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कोर्ट ने दिया कुर्की का आदेश, किसान उठा ले गए SDM ऑफिस का सारा सामान
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
Updated Tue, 25 Oct 2016 09:51 PM IST
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एसडीएम दफ्तर के कंप्यूटर और सामान ले गए किसान
- फोटो : अमर उजाला
मोहाली के गांव चिल्लां में रेलवे के लिए कई साल पहले अधिगृहीत की गई जमीन का बढ़ा हुआ मुआवजा किसानों को न देने के मामले में नया मोड़ आ गया है। अदालत के आदेश पर भी भुगतान न करने पर किसान अदालत के मुलाजिम की मौजूदगी में एसडीएम दफ्तर का फर्नीचर, कंप्यूटर व अन्य सामान ट्रॉलियों में भरकर ले गए। किसानों ने सारा सामान अपने गांव में रख लिया है। हालांकि सरकारी बोलेरो जीप अटैच होने से बच गई।
अदालत में केस दायर करने वाले याची गांव चिल्ला निवासी दर्शन सिंह ने बताया कि रेलवे द्वारा गांव 2001 में रेल लाइन के लिए जमीन अधिगृहीत की गई थी। इस दौरान गांव चिल्लां व रायपुर खुर्द के बलदेव सिंह, मनसा सिंह, बत सिंह, हरि ओम, उजागर सिंह, अवतार सिंह, रणधीर सिंह व कई और कई लोगों की जमीन एक्वायर हुई थी। उस समय किसानों को जमीन का मुआवजा छह लाख रुपये प्रति एकड़ दिया गया था, लेकिन कुछ किसानों ने इसका विरोध किया। वह इस मामले को अदालत ले गए थे।
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अदालत में केस दायर करने वाले याची गांव चिल्ला निवासी दर्शन सिंह ने बताया कि रेलवे द्वारा गांव 2001 में रेल लाइन के लिए जमीन अधिगृहीत की गई थी। इस दौरान गांव चिल्लां व रायपुर खुर्द के बलदेव सिंह, मनसा सिंह, बत सिंह, हरि ओम, उजागर सिंह, अवतार सिंह, रणधीर सिंह व कई और कई लोगों की जमीन एक्वायर हुई थी। उस समय किसानों को जमीन का मुआवजा छह लाख रुपये प्रति एकड़ दिया गया था, लेकिन कुछ किसानों ने इसका विरोध किया। वह इस मामले को अदालत ले गए थे।
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रेलवे के लिए अधिगृहीत जमीन का बढ़ा हुआ मुआवजा न देने का मामला
एसडीएम दफ्तर के कंप्यूटर और सामान ले गए किसान
- फोटो : अमर उजाला
अदालत ने 31 जुलाई 2009 को मुआवजा राशि 11 लाख रुपये बढ़ाकर इसे 17 लाख प्रति एकड़ कर दिया। इसके बाद भी भुगतान नहीं किया गया। किसान दर्शन सिंह ने बताया कि एक माह पहले अदालत ने एसडीएम दफ्तर को किसानों को मुआवजा देने के आदेश दिए थे, लेकिन भुगतान नहीं किया गया।
इसके बाद अदालत ने एसडीएम दफ्तर की बोलेरो जीप, दफ्तर का फर्नीचर, एसी, कंप्यूटर की कुर्की करने के आदेश दिए थे, लेकिन इसके बाद भी एसडीएम दफ्तर की तरफ से अदालत में कोई जवाब नहीं दिया गया। सोमवार को किसान अदालत के कर्मचारी की मौजूदगी में एसडीएम दफ्तर की 20 कुर्सियां, 10 टेबल, छह अलमारियां, चार कंप्यूटर अपनी दो ट्रॉलियों में भरकर ले गए। हालांकि एसी निकालने के लिए बिजली का काम करने वाला आदमी न मिलने के कारण उसे नहीं ले गए।
इसके बाद अदालत ने एसडीएम दफ्तर की बोलेरो जीप, दफ्तर का फर्नीचर, एसी, कंप्यूटर की कुर्की करने के आदेश दिए थे, लेकिन इसके बाद भी एसडीएम दफ्तर की तरफ से अदालत में कोई जवाब नहीं दिया गया। सोमवार को किसान अदालत के कर्मचारी की मौजूदगी में एसडीएम दफ्तर की 20 कुर्सियां, 10 टेबल, छह अलमारियां, चार कंप्यूटर अपनी दो ट्रॉलियों में भरकर ले गए। हालांकि एसी निकालने के लिए बिजली का काम करने वाला आदमी न मिलने के कारण उसे नहीं ले गए।