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हरियाणा: स्कूल मुखिया की जिम्मेदारी तय, एक भी लड़की सरकारी स्कूल न छोड़े, इसलिए गली-गली जाएंगे शिक्षक
Sat, 02 Apr 2022 02:36 AM IST
भूपेंद्र सिंह
यशपाल शर्मा, अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
यशपाल शर्मा, अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sat, 02 Apr 2022 02:36 AM IST
सार
छठी और नौवीं कक्षा में आसपास के स्कूल में दाखिला दिलाना की जिम्मेदारी स्कूल मुखियाओं को दी गई है। 11वीं के दाखिलों पर विशेष ध्यान रहेगा। इसके लिए शिक्षक गांव-गांव गली-गली जाएंगे।
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- फोटो : Social Media
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विस्तार
हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग छठी और नौवीं कक्षा में लड़कियों के सरकारी स्कूलों को छोड़ने पर सतर्क हो गया है। नए शैक्षणिक सत्र के लिए स्कूल मुखिया की जिम्मेदारी तय कर दी गई है कि एक भी लड़की स्कूल छोड़कर घर न बैठे, न ही सरकारी से निजी स्कूलों में दाखिला ले। मुख्य शिक्षकों, मौलिक मुख्याध्यापकों को आसपास के सरकारी स्कूल में उन्हें अगली कक्षा में दाखिला दिलाना ही होगा। 11वीं कक्षा के दाखिलों पर सरकार का विशेष ध्यान है, गली-गली और गांव-गांव शिक्षकों को भेजा जाएगा।
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स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रवेश उत्सव का खाका खींच लिया है। पहली से 12वीं कक्षा तक तीन लाख से अधिक विद्यार्थी बढ़ाने की योजना है। 11वीं में तो शिक्षा निदेशालय ने निजी स्कूलों को कड़ी टक्कर देने की ठानी है। चूंकि, सभी बच्चों को टैब दिए जा रहे हैं। शिक्षक घर-घर जाकर अभिभावकों को सरकारी स्कूलों की पढ़ाई, फीस, सुविधाओं और टैबलेट से होने वाले लाभ के बारे में बताएंगे। उन्होंने सरकारी स्कूल में दाखिला लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
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शिक्षामंत्री कंवर पाल गुर्जर ने कहा कि मुख्य ध्यान दो बातों पर रहेगा कि पांचवीं से छठी और आठवीं से नौवीं कक्षा में लड़कियां निजी स्कूलों में दाखिला न लें। साथ ही हर बच्चा किसी न किसी सरकारी स्कूल में ही प्रवेश पाए। दाखिलों के दौरान विभाग हर जिले में पंचायतों के अलावा स्कूल प्रबंधन समितियों का भी सहयोग लिया जाएगा। अपने स्कूलों में अत्याधुनिक सुविधाएं बच्चों को मुहैया करा रहे हैं।
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नया शैक्षणिक सत्र 13 अप्रैल से होगा शुरू
शिक्षा मंत्री ने बताया कि नया शैक्षणिक सत्र 13 अप्रैल से शुरू होगा। नौवीं की कक्षाएं 3 और 11वीं की परीक्षाएं 7 अप्रैल को खत्म हो रही हैं। 11 अप्रैल को परिणाम आएगा। 12 अप्रैल से प्रवेश उत्सव शुरू करेंगे। यह मई-जून महीने तक चलता रहेगा।
स्कूलों में नहीं होगी शिक्षकों की कमी
कंवरपाल ने कहा कि प्रदेश के स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए प्रयासरत हैं। जेबीटी-पीआरटी की कोई कमी नहीं है। तीन हजार शारीरिक शिक्षा और कला शिक्षा सहायकों की भर्ती रोजगार निगम जल्दी कर लेगा। एक हजार से अधिक सेवानिवृत्त शिक्षकों को सुगम पोर्टल के जरिये 13 अप्रैल के बाद ज्वाइन कराएंगे। टीजीटी और पीजीटी के 4500 पदों की भर्ती इसी शैक्षणिक सत्र में हो जाएगी।
कर्मचारी चयन आयोग ने भर्ती के नियम-शर्तों में बदलाव के कारण भर्ती प्रक्रिया वापस ली है, जल्दी दोबारा से आवेदन लिए जाएंगे। महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक हर स्कूल में उपलब्ध होंगे। विद्यार्थी संख्या जितनी बढ़ेगी, उसी हिसाब से शिक्षकों के पद भी भरेंगे।