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जीएमसीएच के हर ब्लॉक पर मंडरा रहा कोरोना का खतरा
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चंडीगढ़। सेक्टर-32 स्थित जीएमसीएच के कोने-कोने में कोरोना का खतरा मंडरा रहा है क्योंकि अस्पताल प्रशासन ने सभी ब्लॉक में कोरोना से जुड़े यूनिट बना दिए हैं। बीते शुक्रवार को अस्पताल के एक वार्ड अटेंडेंट में कोरोना की पुष्टि हो चुकी है। कोरोना की चपेट में आने वाला यह स्टाफ जनरल ओटी के बाहर ड्यूटी कर रहा था। उसे पता भी नहीं चला और वह कोरोना की चपेट में आ गया। इसके बावजूद अस्पताल प्रशासन इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहा।
अस्पताल प्रशासन बिना सुरक्षा व्यवस्था के ही अपने स्टाफ को हर जगह ड्यूटी पर लगा दिया है। नतीजतन किसी भी बाहरी से संपर्क में आकर यहां के डॉक्टर और स्टाफ संक्रमित हो सकते हैं। इसी का उदाहरण शुक्रवार को पॉजिटिव आया अस्पताल का ओटी अटेंडेंट है। उसे यह भी पता ही नहीं चला कि वह किसके संपर्क में आने से कोरोना पॉजिटिव हुआ। उसका कहना है कि वो तो ओटी के बाहर ड्यूटी करता था। उस दौरान बहुत से लोग वहां से गुजरते थे और उससे कुछ न कुछ पूछते रहते थे।
मानक छोड़िए यहां ढंग का मास्क भी नहीं दे रहे
जीएमसीएच में कोरोना से बचाव के सभी मानकों को तो छोड़िए स्टाफ को ढंग का मास्क तक नहीं दिया जा रहा। कोरोना ग्रस्त मरीज इसके बारे में खुद जानकारी दे चुका है कि उसे उसे यूज एंड थ्रो मास्क देकर महज खानापूर्ति की गई थी। इसके कारण वो संक्रमित हो गया।
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यहां-यहां है कोरोना के मरीजों के लिए व्यवस्था
- ए ब्लॉक में आइसोलेशन वार्ड, आईसीयू और कोरोना के मरीजों के लिए ऑपरेशन थियेटर बनाया गया है।
- ब्लॉक सी में कोरोना के मरीजों के लिए सर्जिकल वार्ड बनाया गया है।
- डी ब्लॉक में कोरोना के मरीजों की ओपीडी बनाई गई है।
- सराय बिल्डिंग में हॉस्पिटल के डॉक्टरों की ड्यूटी के बाद ठहरने की व्यवस्था की गई है।
कोट
मानकों को ध्यान में रखते हुए ही कोरोना से संबंधित सभी वार्ड और अन्य स्थान बनाए गए हैं। जीएमसीएच में डॉक्टर समेत सभी स्टाफ की सुरक्षा की पूरी व्यवस्था है।
-डॉ. रवि गुप्ता, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, जीएमसीएच
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अस्पताल प्रशासन बिना सुरक्षा व्यवस्था के ही अपने स्टाफ को हर जगह ड्यूटी पर लगा दिया है। नतीजतन किसी भी बाहरी से संपर्क में आकर यहां के डॉक्टर और स्टाफ संक्रमित हो सकते हैं। इसी का उदाहरण शुक्रवार को पॉजिटिव आया अस्पताल का ओटी अटेंडेंट है। उसे यह भी पता ही नहीं चला कि वह किसके संपर्क में आने से कोरोना पॉजिटिव हुआ। उसका कहना है कि वो तो ओटी के बाहर ड्यूटी करता था। उस दौरान बहुत से लोग वहां से गुजरते थे और उससे कुछ न कुछ पूछते रहते थे।
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मानक छोड़िए यहां ढंग का मास्क भी नहीं दे रहे
जीएमसीएच में कोरोना से बचाव के सभी मानकों को तो छोड़िए स्टाफ को ढंग का मास्क तक नहीं दिया जा रहा। कोरोना ग्रस्त मरीज इसके बारे में खुद जानकारी दे चुका है कि उसे उसे यूज एंड थ्रो मास्क देकर महज खानापूर्ति की गई थी। इसके कारण वो संक्रमित हो गया।
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यहां-यहां है कोरोना के मरीजों के लिए व्यवस्था
- ए ब्लॉक में आइसोलेशन वार्ड, आईसीयू और कोरोना के मरीजों के लिए ऑपरेशन थियेटर बनाया गया है।
- ब्लॉक सी में कोरोना के मरीजों के लिए सर्जिकल वार्ड बनाया गया है।
- डी ब्लॉक में कोरोना के मरीजों की ओपीडी बनाई गई है।
- सराय बिल्डिंग में हॉस्पिटल के डॉक्टरों की ड्यूटी के बाद ठहरने की व्यवस्था की गई है।
कोट
मानकों को ध्यान में रखते हुए ही कोरोना से संबंधित सभी वार्ड और अन्य स्थान बनाए गए हैं। जीएमसीएच में डॉक्टर समेत सभी स्टाफ की सुरक्षा की पूरी व्यवस्था है।
-डॉ. रवि गुप्ता, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, जीएमसीएच