{"_id":"63657a9bdd852116342ec3a5","slug":"the-corporation-cut-the-cable-wires-going-through-the-trees-there-was-an-outcry-in-the-city-chandigarh-news-pkl4673242165","type":"story","status":"publish","title_hn":"निगम ने काटे पेड़ों से होकर जा रहे केबल तार, शहर में मच गया हाहाकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निगम ने काटे पेड़ों से होकर जा रहे केबल तार, शहर में मच गया हाहाकार
विज्ञापन
चंडीगढ़। नगर निगम ने पेड़ों के ऊपर से गुजरने वाले केबल काटने शुरू कर दिए हैं। इसे लेकर ज्यादातर सेक्टरों में इंटरनेट की समस्या बढ़ गई है। निगम ने केबल कंपनियों को दो माह का समय देकर केबल भूमिगत करने को कहा था लेकिन कंपनियों ने ये काम नहीं किया। इस कारण निगम ने खुद कार्रवाई शुरू कर दी है।
निगम के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि किसी भी तार पर टैगिंग नहीं की गई है कि कौन सा तार किस कंपनी का है। वहीं कुछ अनाधिकृत कंपनियां भी बिना अनुमति के केबल डालकर लोगों को इंटरनेट उपलब्ध करा रहीं हैं। उधर, अचानक नेट बंद होने से लोगों के सामने भी संकट पैदा हो गया है।
नगर निगम ने बीएंडआर विभाग के तीनों एक्सईएन को आदेश जारी कर उनके क्षेत्र में पेड़ों के ऊपर से जा रहे तारों को हटाने को कहा है। कार्रवाई होते ही कई सेक्टरों की एसोसिएशन के पदाधिकारी निगम पहुंचने लगे हैं। वह अधिकारियों ने केबल तार न काटने की अपील कर रहे हैं। अधिकारी उन्हें समझा रहे हैं कि केबल को अंडरग्राउंड करने के लिए कंपनियों को मौका दिया गया था लेकिन ज्यादातर क्षेत्रों में अभी भी केबल पेड़ों से होकर गुजर रहे हैं।
विज्ञापन
वर्ष 2019 में सदन की बैठक में तय हुआ था कि कोई भी कंपनी केबल डालेगी तो उस पर अपनी टैंगिंग जरूर करेगी ताकि किसी समस्या के दौरान संबंधित कंपनी से बात की जा सके लेकिन तार काटते समय अधिकारियों ने देखा कि किसी भी तार पर टैगिंग नहीं थी। कुछ तार तो ऐसी कंपनियों के हैं जो इंटरनेट सेवा नहीं दे सकतीं फिर भी वह काम कर रही हैं।
विज्ञापन
निगम के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि किसी भी तार पर टैगिंग नहीं की गई है कि कौन सा तार किस कंपनी का है। वहीं कुछ अनाधिकृत कंपनियां भी बिना अनुमति के केबल डालकर लोगों को इंटरनेट उपलब्ध करा रहीं हैं। उधर, अचानक नेट बंद होने से लोगों के सामने भी संकट पैदा हो गया है।
विज्ञापन
नगर निगम ने बीएंडआर विभाग के तीनों एक्सईएन को आदेश जारी कर उनके क्षेत्र में पेड़ों के ऊपर से जा रहे तारों को हटाने को कहा है। कार्रवाई होते ही कई सेक्टरों की एसोसिएशन के पदाधिकारी निगम पहुंचने लगे हैं। वह अधिकारियों ने केबल तार न काटने की अपील कर रहे हैं। अधिकारी उन्हें समझा रहे हैं कि केबल को अंडरग्राउंड करने के लिए कंपनियों को मौका दिया गया था लेकिन ज्यादातर क्षेत्रों में अभी भी केबल पेड़ों से होकर गुजर रहे हैं।
विज्ञापन
वर्ष 2019 में सदन की बैठक में तय हुआ था कि कोई भी कंपनी केबल डालेगी तो उस पर अपनी टैंगिंग जरूर करेगी ताकि किसी समस्या के दौरान संबंधित कंपनी से बात की जा सके लेकिन तार काटते समय अधिकारियों ने देखा कि किसी भी तार पर टैगिंग नहीं थी। कुछ तार तो ऐसी कंपनियों के हैं जो इंटरनेट सेवा नहीं दे सकतीं फिर भी वह काम कर रही हैं।