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Chandigarh News: फ्लाइट रनवे पर उतर ही रही थी, करना पड़ गया टेकऑफ<bha>;</bha> अटक गईं यात्रियों की सांसें
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चंडीगढ़। शहीद भगत सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सोमवार सुबह मुंबई से चंडीगढ़ आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट में सवार यात्रियों की उस समय सांसें थम गईं, जब रनवे को छूने से कुछ क्षण पहले विमान अचानक फिर आसमान की ओर उड़ गया। एयरपोर्ट पर मौजूद लोग भी कुछ पल के लिए हैरान रह गए कि आखिर लैंडिंग के अंतिम चरण में विमान ने दोबारा उड़ान क्यों भर ली। करीब 15 मिनट तक विमान हवा में चक्कर लगाने के बाद दोबारा लौटा और सुरक्षित उतर गया। इसके बाद यात्रियों और एयरपोर्ट पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।
एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार सुबह करीब 7:51 बजे विमान अंतिम एप्रोच पर था। इसी दौरान पायलट को रनवे का सही एलाइनमेंट नहीं मिला। यात्रियों की सुरक्षा को देखते देते हुए उसने बिना जोखिम उठाए लैंडिंग का प्रयास छोड़ दिया और विमान को दोबारा हवा में ले गया। विमानन क्षेत्र में इस मानक सुरक्षा प्रक्रिया को गो-अराउंड कहा जाता है। निर्धारित उड़ान पैटर्न पूरा करने के बाद विमान ने करीब 8:06 बजे दोबारा रनवे पर एप्रोच लिया और सामान्य रूप से लैंडिंग कर ली।
विमान के अचानक ऊपर उठने से एयरपोर्ट के आसपास मौजूद लोगों में भी कुछ देर तक उत्सुकता बनी रही। कई लोग यह जानने की कोशिश करते रहे कि आखिर विमान क्यों लौट गया। हालांकि कुछ ही देर बाद सुरक्षित लैंडिंग होने से स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई।
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एयरपोर्ट प्रबंधन ने घटना पर आधिकारिक टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया। विमानन विशेषज्ञों के अनुसार गो-अराउंड किसी तकनीकी खराबी का संकेत नहीं होता बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा मानकों का हिस्सा है। यदि पायलट को लैंडिंग के दौरान रनवे एलाइनमेंट, अस्थिर एप्रोच या किसी अन्य संभावित जोखिम का आभास होता है तो वह तुरंत विमान को दोबारा हवा में ले जाता है।
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एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार सुबह करीब 7:51 बजे विमान अंतिम एप्रोच पर था। इसी दौरान पायलट को रनवे का सही एलाइनमेंट नहीं मिला। यात्रियों की सुरक्षा को देखते देते हुए उसने बिना जोखिम उठाए लैंडिंग का प्रयास छोड़ दिया और विमान को दोबारा हवा में ले गया। विमानन क्षेत्र में इस मानक सुरक्षा प्रक्रिया को गो-अराउंड कहा जाता है। निर्धारित उड़ान पैटर्न पूरा करने के बाद विमान ने करीब 8:06 बजे दोबारा रनवे पर एप्रोच लिया और सामान्य रूप से लैंडिंग कर ली।
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विमान के अचानक ऊपर उठने से एयरपोर्ट के आसपास मौजूद लोगों में भी कुछ देर तक उत्सुकता बनी रही। कई लोग यह जानने की कोशिश करते रहे कि आखिर विमान क्यों लौट गया। हालांकि कुछ ही देर बाद सुरक्षित लैंडिंग होने से स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई।
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एयरपोर्ट प्रबंधन ने घटना पर आधिकारिक टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया। विमानन विशेषज्ञों के अनुसार गो-अराउंड किसी तकनीकी खराबी का संकेत नहीं होता बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय विमानन सुरक्षा मानकों का हिस्सा है। यदि पायलट को लैंडिंग के दौरान रनवे एलाइनमेंट, अस्थिर एप्रोच या किसी अन्य संभावित जोखिम का आभास होता है तो वह तुरंत विमान को दोबारा हवा में ले जाता है।