कुछ रंग प्यार के ऐसे भी : हादसे ने राहुल को दिया जीवन भर का जख्म, लेकिन अनामिका नहीं छोड़ा साथ
प्यार में समर्पण और धैर्य कितना जरूरी है, यह राहुल और अनामिका के रिश्ते से सीखा जा सकता है। दोनों एक दूसरे को बेहद प्यार करते थे और जब लगा कि वह एक दूसरे के हो जाएंगे, तभी कुदरत का कहर उन पर टूट पड़ा।
एक हादसे में राहुल के कंधे से नीचे का शरीर पूरी तरह से लकवाग्रस्त हो गया। अनामिका चाहती तो अपनी राह बदल सकती थी लेकिन उसने मुसीबत की इस घड़ी में अपने प्यार को अकेला नहीं छोड़ा।
उसने राहुल का साथ चुना। चार साल तक खुद को पूरी तरह समर्पित कर राहुल की सेवा की। परिवार के सदस्य भी खिलाफ हो गए लेकिन दोनों ने एक-दूजे का साथ नहीं छोड़ा।
राहुल और अनामिका की कहानी उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद से शुरू हुई और वहीं उनका प्यार परवान चढ़ा। फिर चंडीगढ़ में आकर दोनों ने सात जन्मों तक साथ रहने की कसम खाईं।
दोनों एक दूसरे को वर्ष 1999 से जानते थे, जब वह करीब नौ साल के थे। वर्ष 2008 में दोनों को लगा कि उनका रिश्ता दोस्ती से भी गहरा है। सब कुछ अच्छा चल रहा था कि 13 मार्च 2016 को राहुल एक हादसे का शिकार हो गए।
परीक्षा देने जा रहे राहुल की बाइक फिसल गई। हादसे में उसकी पीठ में चोट आई, जिसकी वजह से शरीर का निचला हिस्सा पूरी तरह से लकवाग्रस्त हो गया और राहुल व्हीलचेयर पर आ गया।
इस हादसे के बाद स्थितियां पूरी तरह से बदल गईं। यहां से अनामिका के प्यार की परीक्षा शुरू हुई। परिजनों का रुख और कड़ा हो गया लेकिन अनामिका ने राहुल का साथ देने का फैसला लिया। इस बीच राहुल अपना इलाज कराने सितंबर 2019 में चंडीगढ़ के सेक्टर-28 स्थित स्पाइनल रिहैब सेंटर पहुंचा।
राहुल का साथ देने अनामिका भी करीब छह महीने बाद चंडीगढ़ पहुंच गईं। दोनों का एक-दूजे के लिए प्यार देखकर परिवारवालों से भी मना नहीं किया गया और आखिरकार राहुल के जन्मदिन के दिन 23 नवंबर 2020 को दोनों ने चंडीगढ़ में शादी कर ली। फिलहाल दोनों चंडीगढ़ के रिहैब सेंटर में ही रह रहे हैं।
अनामिका ने कहा कि किसी भी रिश्ते में भरोसा बहुत जरूरी है। कहा कि खुद के लिए क्या कर सकते हैं, इससे ज्यादा जरूरी है कि अपने साथी के लिए क्या कर सकते हैं। इसी में प्यार छिपा होता है।