused by the MLAs' foot march on the High Court road and the judges' vehicles getting stuck.
मामले की गंभीरता को देखते हुए चंडीगढ़ के डीजीपी को किया गया तलब
विज्ञापन


भविष्य में अदालती समय में यातायात बाधित न हो, इसके लिए हर संभव प्रयास का डीजीपी ने दिलाया विश्वास

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। विधानसभा सत्र के दौरान विधायकों की पदयात्रा व अन्य कारणों से अदालत परिसर की ओर जाने वाले मार्ग पर लगे ट्रैफिक जाम को गंभीरता से लेते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मंगलवार सुबह मामले का संज्ञान लेते हुए चंडीगढ़ पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को तलब कर लिया। कोर्ट के आदेश पर डीजीपी हाजिर हुए और अदालती समय के दौरान यातायात बाधित न हो, इसके लिए हर संभव प्रयास करने का अदालत को विश्वास दिलाया।

जाम की स्थिति उस समय बनी जब विपक्षी दल के विधायक विधानसभा सत्र में भाग लेने के लिए पैदल ही विधानसभा की ओर बढ़े।

जस्टिस संदीप मोदगिल सुबह करीब 9:55 बजे हाईकोर्ट की ओर जा रहे थे। इस दौरान राउंडअबाउट पर भारी जाम लग गया। अधिकांश न्यायाधीश जाम में फंस गए, जिससे अदालत की कार्यवाही समय पर शुरू नहीं हो सकी।
विज्ञापन


जस्टिस संदीप मोदगिल ने मामले का संज्ञान लेते हुए कहा कि उनके निजी सुरक्षा अधिकारी को वाहन से उतरकर यातायात सुचारु कराने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा, क्योंकि मौके पर तैनात पुलिसकर्मी समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं कर सके। उन्होंने चंडीगढ़ पुलिस की कथित ढिलाई पर सवाल उठाते हुए यूटी डीजीपी को अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि यह प्रथम दृष्टया गंभीर लापरवाही और कर्तव्य में चूक का मामला प्रतीत होता है तथा यह स्पष्ट किया जाए कि प्रदर्शनकारी सिविल सचिवालय के मुख्य द्वार तक कैसे पहुंच गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


दोपहर बाद जब मामला सुनवाई के लिए आया तो डीजीपी के साथ एसएसपी (ट्रैफिक) और एसएसपी (पुलिस) भी अदालत में मौजूद रहे। यूटी प्रशासन की ओर से कहा गया कि असामान्य स्थिति उस समय उत्पन्न हुई जब विपक्षी विधायकों ने चौराहे से करीब 150 मीटर पहले अपने वाहन छोड़कर पैदल मार्च करने का निर्णय लिया, जिससे अचानक जाम की स्थिति बन गई। यह भी दलील दी गई कि हाल के बम धमकी अलर्ट के कारण विधानसभा में प्रवेश करने वालों की कड़ी जांच की जा रही थी, जिससे सामान्य से अधिक समय लग रहा था।

हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसी परिस्थितियां कभी-कभी नियंत्रण से बाहर हो सकती हैं, किंतु अदालती समय में न्यायालय तक निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करना अनिवार्य है। पीठ के समक्ष डीजीपी ने विश्वास दिलाया कि अदालती समय से पहले और बाद में यातायात प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारियों को विशेष निर्देश जारी किए जाएंगे, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।


अदालत ने इस आश्वासन को रिकॉर्ड पर लेते हुए कहा कि ये निर्देश जमीनी स्तर तक, ट्रैफिक कांस्टेबल तक प्रभावी रूप से लागू किए जाएं। इसके साथ ही अदालत ने कार्यवाही समाप्त करते हुए स्पष्ट किया कि न्यायालय की सुचारू कार्यप्रणाली में किसी भी प्रकार की बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed