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Chandigarh News: हिमाचल की महिला में धड़का चंडीगढ़ के युवक का दिल
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चंडीगढ़। पीजीआई में सोमवार देर रात हिमाचल प्रदेश की 30 साल की महिला में चंडीगढ़ के 36 वर्षीय पुरुष का हृदय प्रत्यारोपित किया गया। पीजीआई में यह 9वां हृदय प्रत्यारोपण है। इससे पहले कोविड के दौरान साल 2020 में चंडीगढ़ के 13 साल के कृष्णा में हृदय प्रत्यारोपित किया गया था, जो सामान्य जीवन जी रहा है। हृदय प्रत्यारोपण के बाद महिला को गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में डॉक्टरों की टीम की देखरेख में रखा गया है। चंडीगढ़ के युवक को चार दिन पहले सिर में गंभीर चोट लगने के बाद पीजीआई में इलाज के दौरान ब्रेन डेड घोषित किया गया था। वहीं, दूसरी तरफ हिमाचल की 30 साल की महिला जो मांसपेशियों की कमजोरी के कारण हृदय की गंभीर बीमारी से पीड़ित थी, उसका पीजीआई में इलाज चल रहा था। डॉक्टरों ने हृदय प्रत्यारोपण ही बचाव के लिए एकमात्र विकल्प बताया था। कॉर्डियोथोरेसिक टीम के डॉ. हरकांत सिंह के नेतृत्व में महिला में हृदय प्रत्यारोपित किया गया। इस सर्जरी की सफलता सुनिश्चित करने के लिए पीजीआई ने हर संभव प्रयास कर रखे हैं।
अब तक 36 हृदय में से महज 9 पीजीआई में ट्रांसप्लांट
पीजीआई में साल 2013 में पहला हृदय प्रत्यारोपण हुआ था। पीजीआई में यह 9वां हृदय प्रत्यारोपण है जबकि अंगदान अभियान के अंतर्गत पीजीआई में अब तक 36 हृदय दान हो जा चुके हैं। इनमें से 27 हृदय ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से अन्य शहरों में भर्ती मरीजों को भेजे जा चुके हैं। सफलता दर संतोषजनक न होने की वजह से पीजीआई में हृदय प्रत्यारोपण की रफ्तार धीमी है क्योंकि सर्जरी के बाद रिजेक्शन और फॉलोअप में लापरवाही के चलते मरीज का सरवाइव करना मुश्किल होता है।
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अब तक 36 हृदय में से महज 9 पीजीआई में ट्रांसप्लांट
पीजीआई में साल 2013 में पहला हृदय प्रत्यारोपण हुआ था। पीजीआई में यह 9वां हृदय प्रत्यारोपण है जबकि अंगदान अभियान के अंतर्गत पीजीआई में अब तक 36 हृदय दान हो जा चुके हैं। इनमें से 27 हृदय ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से अन्य शहरों में भर्ती मरीजों को भेजे जा चुके हैं। सफलता दर संतोषजनक न होने की वजह से पीजीआई में हृदय प्रत्यारोपण की रफ्तार धीमी है क्योंकि सर्जरी के बाद रिजेक्शन और फॉलोअप में लापरवाही के चलते मरीज का सरवाइव करना मुश्किल होता है।
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