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माइनरों में पानी बंद किए जाने से भड़के किसान
ब्यूरो/अमर उजाला कैथ्ाल
Updated Tue, 26 Aug 2014 01:09 AM IST
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कलायत। खंड कलायत तथा उपमंडल नरवाना के माइनरों में पानी बंद किए जाने से गुुस्साए 16 गांव के सैकड़ों किसानों अनाज मंडी में रोष जताया।
इस दौरान उन्होंने सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एकत्रित हुए किसानों का कहना था कि प्रशासन द्वारा माइनरों में यदि पानी नहीं छोड़ा गया तो वे राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद मौके पर पहुंचे सिंचाई विभाग के एक्स ई एन कृष्ण कुमार ने किसानों को बराबर बांटकर पानी दिए जाने के आश्वासन दिया। तब किसान शांत हुए।
कलायत खंड के गांव कौलेखां, ढुंढवा, लांबा खेड़ी, कुराड़, सिणंद, दुब्बल, कलायत व नरवाना उपमंडल के गांव गुरुसर, भाणा ब्रह्मणान, नेपावाला, धरौदी, अंबरसर कर्मगढ़ आदि गांव किसान सोमवार को सुबह से ही ट्रैक्टर-ट्राली में सवार होकर अनाज मंडी में पहुंचने शुरू हो गए। एकत्रित किसानों का कहना था कि नहरों में पानी होने के बावजूद भी किसानों को पानी नहीं दिया जा रहा और नेताओं के दबाव में अन्य जगह पानी भेजा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि किसानों ने महंगाई के दौर में किसी प्रकार से धान की रोपाई तो कर ली लेकिन बरसात न होने के कारण उन्हें पानी की बहुत अधिक जरूरत है। उन्होंने कहा कि माइनरों में पानी बंद किए जाने से उनकी फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है। एकत्रित किसानों ने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया कि यदि जल्द से जल्द पानी नहीं छोड़ा गया तो सभी किसान हिसार चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा देंगे। किसानों का गुस्सा देखते हुए सिंचाई विभाग के एक्सईएन कृष्ण कुमार मौके पर पहुंचे तथा किसानों से विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि बरसात की कमी के कारण पूरे प्रदेश में पानी की किल्लत बनी हुई है तथा सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं। उन्होंने कहा कि माइनरों में पानी छोड़ दिया गया है तथा किसानों को बांटकर पानी दिया जाएगा।
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इस दौरान उन्होंने सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एकत्रित हुए किसानों का कहना था कि प्रशासन द्वारा माइनरों में यदि पानी नहीं छोड़ा गया तो वे राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद मौके पर पहुंचे सिंचाई विभाग के एक्स ई एन कृष्ण कुमार ने किसानों को बराबर बांटकर पानी दिए जाने के आश्वासन दिया। तब किसान शांत हुए।
कलायत खंड के गांव कौलेखां, ढुंढवा, लांबा खेड़ी, कुराड़, सिणंद, दुब्बल, कलायत व नरवाना उपमंडल के गांव गुरुसर, भाणा ब्रह्मणान, नेपावाला, धरौदी, अंबरसर कर्मगढ़ आदि गांव किसान सोमवार को सुबह से ही ट्रैक्टर-ट्राली में सवार होकर अनाज मंडी में पहुंचने शुरू हो गए। एकत्रित किसानों का कहना था कि नहरों में पानी होने के बावजूद भी किसानों को पानी नहीं दिया जा रहा और नेताओं के दबाव में अन्य जगह पानी भेजा जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि किसानों ने महंगाई के दौर में किसी प्रकार से धान की रोपाई तो कर ली लेकिन बरसात न होने के कारण उन्हें पानी की बहुत अधिक जरूरत है। उन्होंने कहा कि माइनरों में पानी बंद किए जाने से उनकी फसल सूखने की कगार पर पहुंच गई है। एकत्रित किसानों ने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया कि यदि जल्द से जल्द पानी नहीं छोड़ा गया तो सभी किसान हिसार चंडीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा देंगे। किसानों का गुस्सा देखते हुए सिंचाई विभाग के एक्सईएन कृष्ण कुमार मौके पर पहुंचे तथा किसानों से विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि बरसात की कमी के कारण पूरे प्रदेश में पानी की किल्लत बनी हुई है तथा सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं। उन्होंने कहा कि माइनरों में पानी छोड़ दिया गया है तथा किसानों को बांटकर पानी दिया जाएगा।
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