सीएचबी ने भी सिटीजन चार्टर को दी मंजूरी, काम की समय सीमा हुई तय
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नगर निगम के बाद अब सीएचबी ने भी सिटीजन चार्टर को मंजूरी दे दी है। सोमवार को सीएचबी गर्वनिंग बॉडी की बैठक हुई, जिसमें चार्टर को पास किया गया। 21 दिन में प्रॉपर्टी ट्रांसफर और 21 दिन में ही नो ड्यूज सर्टिफिकेट देने का दावा किया गया है, जबकि अगर काम तय समय में नहीं हो, तो अफसरों पर कार्रवाई क्या होगी? यह अभी साफ नहीं है।
मालूम हो कि सिटीजन चार्टर का प्रस्ताव चार माह से लटका था। शहर में इस समय 62 हजार हाउसिंग बोर्ड के मकान हैं। सिटीजन चार्टर लागू होने के बाद हजारों परिवारों को राहत मिलेगी।
ये लोग अपने कामों के समय के निर्धारण के लिए सिटीजन चार्टर लागू करने की मांग कर रहे थे। चेयरमैन मनिंदर सिंह बैंस के प्रयास से चार्टर के प्रस्ताव को बनाया गया था।
इन कामों के लिए 21 दिन की समय सीमा तय
समय और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी
स्मार्ट सिटी के लिए भी हर विभाग में सिटीजन चार्टर लागू होना जरूरी है। इस समय तत्काल स्कीम को छोड़कर सीएचबी में काम करवाने के लिए लोगों के पसीने छूटते हैं क्योंकि किसी भी काम की समय सीमा तय नहीं है।
दो साल पहले तक हाउसिंग बोर्ड ने जीपीए से प्रॉपर्टी ट्रांसफर करवाने पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई हुई थी, लेकिन अब यह सुविधा लोगों को मिल रही है। बोर्ड के मनोनीत सदस्य प्रेम कौशिक, तरसेम गर्ग और रघुवीर लाल अरोड़ा की ओर से भी सिटीजन चार्टर लागू करने का लगातार दबाव बनाया जा रहा था।
इन कामों के लिए 21 दिन की समय सीमा तय
1. ब्लड रिलेशन में रिहायशी और कॉमर्शियल प्रॉपर्टी ट्रांसफर करवाना, आवेदन करने के सात दिन के भीतर पब्लिक नोटिस जारी होना चाहिए।
2. जीपीए से प्रॉपर्टी ट्रांसफर।
3. सेल डीड, ट्रांसफर डीड और गिफ्ट में प्रॉपर्टी ट्रांसफर।
4. सीएचबी द्वारा नो ड्यूज सर्टिफिकेट लेने के लिए 21 दिन
5. एकमुश्त राशि का प्रमाणपत्र।
इनके लिए अलग टाइम लिमिट
फ्री होल्ड प्रॉपर्टी की कनवेएंस डीड के लिए आवेदन के बाद 5 दिन।
लोन न देने पर जब्त की गई प्रॉपर्टी को छुड़वाने के लिए नो आबजेक्शन सर्टिफिकेट लेने के लिए 7 दिन।
अलॉटमेंट कॉपी, कब्जा लेने की डुप्लीकेट प्रति लेने के लिए 28 दिन।
राशि का रिफंड और अन्य जमा राशि वापस लेने के लिए 14 दिन।
समय पर काम न हो तो कार्रवाई का प्रावधान होना चाहिए
तत्काल स्कीम में यह है व्यवस्था
सीएचबी की ओर से तत्काल स्कीम के तहत रिहायशी प्रॉपर्टी पांच और कॉमर्शियल प्रॉपर्टी सात वर्किंग डे में ट्रांसफर की जाती है। इसके लिए बोर्ड की ओर से 20 से 50 हजार रुपये चार्ज किए जाते हैं। सामान्य तरीके से प्रॉपर्टी ट्रांसफर में 200 से दस हजार रुपये का शुल्क अदा करना पड़ता है।
समय पर काम न हो तो कार्रवाई का प्रावधान होना चाहिए
बोर्ड के सदस्य प्रेम कौशिक का कहना है कि समय पर काम न होने पर अधिकारियों पर कार्रवाई का प्रावधान होना चाहिए। सोमवार को सिटीजन चार्टर पास किया गया है, लेकिन इस पहलू पर अभी विचार नहीं किया गया है। जल्द ही सीएचबी चेयरमैन से मिलकर समय सीमा के भीतर काम न होने पर कार्रवाई का प्रावधान शामिल करने को कहा जाएगा।
कर्मचारियों की कमी के कारण नहीं लगाया जुर्माने का प्रावधान
सीएचबी में इस समय स्टाफ की कमी है। अधिकारियों के अनुसार इस कारण ही जुर्माने का प्रावधान शामिल नहीं किया गया है, लेकिन अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वह खुद ही समय रहते आवेदनकर्ता का काम कर दें।
निगम के चार्टर में एक हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान
नगर निगम के सिटीजन चार्टर के अनुसार अगर जिम्मेवार अधिकारी एवं कर्मचारी शिकायत दर्ज करने के बावजूद समय सीमा के भीतर काम नहीं करता है तो उस पर प्रतिदिन के हिसाब से 10 से लेकर अधिकतम एक हजार रुपये तक जुर्माना लगाने का प्रावधान रखा गया है।